Tuesday, March 31, 2026

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Mewad Talent Hunt 2025 में जगह बनाई शेखावाटी गायिकी के रत्न है ज़ाकिर  दिलबर ने

जागरूकता गीतों से बनाई अपनी पहचान संपूर्ण राजस्थान मे, गायकी का सिरमौर बना गायक जाकिर दिलबर।

जिला इलेक्शन आइकॉन,शेखावाटी रत्न,हरियाणा गौरव, सहित अनेक अवार्ड मिल चुके हैं।

झुन्झुनू शहर के मशहूर गायक ,गीतकार और कंपोजर जाकिर दिलबर आज किसी परिचय का मोहताज नहीं है। बचपन से गाने का शोक रखने वाले गायक जाकिर दिलबर ने अपनी मेहनत के बलबूते झुंझुनू ही नहीं वरन सम्पूर्ण भारत वर्ष में अपनी खूबसूरत मखमली आवाज से जहां लोगो के दिल में जगह बनाई वही अपने खुद के लिखे जागरूकता गीतों से समाज में फैली बुराइयों को अपने गीतों के माध्यम से जो संदेश जन जन तक पहुंचाया है इसी वजह से आज सम्पूर्ण भारत में अपनी एक अलग पहचान बना चुके गायक जाकिर दिलबर को अनेकों पुरस्कार,अवार्ड से नवाजा जा चुका है।

इनके जागरूकता गीतों के लिए ग्लोबल शिक्षा फाउंडेशन ऑफ महाराष्ट्र इंडिया की ओर से आइकॉन ऑफ इंडिया का अवार्ड दिया गया । इनकी इस कला के लिए इन्हें झुंझुनू जिला प्रशासन ने अपनी विभिन्न योजनाओं के प्रचार प्रसार का ब्रांड एम्बेसडर बनाया गया और  इनको झुंझुनू जिले का निर्वाचन विभाग का इलेक्शन आइकॉन के रूप में भी पहचान मिली है। गायक जाकिर दिलबर बताते हैं कि संगीत की शिक्षा मैने कही से भी नही ली बस रेडियो पर गाने सुन सुनकर गाने का अभ्यास करता और रात को रोज बिनाका गीत माला पर गीत सुनते सुनते सो जाया करता था। गाने का ऐसा जुनून था कि मैं ज्यादा पढ़ भी नहीं पाया और महज आठवी क्लास तक ही पढ़ पाया क्युकी पढ़ाई में मन नहीं लगता बस मुझे तो गायक बनने की धुन सवार थी और इसी शोक के चलते  ऑडियो कैसेट की शॉप खोली और शॉप में पूरे दिन कस्टमर गाने भरवाने आते थे और मैं भी गाने रिकॉर्ड करने के साथ साथ गाता था और पूरे दिन भर में अलग अलग गायकों के गीत साथ में गाता रहता था शॉप चूंकि मुहल्ले में थी तो आने जाने वालों की नजर यकायक मेरी ओर पड़ती थीं गायकी का शोक ऐसा लगा कि दिन भर में जितने पैसे कमाता वो में अपने ही ऊपर खर्च करने गाने के लिए दूर दूर तक जाने लगा बस यही सोचकर कि कभी तो लोग मुझे अपने नाम से जानेंगे । पंद्रह अगस्त हो या 26 जनवरी स्कूल के हर प्रोग्राम में मुझे बुलाया जाने लगा पंकज उधास का गीत चिट्ठी आई है वतन से मेरी पहली सार्वजनिक मंचीय प्रस्तुति गांव नूवा में थी वहीं लता जी का गाया हुवा देश भक्ति गीत ऐ मेरे वतन के लोगो मेरे से अक्सर सुना जाता था। जयपुर की संगीत संस्था संगीत आश्रम की ओर से एक देश भक्ति गीतों की ऑडियो कैसेट वतन की खुशबू में पहली बार गाने का मौका मिला और स्टूडियो में केसे गाया जाता है इसका अनुभव भी पहली बार हुआ और इसी संस्था ने जयपुर के रविन्द्र मंच पर प्रोग्राम किया और सभी गायकों को सम्मानित किया गया जिसमे मै भी शामिल था । यूं तो मेरी गायकी चल रही थी लेकिन 1992,95 का वो दौर था जिसमे सिर्फ दो ही गायकों की आवाज हर तरफ सुनाई पड़ती थी पाकिस्तानी गजल गायक अताउल्लाह खान और हीरो फिल्म की गायिका रेशमा इन दोनों की आवाज जेसे मेरे गले में बस गई हो और एक दिन वो मौका भी आया जब मोहल्ले में एक शादी में ऑर्केस्ट्रा आया आया हुआ था और मैं भी प्रोग्राम देखने चला गया था उस समय थोड़े बहुत लोग मुझे जानते थे कि मैं भी गाता हूं और लोगो ने मुझे स्टेज पर खड़ा कर दिया और मैने पहली बार अताउल्लाह खान की गजल अच्छा सिला दिया तूनेऔर रेशमा का गीत लंबी जुदाई गाया तो हुबहू इन दोनों गायको की आवाज जब मेरे गले से निकली तो रातों रात में पूरे झुंझुनू शहर में मशहूर हो गया और उसके बाद तो कही भी कोई प्रोग्राम होता मुझे घर से बुलाकर लोग ले जाने लगे और बस इन्ही दो गायकों के गीत मुझसे सुने जाने लगे । 1995 में मेरा पहला टीवी शो गुदगुदी अंताक्षरी दूरदर्शन पर प्रसारित हुआ था जिसमे मैने प्रथम स्थान प्राप्त किया और मेरी कोशिश इसी दौरान लगातार जारी थी और 2002 में स्टार प्लस का शो चलती का नाम अंताक्षरी शो में आया जिसको नदिया के पार फिल्म के हीरो सचिन ने होस्ट किया था में मैने राजस्थान में प्रथम स्थान प्राप्त किया और मुझे ढेरो इनाम मिले । समय के साथ साथ मेरी पहचान काफी हो गई थी और इसी दौरान 2014 में मेरे द्वारा संगीत संस्था बज्म ए मौसिकी बनाई गई जिसका मुख्य उद्देश नए कलाकारों को मंच प्रदान कर उनको आगे लाना और संस्था ने काफी सफल प्रोग्राम आयोजित कर झुंझुनू की जनता का ध्यान अपनी ओर खींचा । गायक जाकिर दिलबर ने बताया कि साल 2018 का वो कोरोना काल जिसने पूरी दुनिया को रोक दिया था कोई नही भूल सकता लेकिन यही भयंकर corona मेरे लिए अच्छा साबित हुआ और इसी corona ने मुझे बुलंदियों तक पहुंचाया इसमें कोई शक नहीं है पूरे corona काल में अपने लिखे corona अवेयरनेस गीतों से झुंझुनू में ही नहीं वरन सम्पूर्ण भारत वर्ष में गायक जाकिर दिलबर को एक अलग पहचान ही नहीं बनाई बल्कि पूरे देश भर से हर राज्यों,जिले से सामाजिक संस्था, गैर सामाजिक व एनजीओ संस्थाओं से उन्हे ऑन लाइन कोरोना योद्धा के 25,30 सर्टिफिकेट और ट्रॉफी से नवाजा गया और दैनिक भास्कर के स्पेसल 26 कोरोना योद्धा अवार्ड भी गायक जाकिर दिलबर को दिया गया। Corona काल में कुल सात corona अवेयरनेस गीत लिखे जिसमे मुख्य रूप से दो गीत ये दौर है मुश्किल का हमें देश बचाना है और खेल ना बंदे korona से काफी चर्चित हुवे और पूरे भारतवर्ष में खूब सुने गए और कुछ नए गायकों ने भी मेरे ये गीत गाएं वही महाराष्ट्र पुलिस ने भी मेरे गीतों को गाया। आवाज की दुनिया में पहचान बढ़ी तो सामाजिक सरोकारों से भी जुड़ा और झुंझुनू जिला प्रशासन द्वारा और पूर्व  गहलोत सरकार में पूरे राजस्थान में ऑपरेशन आवाज चलाया गया जिसका थीम सॉन्ग झुंझुनू पुलिस की है आवाज,नारी शक्ति का आगाज काफी प्रसिद्ध गीत रहा और इसके लिए जिला प्रशासन ने मुझे सम्मानित किया और पुलिस डायरी में मेरे गीत को मेरी फोटो के साथ छापा गया।

गायक जाकिर दिलबर ने बताया कि मेने अभी तक बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ,सड़क सुरक्षा,मतदान जागरूकता,नशा मुक्ति,पर्यावरण,देश भक्ति, सांप्रदायिक सौहार्द, आदि सामाजिक सरोकार को लेकर गीत लिखे और गाए हैं। देश भक्ति गीतों  में मेरे दो गीत प्यारा वतन हमारा और सांप्रदायिक सौहार्द पर गाया गया गीत नफरत भाग जा भारत में थारो काई काम काफी पसंद किया गया और बहुत से लोगो ने इस पर रील बनाकर काफी शेयर किए मेरे तीन राजस्थानी गीत उड़ जा कागा गायिका किरण कुमावत के साथ तो यारा तोड़ गई क्यू दिल गायिका कीर्ति बराड़ के साथ काफी पसंद किया गया तो वहीं होली धमाल कद आवेगो पिया थारी याद घणी आवे खूब पसंद किया गया। अभी तक गायक जाकिर दिलबर के विभिन्न टीवी चैनल और यूट्यूब पर लगभग बीस से पच्चीस प्रोग्राम और इंटरव्यू आ चुके हैं जयपुर के आकाशवाणी से दो बार  इंटरव्यू और एक लाइव टेलीकास्ट आ चुके हैं। गायक जाकिर दिलबर ने आगे बताया कि अभी कुछ दिनों पहले इंटर नेशनल रेडियो सुर संगम पर फेस ऑफ सिंगिंग प्रतियोगिता में दूसरा स्थान प्राप्त कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर झुंझुनूं जिले का नाम रोशन किया है  गायक ज़ाकिर ने आगे बताया कि मेरे कुछ लिखे गीत रिलीज से पहले ही काफी चर्चा में आ गए जिसमे मुख्य रूप से झुर झुर रोव अंखियां, तू भी अकेली रोव मै भी अकेला, ऐ दिल तु मान जा उस बेवफा को तू भूल जा और छोड़ के ना जा तुझे प्यार का वास्ता सहित अनेक गीत बहुत जल्द रिलीज होने वाले हैं।प्रसिद्ध गायक हंस राज हंस के एक गीत पायल छम छम बोले से प्रभावित होकर मेरा लिखा व गाया गया गीत झुर झुर रोव अंखियां जिसका विडियो एल्बम बहुत जल्द देखने को मिलेगा  इस गीत को लेकर फिल्म इंडस्ट्री के प्रसिद्ध गायक सुदेश भौंसले,संगीतकार दिलीप सैन ,जूनियर गोविंदा,जूनियर शाहरुख खान,राजस्थान की स्वर कोकिला सीमा मिश्रा व जिले के पूर्व जिला कलेक्टर रवि जैन आदि ने भी गायक ज़ाकिर  दिलबर की  पीठ थपथपाई है।

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Mewad Talent Hunt 2025 में जगह बनाई शेखावाटी गायिकी के रत्न है ज़ाकिर  दिलबर ने

जागरूकता गीतों से बनाई अपनी पहचान संपूर्ण राजस्थान मे, गायकी का सिरमौर बना गायक जाकिर दिलबर।

जिला इलेक्शन आइकॉन,शेखावाटी रत्न,हरियाणा गौरव, सहित अनेक अवार्ड मिल चुके हैं।

झुन्झुनू शहर के मशहूर गायक ,गीतकार और कंपोजर जाकिर दिलबर आज किसी परिचय का मोहताज नहीं है। बचपन से गाने का शोक रखने वाले गायक जाकिर दिलबर ने अपनी मेहनत के बलबूते झुंझुनू ही नहीं वरन सम्पूर्ण भारत वर्ष में अपनी खूबसूरत मखमली आवाज से जहां लोगो के दिल में जगह बनाई वही अपने खुद के लिखे जागरूकता गीतों से समाज में फैली बुराइयों को अपने गीतों के माध्यम से जो संदेश जन जन तक पहुंचाया है इसी वजह से आज सम्पूर्ण भारत में अपनी एक अलग पहचान बना चुके गायक जाकिर दिलबर को अनेकों पुरस्कार,अवार्ड से नवाजा जा चुका है।

इनके जागरूकता गीतों के लिए ग्लोबल शिक्षा फाउंडेशन ऑफ महाराष्ट्र इंडिया की ओर से आइकॉन ऑफ इंडिया का अवार्ड दिया गया । इनकी इस कला के लिए इन्हें झुंझुनू जिला प्रशासन ने अपनी विभिन्न योजनाओं के प्रचार प्रसार का ब्रांड एम्बेसडर बनाया गया और  इनको झुंझुनू जिले का निर्वाचन विभाग का इलेक्शन आइकॉन के रूप में भी पहचान मिली है। गायक जाकिर दिलबर बताते हैं कि संगीत की शिक्षा मैने कही से भी नही ली बस रेडियो पर गाने सुन सुनकर गाने का अभ्यास करता और रात को रोज बिनाका गीत माला पर गीत सुनते सुनते सो जाया करता था। गाने का ऐसा जुनून था कि मैं ज्यादा पढ़ भी नहीं पाया और महज आठवी क्लास तक ही पढ़ पाया क्युकी पढ़ाई में मन नहीं लगता बस मुझे तो गायक बनने की धुन सवार थी और इसी शोक के चलते  ऑडियो कैसेट की शॉप खोली और शॉप में पूरे दिन कस्टमर गाने भरवाने आते थे और मैं भी गाने रिकॉर्ड करने के साथ साथ गाता था और पूरे दिन भर में अलग अलग गायकों के गीत साथ में गाता रहता था शॉप चूंकि मुहल्ले में थी तो आने जाने वालों की नजर यकायक मेरी ओर पड़ती थीं गायकी का शोक ऐसा लगा कि दिन भर में जितने पैसे कमाता वो में अपने ही ऊपर खर्च करने गाने के लिए दूर दूर तक जाने लगा बस यही सोचकर कि कभी तो लोग मुझे अपने नाम से जानेंगे । पंद्रह अगस्त हो या 26 जनवरी स्कूल के हर प्रोग्राम में मुझे बुलाया जाने लगा पंकज उधास का गीत चिट्ठी आई है वतन से मेरी पहली सार्वजनिक मंचीय प्रस्तुति गांव नूवा में थी वहीं लता जी का गाया हुवा देश भक्ति गीत ऐ मेरे वतन के लोगो मेरे से अक्सर सुना जाता था। जयपुर की संगीत संस्था संगीत आश्रम की ओर से एक देश भक्ति गीतों की ऑडियो कैसेट वतन की खुशबू में पहली बार गाने का मौका मिला और स्टूडियो में केसे गाया जाता है इसका अनुभव भी पहली बार हुआ और इसी संस्था ने जयपुर के रविन्द्र मंच पर प्रोग्राम किया और सभी गायकों को सम्मानित किया गया जिसमे मै भी शामिल था । यूं तो मेरी गायकी चल रही थी लेकिन 1992,95 का वो दौर था जिसमे सिर्फ दो ही गायकों की आवाज हर तरफ सुनाई पड़ती थी पाकिस्तानी गजल गायक अताउल्लाह खान और हीरो फिल्म की गायिका रेशमा इन दोनों की आवाज जेसे मेरे गले में बस गई हो और एक दिन वो मौका भी आया जब मोहल्ले में एक शादी में ऑर्केस्ट्रा आया आया हुआ था और मैं भी प्रोग्राम देखने चला गया था उस समय थोड़े बहुत लोग मुझे जानते थे कि मैं भी गाता हूं और लोगो ने मुझे स्टेज पर खड़ा कर दिया और मैने पहली बार अताउल्लाह खान की गजल अच्छा सिला दिया तूनेऔर रेशमा का गीत लंबी जुदाई गाया तो हुबहू इन दोनों गायको की आवाज जब मेरे गले से निकली तो रातों रात में पूरे झुंझुनू शहर में मशहूर हो गया और उसके बाद तो कही भी कोई प्रोग्राम होता मुझे घर से बुलाकर लोग ले जाने लगे और बस इन्ही दो गायकों के गीत मुझसे सुने जाने लगे । 1995 में मेरा पहला टीवी शो गुदगुदी अंताक्षरी दूरदर्शन पर प्रसारित हुआ था जिसमे मैने प्रथम स्थान प्राप्त किया और मेरी कोशिश इसी दौरान लगातार जारी थी और 2002 में स्टार प्लस का शो चलती का नाम अंताक्षरी शो में आया जिसको नदिया के पार फिल्म के हीरो सचिन ने होस्ट किया था में मैने राजस्थान में प्रथम स्थान प्राप्त किया और मुझे ढेरो इनाम मिले । समय के साथ साथ मेरी पहचान काफी हो गई थी और इसी दौरान 2014 में मेरे द्वारा संगीत संस्था बज्म ए मौसिकी बनाई गई जिसका मुख्य उद्देश नए कलाकारों को मंच प्रदान कर उनको आगे लाना और संस्था ने काफी सफल प्रोग्राम आयोजित कर झुंझुनू की जनता का ध्यान अपनी ओर खींचा । गायक जाकिर दिलबर ने बताया कि साल 2018 का वो कोरोना काल जिसने पूरी दुनिया को रोक दिया था कोई नही भूल सकता लेकिन यही भयंकर corona मेरे लिए अच्छा साबित हुआ और इसी corona ने मुझे बुलंदियों तक पहुंचाया इसमें कोई शक नहीं है पूरे corona काल में अपने लिखे corona अवेयरनेस गीतों से झुंझुनू में ही नहीं वरन सम्पूर्ण भारत वर्ष में गायक जाकिर दिलबर को एक अलग पहचान ही नहीं बनाई बल्कि पूरे देश भर से हर राज्यों,जिले से सामाजिक संस्था, गैर सामाजिक व एनजीओ संस्थाओं से उन्हे ऑन लाइन कोरोना योद्धा के 25,30 सर्टिफिकेट और ट्रॉफी से नवाजा गया और दैनिक भास्कर के स्पेसल 26 कोरोना योद्धा अवार्ड भी गायक जाकिर दिलबर को दिया गया। Corona काल में कुल सात corona अवेयरनेस गीत लिखे जिसमे मुख्य रूप से दो गीत ये दौर है मुश्किल का हमें देश बचाना है और खेल ना बंदे korona से काफी चर्चित हुवे और पूरे भारतवर्ष में खूब सुने गए और कुछ नए गायकों ने भी मेरे ये गीत गाएं वही महाराष्ट्र पुलिस ने भी मेरे गीतों को गाया। आवाज की दुनिया में पहचान बढ़ी तो सामाजिक सरोकारों से भी जुड़ा और झुंझुनू जिला प्रशासन द्वारा और पूर्व  गहलोत सरकार में पूरे राजस्थान में ऑपरेशन आवाज चलाया गया जिसका थीम सॉन्ग झुंझुनू पुलिस की है आवाज,नारी शक्ति का आगाज काफी प्रसिद्ध गीत रहा और इसके लिए जिला प्रशासन ने मुझे सम्मानित किया और पुलिस डायरी में मेरे गीत को मेरी फोटो के साथ छापा गया।

गायक जाकिर दिलबर ने बताया कि मेने अभी तक बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ,सड़क सुरक्षा,मतदान जागरूकता,नशा मुक्ति,पर्यावरण,देश भक्ति, सांप्रदायिक सौहार्द, आदि सामाजिक सरोकार को लेकर गीत लिखे और गाए हैं। देश भक्ति गीतों  में मेरे दो गीत प्यारा वतन हमारा और सांप्रदायिक सौहार्द पर गाया गया गीत नफरत भाग जा भारत में थारो काई काम काफी पसंद किया गया और बहुत से लोगो ने इस पर रील बनाकर काफी शेयर किए मेरे तीन राजस्थानी गीत उड़ जा कागा गायिका किरण कुमावत के साथ तो यारा तोड़ गई क्यू दिल गायिका कीर्ति बराड़ के साथ काफी पसंद किया गया तो वहीं होली धमाल कद आवेगो पिया थारी याद घणी आवे खूब पसंद किया गया। अभी तक गायक जाकिर दिलबर के विभिन्न टीवी चैनल और यूट्यूब पर लगभग बीस से पच्चीस प्रोग्राम और इंटरव्यू आ चुके हैं जयपुर के आकाशवाणी से दो बार  इंटरव्यू और एक लाइव टेलीकास्ट आ चुके हैं। गायक जाकिर दिलबर ने आगे बताया कि अभी कुछ दिनों पहले इंटर नेशनल रेडियो सुर संगम पर फेस ऑफ सिंगिंग प्रतियोगिता में दूसरा स्थान प्राप्त कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर झुंझुनूं जिले का नाम रोशन किया है  गायक ज़ाकिर ने आगे बताया कि मेरे कुछ लिखे गीत रिलीज से पहले ही काफी चर्चा में आ गए जिसमे मुख्य रूप से झुर झुर रोव अंखियां, तू भी अकेली रोव मै भी अकेला, ऐ दिल तु मान जा उस बेवफा को तू भूल जा और छोड़ के ना जा तुझे प्यार का वास्ता सहित अनेक गीत बहुत जल्द रिलीज होने वाले हैं।प्रसिद्ध गायक हंस राज हंस के एक गीत पायल छम छम बोले से प्रभावित होकर मेरा लिखा व गाया गया गीत झुर झुर रोव अंखियां जिसका विडियो एल्बम बहुत जल्द देखने को मिलेगा  इस गीत को लेकर फिल्म इंडस्ट्री के प्रसिद्ध गायक सुदेश भौंसले,संगीतकार दिलीप सैन ,जूनियर गोविंदा,जूनियर शाहरुख खान,राजस्थान की स्वर कोकिला सीमा मिश्रा व जिले के पूर्व जिला कलेक्टर रवि जैन आदि ने भी गायक ज़ाकिर  दिलबर की  पीठ थपथपाई है।

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