Sunday, March 29, 2026

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भावांतर की भीख नहीं एम एस पी पर भाव चाहिए फसल नुकसान का मुआवजा चाहिए बदनावर किसान


संवाददाता : जिला ब्यूरो विजय द्विवेदी

बदनावर। बदनावर के किसानों के द्वारा आज न्याय अधिकारी यात्रा हजारों ट्रैक्टरों के साथ निकाली गई रैली सब्जी मंडी परिसर से प्रारंभ होकर पिटगारा, महाराणा प्रताप चौक चौपाटी, बस स्टैंड, 34 नंबर चौराहा और पुनः सब्जी मंडी परिसर में पहुंचकर किसानों द्वारा एस डी एम महोदया प्रियंका मिमरोट और तहसीलदार सुरेश नागर को ज्ञापन सोफा
किसानों द्वारा कहा गया कि हमें भावांतर की भीख नहीं भाव चाहिए सोयाबीन ,गेहूं, लहसुन, प्याज, मटर, टमाटर सभी फसलों के भाव में भारी कमी है।इस कारण किसानों को काफी नुकसान अतिवृष्ट वर्षा, पीला मौजेक के कारण काफी नुकसान हुआ है ।


सरकार मुआवजा दे हमारे द्वारा बीमा कराया गया है जिसकी बीमा सहयोग राशि हमें चार पांच वर्षों से अभी प्राप्त नहीं हुई है। 2017-18 की भावांतर राशि अभी तक हमारे खातों में नहीं आई है तो हम 2025 के भावांतर पर विश्वास कैसे करें।
मंडी से लेकर कई समस्याएं हैं हमें सोयाबीन का पेमेंट लेने के लिए ग्रामीण किसानों को परेशान होना पड़ता है हमें राशि मंडी में दी जाए, घोड़ा रोज़ की समस्या से किसान परेशान है ऐसी अनेक समस्याओं को लेकर ग्रामीण अंचलों से पधारे हजारों ट्रैक्टरों के साथ में किसानों ने लगभग 3 किलोमीटर लंबी रैली निकालकर अपना आक्रोश का प्रदर्शन किया |

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भावांतर की भीख नहीं एम एस पी पर भाव चाहिए फसल नुकसान का मुआवजा चाहिए बदनावर किसान


संवाददाता : जिला ब्यूरो विजय द्विवेदी

बदनावर। बदनावर के किसानों के द्वारा आज न्याय अधिकारी यात्रा हजारों ट्रैक्टरों के साथ निकाली गई रैली सब्जी मंडी परिसर से प्रारंभ होकर पिटगारा, महाराणा प्रताप चौक चौपाटी, बस स्टैंड, 34 नंबर चौराहा और पुनः सब्जी मंडी परिसर में पहुंचकर किसानों द्वारा एस डी एम महोदया प्रियंका मिमरोट और तहसीलदार सुरेश नागर को ज्ञापन सोफा
किसानों द्वारा कहा गया कि हमें भावांतर की भीख नहीं भाव चाहिए सोयाबीन ,गेहूं, लहसुन, प्याज, मटर, टमाटर सभी फसलों के भाव में भारी कमी है।इस कारण किसानों को काफी नुकसान अतिवृष्ट वर्षा, पीला मौजेक के कारण काफी नुकसान हुआ है ।


सरकार मुआवजा दे हमारे द्वारा बीमा कराया गया है जिसकी बीमा सहयोग राशि हमें चार पांच वर्षों से अभी प्राप्त नहीं हुई है। 2017-18 की भावांतर राशि अभी तक हमारे खातों में नहीं आई है तो हम 2025 के भावांतर पर विश्वास कैसे करें।
मंडी से लेकर कई समस्याएं हैं हमें सोयाबीन का पेमेंट लेने के लिए ग्रामीण किसानों को परेशान होना पड़ता है हमें राशि मंडी में दी जाए, घोड़ा रोज़ की समस्या से किसान परेशान है ऐसी अनेक समस्याओं को लेकर ग्रामीण अंचलों से पधारे हजारों ट्रैक्टरों के साथ में किसानों ने लगभग 3 किलोमीटर लंबी रैली निकालकर अपना आक्रोश का प्रदर्शन किया |

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