अरविंद गर्ग चौरा
कर्नाटक में एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है। राजस्थान के जालोर निवासी एक बिजनेसमैन की गर्भवती पत्नी और 5 साल की बेटी चलती ट्रेन से गिरने के कारण मौत का शिकार हो गईं। हादसा 9 नवंबर की रात यादगिरी–नालवर स्टेशन के बीच हुआ था, जबकि शव 4 दिन बाद (13 नवंबर) झाड़ियों में मिले। कैसे हुआ हादसा? परिवार अनंतपुर (आंध्र प्रदेश) से जालोर आ रहा था। गाड़ी संख्या 22690 से सफर कर रहे थे। रात करीब 11:30 बजे, 5 साल की बेटी रवीना बाथरूम गई, माँ पुष्पा देवी (32) उसे साथ ले गईं। बाथरूम के बाहर फर्श पर पानी होने के कारण रवीना फिसली। उसे बचाते-बचाते पुष्पा भी फिसल गईं।
दुर्भाग्य से कोच का गेट खुला था, दोनों नीचे गिर गईं और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पुष्पा देवी 5 महीने की गर्भवती थीं। पोस्टमॉर्टम में भ्रूण भी निकाला गया। शव कैसे मिले? रात में गायब होने पर पति मांगीलाल ने तुरंत खोजबीन शुरू की और पुलिस को सूचना दी। रायचूर पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज की और स्थानीय राजस्थानियों की मदद ली। 13 नवंबर शाम 5 बजे, रेलवे पटरी के पास झाड़ियों में दोनों के शव मिले। पहाड़ी इलाका होने के कारण शव पटरी से नीचे खाई की ओर मिले। परिवार जालोर क्यों आ रहा था? 22 नवंबर को पुष्पा देवी के भाई की शादी थी। परिवार सिर्फ शादी में शामिल होने के लिए राजस्थान आ रहा था। मांगीलाल और उनके भाई पिछले 10 साल से अनंतपुर में मोबाइल एसेसरीज़ का व्यापार करते हैं। शव जालोर रवाना पोस्टमॉर्टम के बाद 14 नवंबर की सुबह शव एंबुलेंस से जालोर भेज दिए गए। यह घटना रेलवे सुरक्षा और ट्रेन कोच के खुले दरवाज़ों को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।




