Tuesday, February 10, 2026

National

spot_img

झुंझुनूं में चार दिवसीय तृतीय चरण कार्यशाला का सफल आयोजन


सुरेश सैनी

झुंझुनूं, 17 नवंबर । जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाईट) झुंझुनू में चार दिवसीय तृतीय चरण क्रियात्मक अनुसंधान कार्यशाला सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई। कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों ने अनुसंधान प्रक्रिया को व्यवहारिक रूप से समझते हुए शोध के प्रत्येक चरण का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त किया। सभी प्रतिभागियों ने विद्यालय, कक्षा तथा समुदाय स्तर से वास्तविक परिस्थितियों पर आधारित डेटा संग्रहण का कार्य गंभीरता एवं अनुशासन के साथ पूरा किया। वरिष्ठ शोध विशेषज्ञ अमर सिंह पुनिया ने प्रतिभागियों को शोध के महत्व, दृष्टिकोण तथा व्यवहारिक पद्धतियों से अवगत कराया।

डॉ. राजबाला ढाका, अलका, सरिता, अमर सिंह पुनिया एवं पीरामल टीम ने प्रशिक्षण दिया। जर्मनी के तकनीकी विशेषज्ञ ‘प्रोशांतो’ ने विशेष मार्गदर्शन किया। सहयोगी संस्था कनेक्टिंग ड्रीम फाउंडेशन से विनय तथा जर्मनी के तकनीकी विशेषज्ञ प्रोशांतो ने अनुसंधानकर्ताओं से व्यक्तिगत रूप से चर्चा कर डेटा संग्रहण व विश्लेषण प्रक्रिया पर मूल्यवान सुझाव प्रदान किए। प्रिंसिपल सुमित्रा झाझड़िया ने कहा कि नई शिक्षा नीति (NEP-2020) शिक्षकों को वास्तविक समस्याओं की पहचान कर शोध-आधारित समाधान विकसित करने के लिए प्रेरित करती है।

International

spot_img

झुंझुनूं में चार दिवसीय तृतीय चरण कार्यशाला का सफल आयोजन


सुरेश सैनी

झुंझुनूं, 17 नवंबर । जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाईट) झुंझुनू में चार दिवसीय तृतीय चरण क्रियात्मक अनुसंधान कार्यशाला सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई। कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों ने अनुसंधान प्रक्रिया को व्यवहारिक रूप से समझते हुए शोध के प्रत्येक चरण का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त किया। सभी प्रतिभागियों ने विद्यालय, कक्षा तथा समुदाय स्तर से वास्तविक परिस्थितियों पर आधारित डेटा संग्रहण का कार्य गंभीरता एवं अनुशासन के साथ पूरा किया। वरिष्ठ शोध विशेषज्ञ अमर सिंह पुनिया ने प्रतिभागियों को शोध के महत्व, दृष्टिकोण तथा व्यवहारिक पद्धतियों से अवगत कराया।

डॉ. राजबाला ढाका, अलका, सरिता, अमर सिंह पुनिया एवं पीरामल टीम ने प्रशिक्षण दिया। जर्मनी के तकनीकी विशेषज्ञ ‘प्रोशांतो’ ने विशेष मार्गदर्शन किया। सहयोगी संस्था कनेक्टिंग ड्रीम फाउंडेशन से विनय तथा जर्मनी के तकनीकी विशेषज्ञ प्रोशांतो ने अनुसंधानकर्ताओं से व्यक्तिगत रूप से चर्चा कर डेटा संग्रहण व विश्लेषण प्रक्रिया पर मूल्यवान सुझाव प्रदान किए। प्रिंसिपल सुमित्रा झाझड़िया ने कहा कि नई शिक्षा नीति (NEP-2020) शिक्षकों को वास्तविक समस्याओं की पहचान कर शोध-आधारित समाधान विकसित करने के लिए प्रेरित करती है।

National

spot_img

International

spot_img
RELATED ARTICLES