उमेश पाठक
24 नवंबर 2025 से। शाहपुर के संत श्री भक्त बाबा जिन्होंने अपना पूरा जीवन ईश्वर की शरण में निकला अंततोगत्वा 24 नवंबर को देह त्याग कर ईश्वर के सानिध्य में पहुंचे । यह उन साधुओं में जिन्होंने समाज को एक ऐसी ऊंचाई पर पहुंचाया जहां से सनातन की पूर्णता के साथ आम लोगों में प्रेम, दया , करुणा, दान की भावना जाग्रत की ।
पूरे जीवन ईश्वर की प्रार्थनाओं में निकालने वाले बक्की बाबा को प्रेम और भावपूर्ण हृदय से अंतिम स्थान पर अग्नि मिली । समाजसेवी दिवाकर द्विवेदी ने उनका अंतिम संस्कार विधि पूर्वक कर गुरु और एक संत के प्रति अपने प्रेम का एक अनूठा उदाहरण समाज के समक्ष रखा ।

श्री दिवाकर द्विवेदी जी का पुत्रवत धर्म निभाना और संत की सेवा, उपचार, और अंतिम संस्कार करना वास्तव में प्रशंसनीय है। यह समाज में एक नई दिशा और सोच को बढ़ावा देता है। बक्की बाबा को आपकी श्रद्धांजलि और दिवाकर द्विवेदी जी को आपके आभार से निश्चित रूप से समाज में एक अच्छा संदेश जाएगा।




