सुरेश सैनी
लिखवा ठेका फायरिंग के मामले में मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है मामला 21 नवंबर 2025 का है पीड़ित चैन सिंह ने रिपोर्ट दर्ज की मिंटू पुत्र मामन सिंह जाति राजपूत छपरा के शराब ठेका पर करीबन डेढ़ साल से काम कर रहा है जिसकी आवाज में मिंटू सिंह मासिक वेतन देता था हर रोज की तरह 21 नवंबर 2025 को मिंटू और पड़ोसी ठेका योगेश पुत्र महेंद्र सिंह जाति कुमार लिखवा जो गुरु गोरखनाथ धर्म कांटे पर काम करता है आने जाने वाले लोगों को शराब दे रहा था करीब शाम 7:30 बजे एक मोटरसाइकिल अचानक ठेके पर आकर रुकी और उसे पर से दो लड़के उतरे जिनका नाम सचिन उर्फ कालू पुत्र विजेंद्र मेघवाल और एक अन्य अपराधी साथ में था दोनों ने अपनी जेब में से पिस्तौल और एक कागज काउंटर पर रखा और बोला अपने सेट को दे देना और फायरिंग करते हुए वहां से चले गए।
इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करते हुए धारा 109(1), 111(3), 308(5), 351(2), 351(3), 61(2)(ए), 118(1), 62 भारतीय न्याय संहिता व 27 आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया जाकर अनुसंधान शुरू किया गया।
मामले की गंभीरता इतनी थी की 10 में गठित की गई । चारों तरफ मुखबिर तैनात कर दिए गए और मानवीय और तकनीकी सहायता लेते हुए 27 नवंबर 2025 को वारदात में शामिल आरोपी गण हिमांशु जाट पुत्र प्रभु दयाल और पंकज और उर्फ टोनी को गिरफ्तार कर लिया गया ।
घटना में मुख्य आरोपी अक्षय पंडित और माकड़ सचिन मौके से फरार चल रहे थे जिनको जिनकी तलाश में कई ठिकानों पर दबी दी गई 300 सीसीटीवी फुटेज देखे गए और 100 से भी अधिक ठिकानों पर देवेश दी गई। साइबर सेल की भी मदद ली गई और तकरीबन 750 किलोमीटर तक की दूरी तय की गई आखिर पुलिस को सफलता हासिल हुई और दोनों मुख्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है जिसे गहन जांच चल रही है।
प्रकरण में वांछित आरोपी अक्षय पंडित हरियाणा में भी शराब ठेकों पर फायरिंग करने की वारदात में फ़रार चल रहा है, जिसके विरुद्ध पूर्व में भी आर्म्स एक्ट, रंगदारी, आदि के प्रकरण दर्ज है। उक्त अक्षय पंडित द्वारा फ़रारी के दौरान पिलानी व आस-पास के लड़कों की गैंग बनाकर अपना आतंक फैलाने व ठेकों से रंगदारी वसूलने के लिए सुनियोजित तरीक़े से षड्यंत्र रचकर उक्त वारदात को अंजाम दिया है।




