चित्रांश शर्मा
शाहपुरा (भीलवाड़ा)।
वरिष्ठ नागरिक संस्थान शाहपुरा द्वारा शाहपुरा स्थापना दिवस के अवसर पर एक सराहनीय सामाजिक पहल करते हुए 0 से 13 वर्ष आयु वर्ग के 111 भील परिवारों के बच्चों को जर्सी वितरण किया गया। यह वितरण कार्य संस्थान के सदस्यों के सहयोग से संपन्न हुआ।
संस्थान के सह सचिव ललित कुमार चौहान ने जानकारी देते हुए बताया कि आज ही के दिन 14 अगस्त 1947 को दोपहर 3 बजे शाहपुरा के तत्कालीन नरेश राजाधिराज सुदर्शन देव ने दिल्ली में तत्कालीन गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल के समक्ष हस्ताक्षर कर शाहपुरा रियासत का भारत संघ में विलय किया था। इस ऐतिहासिक अवसर पर राज परिवार के सचिव नारायण सिंह चौहान (नारायण भाई) भी साथ उपस्थित रहे थे।
उन्होंने शाहपुरा के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि 14 अगस्त 1631 को शाहपुरा रियासत की स्थापना राजा सुजान सिंह सिसोदिया द्वारा की गई थी। अजमेर से उदयपुर जाते समय बालाजी की छतरी के पास एक छोटी नाडी पर शेर और बकरी को एक साथ पानी पीते देख उनके मन में नगर बसाने की प्रबल इच्छा जगी और तत्पश्चात शाहजहां के नाम पर शाहपुर नगर की स्थापना की गई।
इसी ऐतिहासिक परंपरा को ध्यान में रखते हुए आज भी दोपहर 3 बजे का समय तय किया गया, क्योंकि 14 अगस्त 1949 को भी 3 बजे शाहपुरा रियासत का विधिवत भारत संघ में विलय हुआ था।
इस सेवा कार्य के लिए संस्थान के सदस्यों, विशेष रूप से कैलाश वर्मा द्वारा विगत 5 दिनों से बिल परिवारों के 0–13 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों की सूची तैयार कर उल्लेखनीय योगदान दिया गया। यह आयोजन शाहपुरा स्थापना दिवस के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगा।
इस दौरान पत्रकार सुभाष व्यास एवं नरेश व्यास का विशेष सहयोग रहा।
कार्यक्रम का आयोजन संस्थान अध्यक्ष रघुनाथ प्रसाद वैष्णव के मार्गदर्शन एवं सचिव कैलाश चंद्र वर्मा के निर्देशन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत संस्था के उन चार सदस्यों के सम्मान से की गई जिनका जन्मदिन दिसंबर माह में आता है। इस अवसर पर राजेंद्र सिंह सांखला, शक्ति सिंह परिहार, विनय डांगी एवं गोपाल बोहरा का तिलक, माला अर्पण एवं श्रीफल भेंट कर सम्मान किया गया। यह सम्मान कैलाश वर्मा एवं संकल्प जगदीश प्रसाद जोशी द्वारा किया गया।
इसके साथ ही नए सदस्यों का भी तिलक व माला पहनाकर स्वागत किया गया। कार्यक्रम में शक्ति सिंह परिहार एवं दिनेश चंद्र सुखवाल ने अपने विचार व्यक्त किए। अंत में उपस्थित सभी जनों को फल वितरण किया गया।




