ब्यूरो चीफ: सुरेश सैनी, झुंझुनूं
झुंझुनूं, 8 मार्च
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जिला स्तरीय समारोह रविवार को सूचना केंद्र सभागार में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग तथा विशिष्ट अतिथि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव डॉ. महेंद्र के. सोलंकी रहे।
समारोह में उपखंड अधिकारी झुंझुनूं कौशल्या विश्नोई, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. छोटे लाल गुर्जर, अतिरिक्त कोषाधिकारी प्रियंका लांबा एवं प्रेरणा कालेर, जिला युवा अधिकारी मधु यादव, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के उप निदेशक पवन पूनिया, मंडावा तहसीलदार डॉ. सुरेंद्र भास्कर, सहायक जनसंपर्क अधिकारी विकास चाहर तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के उपनिदेशक विजेंद्र सिंह राठौड़ सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग ने कहा कि जिले में महिला अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक विप्लव न्योला और उनकी टीम के प्रयासों से झुंझुनूं जिला लगातार बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ और मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना जैसी योजनाओं में अग्रणी जिलों में शामिल रहता है।
इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव डॉ. महेंद्र के. सोलंकी ने महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने बताया कि प्राधिकरण द्वारा पात्र एवं जरूरतमंद व्यक्तियों को निःशुल्क विधिक सहायता, परामर्श तथा लोक अदालत के माध्यम से त्वरित न्याय उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि किसी भी कानूनी समस्या की स्थिति में वे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से संपर्क कर निःशुल्क सहायता प्राप्त करें।
महिला अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक विप्लव न्योला ने बताया कि समारोह के दौरान पन्नाधाय सुरक्षा एवं सम्मान योजना के तहत विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 24 व्यक्तियों को सम्मानित किया गया।
इसके साथ ही उत्कृष्ट कार्य के लिए बाल विकास परियोजना अधिकारी नवलगढ़ के संदीप कुमार, मंडावा की उषा कुलहरि, अलसीसर की भारती ढाका और दीपिका को भी सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में समेकित बाल विकास सेवाएं विभाग की माता यशोदा पुरस्कार योजना के तहत कई आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को सम्मानित करते हुए कार्यकर्ता को 5100 रुपये तथा सहायिका को 2100 रुपये का नगद पुरस्कार प्रदान किया गया।
समारोह में जिले भर से आई आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, ग्राम साथिनों और महिला प्रतिनिधियों ने भाग लिया तथा महिला सशक्तिकरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।




