Thursday, March 19, 2026

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झुंझुनूं की ऐतिहासिक मेडतानी बावड़ी का होगा जीर्णोद्धार ₹2.50 करोड़ की योजना से बदलेगी तस्वीर

ब्यूरो चीफ: सुरेश सैनी

झुंझुनूं, 18 मार्च। शहर की ऐतिहासिक धरोहर मेडतानी बावड़ी के जीर्णोद्धार के लिए ₹2.50 करोड़ का विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया गया है। बुधवार को पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग, जयपुर के सहायक अभियंता अनिल मित्तल ने स्थल का निरीक्षण कर प्रस्तावित कार्यों का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान पर्यटन विभाग के उपनिदेशक देवेंद्र चौधरी ने बावड़ी के संरक्षण और विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत बावड़ी की सफाई, संरचनात्मक मजबूती, सौंदर्यीकरण, आकर्षक प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंध और पर्यटकों के लिए आवश्यक सुविधाओं का विकास किया जाएगा।

पीपली चौक के निकट स्थित यह ऐतिहासिक बावड़ी लगभग वर्ष 1780 के आसपास निर्मित मानी जाती है और अपनी स्थापत्य कला के कारण विशेष महत्व रखती है। लंबे समय से उपेक्षित इस धरोहर के पुनरुद्धार से इसकी पुरानी गरिमा को फिर से स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा।

प्रस्तावित योजना के तहत कुल ₹2.50 करोड़ की लागत से कार्य कराया जाएगा, जिसमें ₹1.25 करोड़ पर्यटन विभाग द्वारा तथा शेष ₹1.25 करोड़ डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जिला उत्थान योजना के अंतर्गत अभिसरण के माध्यम से व्यय किए जाएंगे।

देवेंद्र चौधरी ने बताया कि इस परियोजना से न केवल ऐतिहासिक धरोहर का संरक्षण सुनिश्चित होगा, बल्कि क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।

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झुंझुनूं की ऐतिहासिक मेडतानी बावड़ी का होगा जीर्णोद्धार ₹2.50 करोड़ की योजना से बदलेगी तस्वीर

ब्यूरो चीफ: सुरेश सैनी

झुंझुनूं, 18 मार्च। शहर की ऐतिहासिक धरोहर मेडतानी बावड़ी के जीर्णोद्धार के लिए ₹2.50 करोड़ का विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया गया है। बुधवार को पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग, जयपुर के सहायक अभियंता अनिल मित्तल ने स्थल का निरीक्षण कर प्रस्तावित कार्यों का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान पर्यटन विभाग के उपनिदेशक देवेंद्र चौधरी ने बावड़ी के संरक्षण और विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत बावड़ी की सफाई, संरचनात्मक मजबूती, सौंदर्यीकरण, आकर्षक प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंध और पर्यटकों के लिए आवश्यक सुविधाओं का विकास किया जाएगा।

पीपली चौक के निकट स्थित यह ऐतिहासिक बावड़ी लगभग वर्ष 1780 के आसपास निर्मित मानी जाती है और अपनी स्थापत्य कला के कारण विशेष महत्व रखती है। लंबे समय से उपेक्षित इस धरोहर के पुनरुद्धार से इसकी पुरानी गरिमा को फिर से स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा।

प्रस्तावित योजना के तहत कुल ₹2.50 करोड़ की लागत से कार्य कराया जाएगा, जिसमें ₹1.25 करोड़ पर्यटन विभाग द्वारा तथा शेष ₹1.25 करोड़ डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जिला उत्थान योजना के अंतर्गत अभिसरण के माध्यम से व्यय किए जाएंगे।

देवेंद्र चौधरी ने बताया कि इस परियोजना से न केवल ऐतिहासिक धरोहर का संरक्षण सुनिश्चित होगा, बल्कि क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।

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