Friday, March 20, 2026

National

spot_img

गुजरात में 2.9 करोड़ का नकली नोट कांड! ‘गुरुजी’ के आश्रम से चल रहा था खेल

ब्यूरो रिपोर्ट:

अहमदाबाद/सूरत (गुजरात): गुजरात में नकली नोटों के एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। Ahmedabad और Surat में पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में करोड़ों रुपये के नकली नोट बरामद किए गए हैं। इस मामले में एक तथाकथित आध्यात्मिक गुरु समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस के अनुसार, इस गिरोह का मास्टरमाइंड प्रदीप ज्योतंगिया नामक व्यक्ति है, जो “श्री सत्यम योग फाउंडेशन” नामक आश्रम से इस अवैध कारोबार को संचालित कर रहा था। जांच में सामने आया है कि सूरत के वराछा इलाके में ₹500 के नकली नोट छापे जा रहे थे।

कार्रवाई के दौरान अहमदाबाद से करीब ₹1.10 करोड़ और सूरत से लगभग ₹80 लाख के नकली नोट जब्त किए गए। पुलिस ने यह भी खुलासा किया कि नकली नोटों की सप्लाई के लिए एक कार का इस्तेमाल किया जा रहा था, जिस पर “भारत सरकार” और “आयुष मंत्रालय” लिखा हुआ था, ताकि संदेह से बचा जा सके।

इस घटना के बाद एक बार फिर साल 2016 की Demonetisation in India (नोटबंदी) को लेकर बहस तेज हो गई है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि कुल चलन में नकली नोटों का प्रतिशत बहुत कम होता है, लेकिन इस तरह के संगठित गिरोह कानून व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती हैं।

फिलहाल पुलिस इस पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस गिरोह के तार किन-किन राज्यों और अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़े हैं।

गुजरात में सामने आया यह नकली नोट कांड न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, बल्कि सिस्टम की कमजोरियों को भी उजागर करता है।

International

spot_img

गुजरात में 2.9 करोड़ का नकली नोट कांड! ‘गुरुजी’ के आश्रम से चल रहा था खेल

ब्यूरो रिपोर्ट:

अहमदाबाद/सूरत (गुजरात): गुजरात में नकली नोटों के एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। Ahmedabad और Surat में पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में करोड़ों रुपये के नकली नोट बरामद किए गए हैं। इस मामले में एक तथाकथित आध्यात्मिक गुरु समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस के अनुसार, इस गिरोह का मास्टरमाइंड प्रदीप ज्योतंगिया नामक व्यक्ति है, जो “श्री सत्यम योग फाउंडेशन” नामक आश्रम से इस अवैध कारोबार को संचालित कर रहा था। जांच में सामने आया है कि सूरत के वराछा इलाके में ₹500 के नकली नोट छापे जा रहे थे।

कार्रवाई के दौरान अहमदाबाद से करीब ₹1.10 करोड़ और सूरत से लगभग ₹80 लाख के नकली नोट जब्त किए गए। पुलिस ने यह भी खुलासा किया कि नकली नोटों की सप्लाई के लिए एक कार का इस्तेमाल किया जा रहा था, जिस पर “भारत सरकार” और “आयुष मंत्रालय” लिखा हुआ था, ताकि संदेह से बचा जा सके।

इस घटना के बाद एक बार फिर साल 2016 की Demonetisation in India (नोटबंदी) को लेकर बहस तेज हो गई है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि कुल चलन में नकली नोटों का प्रतिशत बहुत कम होता है, लेकिन इस तरह के संगठित गिरोह कानून व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती हैं।

फिलहाल पुलिस इस पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस गिरोह के तार किन-किन राज्यों और अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़े हैं।

गुजरात में सामने आया यह नकली नोट कांड न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, बल्कि सिस्टम की कमजोरियों को भी उजागर करता है।

National

spot_img

International

spot_img
RELATED ARTICLES