ब्यूरो रिपोर्ट: राजेन्द्र खटीक, शाहपुरा
मांडलगढ़ (भीलवाड़ा)। प्रदेश सरकार जहां संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है, वहीं मांडलगढ़ उपखंड मुख्यालय स्थित उप जिला चिकित्सालय में सुविधाओं के अभाव के कारण आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में सोनोग्राफी मशीन उपलब्ध होने के बावजूद उसका संचालन नहीं होने से गर्भवती महिलाओं सहित अन्य मरीजों को जांच के लिए भटकना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार डीएमएफटी फंड से करीब 25 लाख रुपए की लागत से खरीदी गई सोनोग्राफी मशीन पिछले लगभग सात महीनों से अस्पताल परिसर के एक कक्ष में धूल खा रही है। मशीन उपलब्ध होने के बावजूद उसे चालू नहीं किए जाने से क्षेत्र के ग्रामीण मरीजों को जिला अस्पताल या निजी लैब का सहारा लेना पड़ रहा है, जहां उन्हें महंगी दरों पर जांच करवानी पड़ रही है।
अस्पताल में इलाज के लिए आने वाली गर्भवती महिलाओं को डॉक्टर द्वारा प्रसव पूर्व जांच के लिए सोनोग्राफी की सलाह दी जाती है, लेकिन स्थानीय स्तर पर यह सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें बाहर जाना मजबूरी बन गया है। इससे विशेष रूप से गरीब और ग्रामीण वर्ग के लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
क्यों जरूरी है सोनोग्राफी
गर्भावस्था के दौरान गर्भ में शिशु के विकास और स्थिति की जांच के लिए सोनोग्राफी बेहद आवश्यक होती है। चिकित्सकीय सलाह के अनुसार गर्भधारण से लेकर प्रसव तक सामान्यतः तीन बार—तीसरे, छठे और नौवें महीने में—सोनोग्राफी कराना जरूरी होता है, जिससे किसी भी प्रकार की जटिलता का समय रहते पता लगाया जा सके।
जनता की मांग
नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों ने उप जिला चिकित्सालय में सोनोग्राफी मशीन को शीघ्र चालू करने की मांग उठाई है, ताकि स्थानीय स्तर पर ही जांच सुविधा उपलब्ध हो सके।
अधिकारियों का कहना
उप जिला चिकित्सालय के चिकित्सा प्रभारी डॉ. मनीष पुरोहित ने बताया कि सोनोग्राफी मशीन को चालू करने की सभी प्रक्रियाएं लंबे समय पहले पूर्ण कर ली गई थीं तथा संबंधित अधिकारियों को कई बार नोटिस भी दिए जा चुके हैं। इस संबंध में उच्च अधिकारियों को भी अवगत कराया गया है।
वहीं जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजीव शर्मा ने कहा कि मांडलगढ़ उप जिला चिकित्सालय में सोनोग्राफी मशीन बंद होने की जानकारी मिली है और तत्काल प्रभाव से आवश्यक कार्रवाई कर क्षेत्रवासियों को यह सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी।
स्थानीय लोगों को अब प्रशासन से जल्द समाधान की उम्मीद है, ताकि उन्हें राहत मिल सके।




