Sunday, April 5, 2026

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छिंदवाड़ा में डिजिटल जनगणना की शुरुआत: अब मोबाइल से खुद करें स्व-गणना

ब्यूरो रिपोर्ट: ज्ञानेंद्र इंदौरकर, छिंदवाड़ा

छिंदवाड़ा। देश में पहली बार डिजिटल माध्यम से होने जा रही जनगणना को सफल, सटीक और पारदर्शी बनाने के लिए छिंदवाड़ा जिले में तैयारियां तेज हो गई हैं। कलेक्टर एवं प्रमुख जिला जनगणना अधिकारी हरेन्द्र नारायन के मार्गदर्शन में नगर निगम सभा कक्ष में फील्ड ट्रेनर्स के दूसरे बैच का तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर 1 अप्रैल से प्रारंभ हुआ, जिसका गुरुवार को द्वितीय दिवस आयोजित किया गया।

प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ निगमायुक्त सी.पी. राय, जिला जनगणना अधिकारी पुष्पेंद्र निगम, जिला जनगणना प्रभारी अनुज सोलंकी एवं नगर जनगणना अधिकारी कमलेश निर्गुड़कर द्वारा किया गया।

प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर प्रो. पी.एन. सनेसर एवं राजेंद्र सिंह ठाकुर द्वारा फील्ड ट्रेनर्स को डिजिटल ऐप के उपयोग, डेटा एंट्री, सत्यापन प्रक्रिया और जनगणना की तकनीकी बारीकियों का विस्तृत प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह प्रशिक्षित टीम आगे तहसील एवं नगर स्तर पर प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षण देगी, जिससे मैदानी कार्य पूरी तरह त्रुटिहीन हो सके।

नागरिक खुद कर सकेंगे ‘स्व-गणना’

इस बार जनगणना प्रक्रिया को अधिक सरल और नागरिक अनुकूल बनाया गया है। जिला जनगणना प्रभारी अनुज सोलंकी ने बताया कि 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 के बीच नागरिक अपने मोबाइल या कंप्यूटर के माध्यम से स्वयं ‘स्व-गणना’ (Self Enumeration) कर सकेंगे। इसके लिए जनगणना पोर्टल पर जाकर परिवार एवं मकान से संबंधित जानकारी दर्ज करनी होगी।

33 प्रश्नों के जरिए होगा डेटा संग्रह

जनगणना के प्रथम चरण (मकान सूचीकरण एवं मकान गणना) में कुल 33 प्रश्न पूछे जाएंगे, जिनमें मकान की स्थिति, परिवार के सदस्यों की जानकारी, सुविधाओं की उपलब्धता आदि शामिल होंगी। यह डेटा भविष्य की योजनाओं और विकास कार्यों के लिए आधार बनेगा।

ऐसे होगा सत्यापन

स्व-गणना के बाद नागरिकों को एक रेफरेंस नंबर (Self Enumeration ID) प्राप्त होगा। इसके बाद 1 से 30 मई 2026 के बीच प्रगणक घर-घर जाकर इस आईडी के आधार पर जानकारी का सत्यापन करेंगे, जिससे प्रक्रिया तेज और पारदर्शी बनेगी।

गोपनीय रहेगी आपकी जानकारी

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों द्वारा दी गई सभी जानकारी जनगणना अधिनियम 1948 के तहत पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। इस डेटा का उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए किया जाएगा और इसे किसी भी न्यायालय या अन्य संस्था के समक्ष प्रस्तुत नहीं किया जाएगा।

नागरिकों से अपील

जिला प्रशासन और नगर निगम ने शहरवासियों से अपील की है कि वे 16 से 30 अप्रैल के बीच ‘स्व-गणना’ का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। सही और सटीक जानकारी देकर इस राष्ट्रीय अभियान में भागीदारी सुनिश्चित करें और जिले के विकास में अपना योगदान दें।

डिजिटल जनगणना: पारदर्शिता और सुविधा की ओर बड़ा कदम
डिजिटल जनगणना न केवल समय की बचत करेगी, बल्कि डेटा संग्रहण को अधिक सटीक और आधुनिक बनाएगी, जिससे शासन की योजनाओं को बेहतर दिशा मिल सकेगी।

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छिंदवाड़ा में डिजिटल जनगणना की शुरुआत: अब मोबाइल से खुद करें स्व-गणना

ब्यूरो रिपोर्ट: ज्ञानेंद्र इंदौरकर, छिंदवाड़ा

छिंदवाड़ा। देश में पहली बार डिजिटल माध्यम से होने जा रही जनगणना को सफल, सटीक और पारदर्शी बनाने के लिए छिंदवाड़ा जिले में तैयारियां तेज हो गई हैं। कलेक्टर एवं प्रमुख जिला जनगणना अधिकारी हरेन्द्र नारायन के मार्गदर्शन में नगर निगम सभा कक्ष में फील्ड ट्रेनर्स के दूसरे बैच का तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर 1 अप्रैल से प्रारंभ हुआ, जिसका गुरुवार को द्वितीय दिवस आयोजित किया गया।

प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ निगमायुक्त सी.पी. राय, जिला जनगणना अधिकारी पुष्पेंद्र निगम, जिला जनगणना प्रभारी अनुज सोलंकी एवं नगर जनगणना अधिकारी कमलेश निर्गुड़कर द्वारा किया गया।

प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर प्रो. पी.एन. सनेसर एवं राजेंद्र सिंह ठाकुर द्वारा फील्ड ट्रेनर्स को डिजिटल ऐप के उपयोग, डेटा एंट्री, सत्यापन प्रक्रिया और जनगणना की तकनीकी बारीकियों का विस्तृत प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह प्रशिक्षित टीम आगे तहसील एवं नगर स्तर पर प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षण देगी, जिससे मैदानी कार्य पूरी तरह त्रुटिहीन हो सके।

नागरिक खुद कर सकेंगे ‘स्व-गणना’

इस बार जनगणना प्रक्रिया को अधिक सरल और नागरिक अनुकूल बनाया गया है। जिला जनगणना प्रभारी अनुज सोलंकी ने बताया कि 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 के बीच नागरिक अपने मोबाइल या कंप्यूटर के माध्यम से स्वयं ‘स्व-गणना’ (Self Enumeration) कर सकेंगे। इसके लिए जनगणना पोर्टल पर जाकर परिवार एवं मकान से संबंधित जानकारी दर्ज करनी होगी।

33 प्रश्नों के जरिए होगा डेटा संग्रह

जनगणना के प्रथम चरण (मकान सूचीकरण एवं मकान गणना) में कुल 33 प्रश्न पूछे जाएंगे, जिनमें मकान की स्थिति, परिवार के सदस्यों की जानकारी, सुविधाओं की उपलब्धता आदि शामिल होंगी। यह डेटा भविष्य की योजनाओं और विकास कार्यों के लिए आधार बनेगा।

ऐसे होगा सत्यापन

स्व-गणना के बाद नागरिकों को एक रेफरेंस नंबर (Self Enumeration ID) प्राप्त होगा। इसके बाद 1 से 30 मई 2026 के बीच प्रगणक घर-घर जाकर इस आईडी के आधार पर जानकारी का सत्यापन करेंगे, जिससे प्रक्रिया तेज और पारदर्शी बनेगी।

गोपनीय रहेगी आपकी जानकारी

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों द्वारा दी गई सभी जानकारी जनगणना अधिनियम 1948 के तहत पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। इस डेटा का उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए किया जाएगा और इसे किसी भी न्यायालय या अन्य संस्था के समक्ष प्रस्तुत नहीं किया जाएगा।

नागरिकों से अपील

जिला प्रशासन और नगर निगम ने शहरवासियों से अपील की है कि वे 16 से 30 अप्रैल के बीच ‘स्व-गणना’ का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। सही और सटीक जानकारी देकर इस राष्ट्रीय अभियान में भागीदारी सुनिश्चित करें और जिले के विकास में अपना योगदान दें।

डिजिटल जनगणना: पारदर्शिता और सुविधा की ओर बड़ा कदम
डिजिटल जनगणना न केवल समय की बचत करेगी, बल्कि डेटा संग्रहण को अधिक सटीक और आधुनिक बनाएगी, जिससे शासन की योजनाओं को बेहतर दिशा मिल सकेगी।

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