Monday, April 6, 2026

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भीलवाड़ा में आधुनिक न्यायालय की नींव: 62 बीघा में बनेगा नया कोर्ट परिसर!

ब्यूरो रिपोर्ट: राजेन्द्र खटीक

शाहपुरा/भीलवाड़ा
भीलवाड़ा जिले को जल्द ही आधुनिक सुविधाओं से युक्त नया जिला न्यायालय परिसर मिलने जा रहा है। सांगानेर-तस्वारिया क्षेत्र में 62 बीघा भूमि पर प्रस्तावित इस भव्य परिसर के निर्माण के लिए विधिवत भूमि पूजन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में न्यायपालिका एवं प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

समारोह को संबोधित करते हुए राजस्थान उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधिपति संजीव प्रकाश शर्मा ने कहा कि आमजन को त्वरित और प्रभावी न्याय उपलब्ध कराने के लिए न्यायिक प्रणाली में आधुनिक तकनीकों का समावेश अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि तकनीक को अपनाते समय यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि समाधान व्यावहारिक और परिणामोन्मुख हों। ई-कोर्ट, डिजिटल फाइलिंग, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और ऑनलाइन सेवाओं के माध्यम से न्याय प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुलभ और प्रभावी बनाया जा सकता है।

मुख्य न्यायाधिपति ने नए न्यायालय परिसर में सभी आवश्यक आधुनिक सुविधाओं को शामिल करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पर्याप्त न्यायालय कक्ष, अधिवक्ताओं के लिए सुव्यवस्थित चैंबर, डिजिटल रिकॉर्ड प्रबंधन प्रणाली, समृद्ध पुस्तकालय, प्रतीक्षालय तथा पर्याप्त पार्किंग जैसी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि न्यायिक कार्य सुचारू रूप से संचालित हो सकें।

इस अवसर पर राजस्थान सरकार की उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दिया कुमारी ने कहा कि यह भूमि पूजन केवल निर्माण कार्य की शुरुआत नहीं, बल्कि न्याय के सुदृढ़ एवं सशक्त भविष्य की नींव है। उन्होंने कहा कि न्याय व्यवस्था लोकतंत्र की आधारशिला है और जब न्याय सुलभ एवं प्रभावी होता है, तभी समाज में विश्वास और स्थिरता बनी रहती है। राज्य सरकार न्यायिक अवसंरचना को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।

कार्यक्रम में न्यायाधिपति डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी ने न्यायिक क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को सकारात्मक संकेत बताते हुए कहा कि इससे न्याय प्रणाली अधिक समावेशी और सशक्त बन रही है। वहीं न्यायाधिपति फरजन्द अली ने युवा अधिवक्ताओं को निरंतर अध्ययन और परिश्रम के लिए प्रेरित किया।

जिला एवं सत्र न्यायाधीश अभय जैन ने बताया कि 62 बीघा भूमि का आवंटन न्यायिक अवसंरचना के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे वर्तमान न्यायालयों में स्थानाभाव की समस्या दूर होगी और न्यायिक कार्यप्रणाली में गुणात्मक सुधार आएगा। साथ ही आमजन को बेहतर और त्वरित न्याय मिल सकेगा।

समारोह का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भूमि पूजन से हुआ। इस दौरान न्यायाधिपति प्रवीर भटनागर सहित न्यायिक एवं प्रशासनिक क्षेत्र के अनेक अधिकारी उपस्थित रहे। मंच संचालन विशिष्ट न्यायिक मजिस्ट्रेट एन.आई. एक्ट-5 प्रियंका पुरोहित एवं अशोक व्यास द्वारा किया गया।

नए न्यायालय परिसर के निर्माण से भीलवाड़ा जिले में न्यायिक सुविधाओं का विस्तार होगा और आमजन को आधुनिक एवं सुलभ न्याय व्यवस्था का लाभ मिलेगा।

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भीलवाड़ा में आधुनिक न्यायालय की नींव: 62 बीघा में बनेगा नया कोर्ट परिसर!

ब्यूरो रिपोर्ट: राजेन्द्र खटीक

शाहपुरा/भीलवाड़ा
भीलवाड़ा जिले को जल्द ही आधुनिक सुविधाओं से युक्त नया जिला न्यायालय परिसर मिलने जा रहा है। सांगानेर-तस्वारिया क्षेत्र में 62 बीघा भूमि पर प्रस्तावित इस भव्य परिसर के निर्माण के लिए विधिवत भूमि पूजन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में न्यायपालिका एवं प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

समारोह को संबोधित करते हुए राजस्थान उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधिपति संजीव प्रकाश शर्मा ने कहा कि आमजन को त्वरित और प्रभावी न्याय उपलब्ध कराने के लिए न्यायिक प्रणाली में आधुनिक तकनीकों का समावेश अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि तकनीक को अपनाते समय यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि समाधान व्यावहारिक और परिणामोन्मुख हों। ई-कोर्ट, डिजिटल फाइलिंग, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और ऑनलाइन सेवाओं के माध्यम से न्याय प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुलभ और प्रभावी बनाया जा सकता है।

मुख्य न्यायाधिपति ने नए न्यायालय परिसर में सभी आवश्यक आधुनिक सुविधाओं को शामिल करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पर्याप्त न्यायालय कक्ष, अधिवक्ताओं के लिए सुव्यवस्थित चैंबर, डिजिटल रिकॉर्ड प्रबंधन प्रणाली, समृद्ध पुस्तकालय, प्रतीक्षालय तथा पर्याप्त पार्किंग जैसी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि न्यायिक कार्य सुचारू रूप से संचालित हो सकें।

इस अवसर पर राजस्थान सरकार की उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दिया कुमारी ने कहा कि यह भूमि पूजन केवल निर्माण कार्य की शुरुआत नहीं, बल्कि न्याय के सुदृढ़ एवं सशक्त भविष्य की नींव है। उन्होंने कहा कि न्याय व्यवस्था लोकतंत्र की आधारशिला है और जब न्याय सुलभ एवं प्रभावी होता है, तभी समाज में विश्वास और स्थिरता बनी रहती है। राज्य सरकार न्यायिक अवसंरचना को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।

कार्यक्रम में न्यायाधिपति डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी ने न्यायिक क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को सकारात्मक संकेत बताते हुए कहा कि इससे न्याय प्रणाली अधिक समावेशी और सशक्त बन रही है। वहीं न्यायाधिपति फरजन्द अली ने युवा अधिवक्ताओं को निरंतर अध्ययन और परिश्रम के लिए प्रेरित किया।

जिला एवं सत्र न्यायाधीश अभय जैन ने बताया कि 62 बीघा भूमि का आवंटन न्यायिक अवसंरचना के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे वर्तमान न्यायालयों में स्थानाभाव की समस्या दूर होगी और न्यायिक कार्यप्रणाली में गुणात्मक सुधार आएगा। साथ ही आमजन को बेहतर और त्वरित न्याय मिल सकेगा।

समारोह का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भूमि पूजन से हुआ। इस दौरान न्यायाधिपति प्रवीर भटनागर सहित न्यायिक एवं प्रशासनिक क्षेत्र के अनेक अधिकारी उपस्थित रहे। मंच संचालन विशिष्ट न्यायिक मजिस्ट्रेट एन.आई. एक्ट-5 प्रियंका पुरोहित एवं अशोक व्यास द्वारा किया गया।

नए न्यायालय परिसर के निर्माण से भीलवाड़ा जिले में न्यायिक सुविधाओं का विस्तार होगा और आमजन को आधुनिक एवं सुलभ न्याय व्यवस्था का लाभ मिलेगा।

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