ब्यूरो रिपोर्ट: सज्जन खान, जाफरगंज (उत्तर प्रदेश)
जनपद अमेठी में शनिवार, 4 तारीख को आई तेज बारिश और तूफान ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। अचानक बदले मौसम के कारण जिले के कई क्षेत्रों में फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश से गेहूं, सरसों और दलहनी फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।
जगदीशपुर सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में शाम के समय शुरू हुई आंधी-तूफान ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। तेज हवाओं के चलते खड़ी फसलें खेतों में ही गिर गईं, वहीं कई जगहों पर पानी भर जाने से कटाई के लिए तैयार फसलें भी खराब हो गईं। किसानों का कहना है कि इस समय फसल कटाई का दौर चल रहा था और ऐसे में यह प्राकृतिक आपदा उनके लिए बड़ा झटका साबित हुई है।
किसान रामनरेश यादव ने बताया कि उन्होंने इस साल काफी मेहनत और लागत लगाकर गेहूं की फसल तैयार की थी, लेकिन अचानक आई बारिश ने सब कुछ बर्बाद कर दिया। इसी तरह अन्य किसानों ने भी अपनी परेशानी साझा करते हुए कहा कि अब उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ेगा।
मंडी क्षेत्रों में भी बारिश का असर देखने को मिला। खुले में रखी उपज भीग जाने से उसकी गुणवत्ता प्रभावित हुई है, जिससे किसानों को उचित दाम मिलने की संभावना कम हो गई है। स्थानीय व्यापारियों ने भी नुकसान की पुष्टि की है।
ग्रामीणों के अनुसार, कई जगहों पर पेड़ और बिजली के खंभे भी गिर गए, जिससे कुछ समय के लिए बिजली आपूर्ति बाधित रही। हालांकि, प्रशासन की टीमों ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया और आवश्यक व्यवस्थाएं बहाल करने का प्रयास किया।
किसानों ने प्रशासन से नुकसान का सर्वे कराकर मुआवजा देने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द सहायता नहीं मिली, तो उनकी आर्थिक स्थिति और खराब हो सकती है।
फिलहाल, मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में मौसम के साफ रहने की संभावना जताई है, लेकिन किसानों के लिए यह नुकसान लंबे समय तक असर डाल सकता है।




