छत्तीसगढ़ के जेसीपी नेता अमित बघेल द्वारा इष्ट देव भगवान झूलेलाल जी पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में सोमवार को शाहपुरा का सिंधी समाज सड़कों पर उमड़ पड़ा। समाज का गुस्सा इतना था कि झूलेलाल मंदिर से एसडीएम कार्यालय तक निकली रैली ने पूरा कस्बा ‘जय झूलेलाल’ के नारों से गुंजा ।
सुबह 10 बजे झूलेलाल मंदिर से शुरू हुई यह आक्रोश रैली समाज की अभूतपूर्व एकजुटता का प्रतीक बनी। रैली में युवा, पुरुष, महिलाएँ और बच्चे हजारों की तादाद में शामिल हुए। “अमित बघेल मुर्दाबाद”, “गिरफ़्तार करो”, “सिंधी समाज एकता ज़िंदाबाद” जैसे नारे पूरे मार्ग में गूंजते रहे।
रैली का नेतृत्व नवयुवक मंडल सिंधी समाज के अध्यक्ष नरेश तोलानी और पूज्य सिंधी पंचायत अध्यक्ष मोहनलाल लखपतानी ने किया।
समाज के प्रमुख पदाधिकारियों—चेतन चंचलानी, ईश्वर सामतानी, लीलाराम वासवानी, ओम सिंधी, गंगाराम आसवानी, मोहन केवलानी, गोपीलाल सामतानी, जितेंद्र मतलानी, नरेश लखपतानी, चुन्नीलाल आसवानी, संजय कुमार, डॉ. देवेंद्र थानवानी, सनी सामतानी, अमन मतलानी, लकी सामतानी सहित युवा वर्ग बड़ी संख्या में मौजूद रहा।
महिलाओं और बच्चों की भारी भागीदारी ने रैली को और भी प्रभावशाली बना दिया। समाज के हर वर्ग ने यह संदेश दिया कि भगवान झूलेलाल का अपमान किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं होगा।
रैली का समापन उपखंड अधिकारी कार्यालय पर हुआ, जहाँ कार्यपालक मजिस्ट्रेट को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में सिंधी समाज ने मांग की कि—
अमित बघेल पर तत्काल कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए, उसे शीघ्र गिरफ्तार कर उदाहरण प्रस्तुत किया जाए |
पदाधिकारियों ने कहा कि यह मामला केवल एक नेता के बयान का नहीं, बल्कि संपूर्ण सिंधी समाज के आत्मसम्मान और धार्मिक भावनाओं से जुड़ा है।
“अपमान सहन नहीं करेंगे” — समाज का चेतावनी भरा संदेश
सिंधी समाज ने एक सुर में चेताया कि जब तक अमित बघेल के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। सिंधी समाज की एकता, अनुशासन और दृढ़ संकल्प ने सोमवार को शाहपुरा में एक मजबूत संदेश दिया |




