Friday, February 20, 2026

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ग्राम पंचायत नजरपुर में भारी भ्रष्टाचार अधिकारियों को आवेदन देने एवं सीएम हेल्प लगाने पर भी नहीं हो रही कार्यवाही

चंचलेश इन्दौरकर, छिंदवाड़ा, जिला ब्यूरों

छिंदवाड़ा जिले के अंतर्गत जनपद पंचायत जुन्नारदेव की ग्राम पंचायत नजरपुर में विभिन्न निर्माण कार्यों में व्यापक स्तर पर भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों के अनुसार, कई बार शिकायत करने तथा सीएम हेल्पलाइन में आवेदन देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। यहां तक कि आवेदक की सहमति के बिना ही शिकायतों को फोर्स क्लोज कर दिया जाता है।

ग्राम पंचायत में बने सामुदायिक स्वच्छता परिसर की स्थिति अत्यंत दयनीय है। शौचालय और मूत्रालय के दरवाजे टूटे हुए हैं तथा लोहे के दरवाजों पर ताले लटके हुए हैं। जब इनका उपयोग ही नहीं होना है तो शासन-प्रशासन द्वारा लाखों रुपये खर्च करने का औचित्य क्या है? यह सामुदायिक स्वच्छता परिषद अब खंडहर में तब्दील हो चुकी है और ग्रामीण इसका उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। आरोप है कि कुछ स्थानीय नेताओं के संरक्षण के कारण गांव का विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़ा हुआ है।

ग्राम पंचायत कार्यालय के सामने तथा सामुदायिक स्वच्छता परिसर के पास बनाई गई सीमेंट-कांक्रीट सड़क की गुणवत्ता बेहद खराब है। सड़क से गिट्टी उखड़कर बह रही है। सीमेंट-कांक्रीट नाली का निर्माण भी घटिया स्तर का किया गया है, जिसके कारण पूरे गांव में नालियां बजबजा रही हैं और पानी सड़कों पर भरा हुआ है। इससे गंदगी फैल रही है और मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे ग्रामीणों में मलेरिया, टाइफाइड, डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है।

गांव में पानी की टंकी तो बनी है, लेकिन जल आपूर्ति नहीं हो रही है। पीने के पानी के लिए ग्रामीणों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।

ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच, सहायक सचिव और उपयंत्री द्वारा निर्माण कार्यों में भारी अनियमितताएं की गई हैं। लाखों रुपये की लागत से बनी सीमेंट-कांक्रीट सड़क घटिया गुणवत्ता की है और राशि का दुरुपयोग किया गया है। मनरेगा के तहत फर्जी मजदूरों के नाम से भुगतान निकाला गया तथा मटेरियल के नाम पर फर्जी वेंडर बनाकर राशि आहरित की गई।

ग्रामीणों ने जनपद पंचायत जुन्नारदेव और जिला पंचायत छिंदवाड़ा में भी शिकायत की है, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है। ग्राम पंचायत क्षेत्र में लगातार भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं, परंतु कार्रवाई के अभाव में ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है।

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ग्राम पंचायत नजरपुर में भारी भ्रष्टाचार अधिकारियों को आवेदन देने एवं सीएम हेल्प लगाने पर भी नहीं हो रही कार्यवाही

चंचलेश इन्दौरकर, छिंदवाड़ा, जिला ब्यूरों

छिंदवाड़ा जिले के अंतर्गत जनपद पंचायत जुन्नारदेव की ग्राम पंचायत नजरपुर में विभिन्न निर्माण कार्यों में व्यापक स्तर पर भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों के अनुसार, कई बार शिकायत करने तथा सीएम हेल्पलाइन में आवेदन देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। यहां तक कि आवेदक की सहमति के बिना ही शिकायतों को फोर्स क्लोज कर दिया जाता है।

ग्राम पंचायत में बने सामुदायिक स्वच्छता परिसर की स्थिति अत्यंत दयनीय है। शौचालय और मूत्रालय के दरवाजे टूटे हुए हैं तथा लोहे के दरवाजों पर ताले लटके हुए हैं। जब इनका उपयोग ही नहीं होना है तो शासन-प्रशासन द्वारा लाखों रुपये खर्च करने का औचित्य क्या है? यह सामुदायिक स्वच्छता परिषद अब खंडहर में तब्दील हो चुकी है और ग्रामीण इसका उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। आरोप है कि कुछ स्थानीय नेताओं के संरक्षण के कारण गांव का विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़ा हुआ है।

ग्राम पंचायत कार्यालय के सामने तथा सामुदायिक स्वच्छता परिसर के पास बनाई गई सीमेंट-कांक्रीट सड़क की गुणवत्ता बेहद खराब है। सड़क से गिट्टी उखड़कर बह रही है। सीमेंट-कांक्रीट नाली का निर्माण भी घटिया स्तर का किया गया है, जिसके कारण पूरे गांव में नालियां बजबजा रही हैं और पानी सड़कों पर भरा हुआ है। इससे गंदगी फैल रही है और मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे ग्रामीणों में मलेरिया, टाइफाइड, डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है।

गांव में पानी की टंकी तो बनी है, लेकिन जल आपूर्ति नहीं हो रही है। पीने के पानी के लिए ग्रामीणों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।

ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच, सहायक सचिव और उपयंत्री द्वारा निर्माण कार्यों में भारी अनियमितताएं की गई हैं। लाखों रुपये की लागत से बनी सीमेंट-कांक्रीट सड़क घटिया गुणवत्ता की है और राशि का दुरुपयोग किया गया है। मनरेगा के तहत फर्जी मजदूरों के नाम से भुगतान निकाला गया तथा मटेरियल के नाम पर फर्जी वेंडर बनाकर राशि आहरित की गई।

ग्रामीणों ने जनपद पंचायत जुन्नारदेव और जिला पंचायत छिंदवाड़ा में भी शिकायत की है, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है। ग्राम पंचायत क्षेत्र में लगातार भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं, परंतु कार्रवाई के अभाव में ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है।

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