Sunday, April 5, 2026

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छिंदवाड़ा: दीवार बनी खतरा 🚧स्कूल में सुरक्षा नहीं, सिर्फ दरारें 😡 बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़? 

जिला ब्यूरों: चंचलेश इन्दौरकर

छिंदवाड़ा। जिले के जनपद पंचायत बिछुआ अंतर्गत ग्राम पंचायत खैरीमाली के ग्राम माल्हनवाड़ा स्थित प्राथमिक विद्यालय में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई है। यहां स्कूल की बाउंड्रीवॉल निर्माण कार्य अधूरा और गुणवत्ता विहीन होने के कारण जर्जर स्थिति में पहुंच गया है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

जानकारी के अनुसार, वर्ष 2025 में बाउंड्रीवॉल का निर्माण कार्य शुरू किया गया था, लेकिन आज तक यह पूरा नहीं हो सका है। दीवार कई स्थानों से फट चुकी है और उसमें गहरी दरारें आ गई हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण में घटिया सामग्री, विशेष रूप से पीली ईंटों का उपयोग किया गया, जिसके कारण दीवार कमजोर होकर जगह-जगह से टूटने लगी है।

ग्रामीणों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि निर्माण कार्य में तकनीकी मानकों का पालन नहीं किया गया। कमजोर नींव, सीमेंट की कम मात्रा, तराई में लापरवाही और कॉलम-दीवार के जोड़ में खामियां इस स्थिति के प्रमुख कारण हैं। इसके अलावा, पानी के रिसाव और मौसम के प्रभाव ने भी दीवार को और कमजोर कर दिया है।

विद्यालय में कक्षा पहली से पांचवीं तक के छोटे बच्चे पढ़ते हैं। अधूरी बाउंड्रीवॉल और क्षतिग्रस्त मुख्य द्वार के कारण बच्चे अक्सर स्कूल परिसर से बाहर निकल जाते हैं, जिससे उनकी सुरक्षा पर गंभीर खतरा बना रहता है। साथ ही, जंगली जानवरों के प्रवेश का भी खतरा बढ़ गया है।

बताया जा रहा है कि इस निर्माण कार्य के लिए लाखों रुपये का बजट स्वीकृत किया गया था और राशि भी आहरित की जा चुकी है, इसके बावजूद करीब छह महीने से कार्य अधूरा पड़ा हुआ है। जब जिम्मेदार अधिकारियों से इस संबंध में बात की जाती है, तो वे बजट की कमी का हवाला देते हैं, जबकि ग्रामीणों का दावा है कि पूरी राशि पहले ही खर्च दिखा दी गई है।

गांव के लोगों ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि निर्माण कार्य में हुई अनियमितताओं की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही, बाउंड्रीवॉल और मुख्य प्रवेश द्वार का निर्माण शीघ्र पूर्ण कराया जाए, ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

ग्रामीणों की प्रमुख मांगें:

  • निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच हो
  • दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों पर कार्रवाई हो
  • बाउंड्रीवॉल और गेट का कार्य जल्द पूरा किया जाए
  • स्कूल परिसर को सुरक्षित बनाया जाए

स्थिति गंभीर, प्रशासन की चुप्पी सवालों के घेरे में
विद्यालय की वर्तमान स्थिति प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करती है। यदि समय रहते सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो यह समस्या किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

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छिंदवाड़ा: दीवार बनी खतरा 🚧स्कूल में सुरक्षा नहीं, सिर्फ दरारें 😡 बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़? 

जिला ब्यूरों: चंचलेश इन्दौरकर

छिंदवाड़ा। जिले के जनपद पंचायत बिछुआ अंतर्गत ग्राम पंचायत खैरीमाली के ग्राम माल्हनवाड़ा स्थित प्राथमिक विद्यालय में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई है। यहां स्कूल की बाउंड्रीवॉल निर्माण कार्य अधूरा और गुणवत्ता विहीन होने के कारण जर्जर स्थिति में पहुंच गया है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

जानकारी के अनुसार, वर्ष 2025 में बाउंड्रीवॉल का निर्माण कार्य शुरू किया गया था, लेकिन आज तक यह पूरा नहीं हो सका है। दीवार कई स्थानों से फट चुकी है और उसमें गहरी दरारें आ गई हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण में घटिया सामग्री, विशेष रूप से पीली ईंटों का उपयोग किया गया, जिसके कारण दीवार कमजोर होकर जगह-जगह से टूटने लगी है।

ग्रामीणों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि निर्माण कार्य में तकनीकी मानकों का पालन नहीं किया गया। कमजोर नींव, सीमेंट की कम मात्रा, तराई में लापरवाही और कॉलम-दीवार के जोड़ में खामियां इस स्थिति के प्रमुख कारण हैं। इसके अलावा, पानी के रिसाव और मौसम के प्रभाव ने भी दीवार को और कमजोर कर दिया है।

विद्यालय में कक्षा पहली से पांचवीं तक के छोटे बच्चे पढ़ते हैं। अधूरी बाउंड्रीवॉल और क्षतिग्रस्त मुख्य द्वार के कारण बच्चे अक्सर स्कूल परिसर से बाहर निकल जाते हैं, जिससे उनकी सुरक्षा पर गंभीर खतरा बना रहता है। साथ ही, जंगली जानवरों के प्रवेश का भी खतरा बढ़ गया है।

बताया जा रहा है कि इस निर्माण कार्य के लिए लाखों रुपये का बजट स्वीकृत किया गया था और राशि भी आहरित की जा चुकी है, इसके बावजूद करीब छह महीने से कार्य अधूरा पड़ा हुआ है। जब जिम्मेदार अधिकारियों से इस संबंध में बात की जाती है, तो वे बजट की कमी का हवाला देते हैं, जबकि ग्रामीणों का दावा है कि पूरी राशि पहले ही खर्च दिखा दी गई है।

गांव के लोगों ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि निर्माण कार्य में हुई अनियमितताओं की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही, बाउंड्रीवॉल और मुख्य प्रवेश द्वार का निर्माण शीघ्र पूर्ण कराया जाए, ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

ग्रामीणों की प्रमुख मांगें:

  • निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच हो
  • दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों पर कार्रवाई हो
  • बाउंड्रीवॉल और गेट का कार्य जल्द पूरा किया जाए
  • स्कूल परिसर को सुरक्षित बनाया जाए

स्थिति गंभीर, प्रशासन की चुप्पी सवालों के घेरे में
विद्यालय की वर्तमान स्थिति प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करती है। यदि समय रहते सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो यह समस्या किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

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