संवाददाता: कमलेश यादव
छोटी सादड़ी।
स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मंगलवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई, जिसमें क्षेत्र की स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर गंभीर विमर्श किया गया। बैठक में उपखंड अधिकारी, चिकित्सा अधिकारी सहित भाजपा अध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय तथा सामाजिक कार्यकर्ता मनीष उपाध्याय विशेष रूप से उपस्थित रहे।
बैठक का मुख्य उद्देश्य चिकित्सकों की कमी से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा करना रहा। वर्तमान में छोटी सादड़ी को उप जिला चिकित्सालय का दर्जा मिल चुका है, लेकिन डॉक्टरों की कमी के कारण आमजन को अपेक्षित स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।सूत्रों के अनुसार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कुल 24 पद स्वीकृत हैं, लेकिन इनमें से केवल चार ही डॉक्टर कार्यरत हैं। इस गंभीर कमी के चलते मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा है और उन्हें इलाज के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है।इस मुद्दे पर उपखंड अधिकारी ने कहा कि “मैं इस समस्या को उच्च स्तर तक पहुंचाऊंगा और चिकित्सा व्यवस्था में मौजूद कमियों को दूर करने का हर संभव प्रयास किया जाएगा।”
गौरतलब है कि दबंग की टीम ने पूर्व में भी दो बार इस विषय पर पड़ताल की थी, जिसमें यह स्पष्ट हुआ था कि डॉक्टरों की भारी कमी के कारण मरीजों को उपचार के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। कई बार गंभीर रोगी समय पर उपचार न मिलने से असुविधा झेलते हैं।सामाजिक कार्यकर्ता मनीष उपाध्याय और भाजपा अध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय ने भी इस अवसर पर कहा कि छोटी सादड़ी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र को उप जिला चिकित्सालय घोषित कर दिया गया है, लेकिन जब तक पर्याप्त चिकित्सक एवं संसाधन उपलब्ध नहीं होंगे, तब तक आमजन को अपेक्षित राहत नहीं मिल पाएगी।बैठक के अंत में सभी ने एक स्वर में कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए सरकार को त्वरित कदम उठाने होंगे, ताकि ग्रामीण अंचल के लोग बेहतर चिकित्सा सुविधा पा सकें और उन्हें दूर-दराज नहीं जाना पड़े।




