ब्यूरो चीफ: चित्रांश शर्मा
शाहपुरा। क्षेत्र में एक गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है, जिसमें कचरा डंपिंग यार्ड में जीवित गाय को जलाए जाने का आरोप लगने के बाद ग्रामीणों और गौ-सेवकों में भारी आक्रोश व्याप्त है। घटना 10 अप्रैल 2026 को दोपहर लगभग 12 बजे माताजी का खेड़ा स्थित डंपिंग यार्ड की बताई जा रही है।
विश्व हिंदू परिषद के सह प्रांत गोरक्षा प्रमुख रामेश्वर लाल धाकड़ ने बताया कि स्थानीय गौ-सेवकों एवं सामाजिक संगठनों ने घटना पर कड़ी नाराजगी जताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। बालाजी गोवंश हेल्पलाइन के शाहपुरा तहसील अध्यक्ष विष्णु शर्मा के अनुसार, नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों पर आरोप है कि वे एक जीवित गाय को कचरे से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली में डालकर डंपिंग यार्ड में लाए थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मौके पर पहुंचने पर देखा गया कि एक गाय पहले से जली हुई थी, दूसरी गाय आग में जल रही थी, जबकि तीसरी गाय ट्रॉली में जीवित अवस्था में कचरे के साथ पड़ी थी। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और गौ-सेवक मौके पर पहुंचे और विरोध दर्ज कराया।
ग्रामवासियों का कहना है कि डंपिंग यार्ड के समीप ही विद्यालय और आबादी क्षेत्र स्थित है, जहां कचरा जलाना पहले से ही खतरनाक है। वहीं जीवित पशु के जलने की घटना ने लोगों की धार्मिक भावनाओं को भी आहत किया है। ग्रामीणों ने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
गौ-सेवकों एवं सामाजिक संगठनों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर दोषी कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई, निष्पक्ष जांच तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समय में कार्रवाई नहीं होने पर उग्र आंदोलन किया जाएगा।
घटना के बाद क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। उपखंड अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया गया है, जिसके साथ घटना से संबंधित छायाचित्र भी संलग्न किए गए हैं।
इस दौरान रामेश्वर लाल धाकड़, विष्णु शर्मा, कमल बगड़ावत, रोडूलाल बंजारा, हीरालाल धाकड़, भंवरलाल गुर्जर, सुरेश धाकड़, उदयलाल धाकड़, शांतिलाल गुर्जर, रायसिंह बंजारा, डूंगर सिंह बंजारा, मदनलाल, राजू सहित कई ग्रामीण एवं संगठन पदाधिकारी उपस्थित रहे।




