उम्मीद परियोजना, जो स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत पॉपुलेशन फाउंडेशन ऑफ़ इंडिया द्वारा मोबिउस फाउंडेशन के वित्तीय सहयोग से जनपद गोंडा के चयनित 9 ब्लॉकों में संचालित की जा रही है, उसके अंतर्गत जनपद स्तर पर एक डिस्ट्रिक्ट वर्किंग ग्रुप (DWG) का गठन दिनांक 20 नवंबर 2025 को मुख्य विकास अधिकारी महोदया के मार्गदर्शन एवं मुख्य चिकित्साधिकारी की अध्यक्षता में किया गया था। इस समूह में स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, आईसीडीएस, पंचायती राज, ग्राम्य विकास, एनआरएलएम तथा विभिन्न संस्थाओं को सक्रिय सहयोग एवं समन्वय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शामिल किया गया है, ताकि परिवार नियोजन एवं बाल विवाह रोकथाम से जुड़े सामाजिक व्यवहार परिवर्तन तथा जनजागरूकता को बढ़ाया जा सके। इसी उद्देश्य से जनपद में ‘इतनी भी क्या जल्दी है? कैंपेन का शुभारंभ किया गया।
इसी क्रम में आज मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संतलाल पटेल की अध्यक्षता में डिस्ट्रिक्ट वर्किंग ग्रुप की दूसरी बैठक आयोजित की गई। बैठक में पूर्व में लॉन्च किए गए एसबीसीसी कैंपेन ‘इतनी भी क्या जल्दी है?’ की समीक्षा की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संतलाल पटेल ने कहा कि अन्तर्विभागीय समन्वय से उम्मीद परियोजना एवं कैंपेन में और अधिक गति तथा प्रभावशीलता आएगी। सभी विभागों के संयुक्त प्रयास से परिवार नियोजन के साधनों की मांग बढ़ाने तथा इससे संबंधित भ्रांतियों को दूर करना संभव होगा। उन्होंने यह भी आग्रह किया कि सभी विभाग परियोजना के अंतर्गत विकसित की गई सामग्री—पोस्टर्स, फिल्में एवं अन्य संसाधन—को अपने-अपने स्टाफ के माध्यम से क्षेत्र में अवश्य प्रसारित करें।
इस अवसर पर अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सी. के. वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि उम्मीद परियोजना के अंतर्गत पॉपुलेशन फाउंडेशन ऑफ इंडिया द्वारा जागरूकता हेतु पोस्टर्स, फिल्में, जिंगल्स आदि तैयार किए गए हैं तथा ऑनलाइन (इंस्टाग्राम, यूट्यूब, ट्विटर, फेसबुक) एवं ऑफलाइन (होर्डिंग्स) माध्यमों से भी व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।
इस अवसर पर अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आदित्य वर्मा ने कहा कि समुदाय-स्तरीय सेवाप्रदाता एवं ग्राम प्रधान परिवार नियोजन कार्यक्रम की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम के प्रारंभ में पॉपुलेशन फाउंडेशन ऑफ इंडिया के राज्य प्रतिनिधि श्री बी.के. जैन ने उम्मीद परियोजना के तहत सात जनपदों में संचालित गतिविधियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि चयनित जनपदों के 50 ब्लॉकों में स्वास्थ्य इकाइयों पर काउंसलिंग कॉर्नर स्थापित किए गए हैं तथा आशा एवं एएनएम को प्रशिक्षण देकर उनकी क्षमता वृद्धि की गई है। साथ ही, अन्तर्विभागीय समन्वय के माध्यम से परिवार कल्याण की दिशा में गुणवत्तापूर्ण सेवाओं में बढ़ोतरी सुनिश्चित की जा रही है। परियोजना का प्रमुख उद्देश्य स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर परिवार नियोजन सेवाओं की गुणवत्ता एवं पहुंच का विस्तार करना है।
मोबिउस फाउंडेशन के प्रतिनिधि श्री प्रभात कुमार ने बताया कि पर्यावरण में तेजी से परिवर्तन और सीमित संसाधनों के बीच संतुलन बनाए रखने हेतु परिवार नियोजन कार्यक्रम अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने जनसंख्या, संसाधन एवं पर्यावरण के संबंध को रेखांकित किया।
बैठक के दौरान सभी विभागों की भूमिकाओं तथा परिवार नियोजन कार्यक्रम के संचालन में आ रही चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही, विभागवार जिम्मेदारियों का स्पष्ट निर्धारण करते हुए इन चुनौतियों के समाधान हेतु सामूहिक रणनीतियाँ भी प्रस्तावित की गईं, ताकि परियोजना के उद्देश्यों की प्राप्ति समयबद्ध और प्रभावी रूप से सुनिश्चित हो सके।
जिला कार्यक्रम प्रबंधक अमरनाथ ने औपचारिक रूप से सभी को धन्यवाद देते हुए बैठक के समापन के घोषणा की बैठक में जिला स्तरीय स्वास्थ्य विभाग, पंचायती राज, आईसीडीएस, शिक्षा, ग्राम्य विकास, महिला एवं बाल विकास, एनआरएलएम एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधन यूनिट (एनएचएम), तथा ब्लॉक स्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अधीक्षक, एआरओ, ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधन यूनिट (एनएचएम), आदि के अधिकारी उपस्थित रहे। पॉपुलेशन फाउंडेशन ऑफ इंडिया से बलबीर सिंह, मोहम्मद शरीफ सहित अन्य सहभागी संस्थाओं के प्रतिनिधियों की भी मुख्य रूप से उपस्थिति रही।




