Monday, March 9, 2026

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देसाईगंज में विधिक सेवा महाशिविर और सरकारी योजनाओं का महामेला आयोजित

ब्यूरो रिपोर्ट: महेश पांडुरंग शेंडे, जिला गडचिरोली (महाराष्ट्र)

देसाईगंज: नागरिकों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहना चाहिए और उनका लाभ स्वयं उठाना चाहिए। साथ ही आवश्यकता पड़ने पर उन्हें अपने अधिकारों के लिए प्रयास और संघर्ष करने के लिए भी तैयार रहना चाहिए। यह विचार मुंबई उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ के न्यायमूर्ति तथा गडचिरौली जिले के पालक न्यायमूर्ति रोहित वासुदेव जोशी ने व्यक्त किए।

वे देसाईगंज के तालुका क्रीड़ा संकुल (स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स) में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जिला प्रशासन और देसाईगंज तालुका वकील संघ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘विधिक सेवा महाशिविर एवं सरकारी योजनाओं का महामेला’ कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर बोल रहे थे।

प्रमुख उपस्थिति

कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रमुख जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनिरुद्ध टिकले ने की। मुख्य अतिथि के रूप में जिलाधिकारी अविश्यांत पंडा, जिला पुलिस अधीक्षक नीलोत्पल, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुहास गाडे तथा सीआरपीएफ कमांडेंट सत्यप्रकाश उपस्थित थे।

न्यायमूर्ति जोशी के संबोधन के मुख्य बिंदु

न्यायमूर्ति जोशी ने अपने भाषण में भारतीय संविधान द्वारा नागरिकों को दिए गए आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक न्याय के मूलभूत सिद्धांतों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि न्याय केवल न्यायालयों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि समाज के हर स्तर तक पहुँचना चाहिए। सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचना ही वास्तविक न्याय व्यवस्था का उद्देश्य है।

उन्होंने कहा कि आज के समय में सूचना ही सबसे बड़ी ताकत है। इसलिए नागरिकों को शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी लेकर उसे अपने क्षेत्र के कम से कम दस अन्य लोगों तक पहुँचाना चाहिए। हर नागरिक को उसका अधिकार उसके द्वार तक मिले, इस उद्देश्य से चलाए जा रहे ऐसे उपक्रमों की उन्होंने सराहना की। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित सभी को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएँ भी दीं।

प्रमुख वक्ताओं के विचार

अनिरुद्ध टिकले (प्रमुख जिला एवं सत्र न्यायाधीश): उन्होंने कहा कि नागरिकों को न्याय दिलाने और अत्याचारों को रोकने के लिए कानूनी अधिकारों के साथ-साथ सरकारी योजनाओं के बारे में व्यापक जनजागरूकता जरूरी है।

अविश्यांत पंडा (जिलाधिकारी): उन्होंने बताया कि कानूनी अधिकारों और सरकारी सेवाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना ही इस शिविर का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने नागरिकों से अपने अधिकारों की जानकारी लेने और शिविर का लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि शासन दुर्गम क्षेत्रों तक भी सेवाएँ पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है और ‘छत्रपति शिवाजी महाराज राजस्व समाधान शिविर अभियान’ के माध्यम से प्रशासन राजस्व मंडल स्तर पर नागरिकों के द्वार तक पहुँच रहा है।

अन्य गणमान्य व्यक्तियों के विचार

इस अवसर पर जिला पुलिस अधीक्षक नीलोत्पल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुहास गाडे, सीआरपीएफ कमांडेंट सत्यप्रकाश, देसाईगंज तालुका वकील संघ के अध्यक्ष बी.डी. उके तथा तहसीलदार प्रीति डुडुलकर ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अंकुश खानोरकर ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाना है।

लाभार्थियों को वितरित सामग्री

इस महाशिविर में कई महिला और पुरुष लाभार्थियों को अतिथियों के हाथों विभिन्न योजनाओं के तहत लाभ वितरित किए गए, जिनमें अनुदान के चेक, ट्रैक्टर और ट्रैक्टर ट्रॉली, आटा चक्की, बेबी केयर किट, अंत्योदय कार्ड और राशन कार्ड, उत्कृष्ट घरकुल निर्माण प्रमाणपत्र आदि शामिल थे।

इसके अतिरिक्त पुलिस, न्याय, स्वास्थ्य, राजस्व, कृषि और पशु चिकित्सा विभागों की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देने वाले स्टॉल भी लगाए गए थे।

कार्यक्रम का संचालन

कार्यक्रम का संचालन एडवोकेट सोनाली मेश्राम और स्नेहा मेश्राम ने किया, जबकि न्यायाधीश सुबोध भैसाने ने आभार प्रदर्शन किया। इस मेले में आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

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देसाईगंज में विधिक सेवा महाशिविर और सरकारी योजनाओं का महामेला आयोजित

ब्यूरो रिपोर्ट: महेश पांडुरंग शेंडे, जिला गडचिरोली (महाराष्ट्र)

देसाईगंज: नागरिकों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहना चाहिए और उनका लाभ स्वयं उठाना चाहिए। साथ ही आवश्यकता पड़ने पर उन्हें अपने अधिकारों के लिए प्रयास और संघर्ष करने के लिए भी तैयार रहना चाहिए। यह विचार मुंबई उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ के न्यायमूर्ति तथा गडचिरौली जिले के पालक न्यायमूर्ति रोहित वासुदेव जोशी ने व्यक्त किए।

वे देसाईगंज के तालुका क्रीड़ा संकुल (स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स) में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जिला प्रशासन और देसाईगंज तालुका वकील संघ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘विधिक सेवा महाशिविर एवं सरकारी योजनाओं का महामेला’ कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर बोल रहे थे।

प्रमुख उपस्थिति

कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रमुख जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनिरुद्ध टिकले ने की। मुख्य अतिथि के रूप में जिलाधिकारी अविश्यांत पंडा, जिला पुलिस अधीक्षक नीलोत्पल, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुहास गाडे तथा सीआरपीएफ कमांडेंट सत्यप्रकाश उपस्थित थे।

न्यायमूर्ति जोशी के संबोधन के मुख्य बिंदु

न्यायमूर्ति जोशी ने अपने भाषण में भारतीय संविधान द्वारा नागरिकों को दिए गए आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक न्याय के मूलभूत सिद्धांतों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि न्याय केवल न्यायालयों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि समाज के हर स्तर तक पहुँचना चाहिए। सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचना ही वास्तविक न्याय व्यवस्था का उद्देश्य है।

उन्होंने कहा कि आज के समय में सूचना ही सबसे बड़ी ताकत है। इसलिए नागरिकों को शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी लेकर उसे अपने क्षेत्र के कम से कम दस अन्य लोगों तक पहुँचाना चाहिए। हर नागरिक को उसका अधिकार उसके द्वार तक मिले, इस उद्देश्य से चलाए जा रहे ऐसे उपक्रमों की उन्होंने सराहना की। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित सभी को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएँ भी दीं।

प्रमुख वक्ताओं के विचार

अनिरुद्ध टिकले (प्रमुख जिला एवं सत्र न्यायाधीश): उन्होंने कहा कि नागरिकों को न्याय दिलाने और अत्याचारों को रोकने के लिए कानूनी अधिकारों के साथ-साथ सरकारी योजनाओं के बारे में व्यापक जनजागरूकता जरूरी है।

अविश्यांत पंडा (जिलाधिकारी): उन्होंने बताया कि कानूनी अधिकारों और सरकारी सेवाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना ही इस शिविर का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने नागरिकों से अपने अधिकारों की जानकारी लेने और शिविर का लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि शासन दुर्गम क्षेत्रों तक भी सेवाएँ पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है और ‘छत्रपति शिवाजी महाराज राजस्व समाधान शिविर अभियान’ के माध्यम से प्रशासन राजस्व मंडल स्तर पर नागरिकों के द्वार तक पहुँच रहा है।

अन्य गणमान्य व्यक्तियों के विचार

इस अवसर पर जिला पुलिस अधीक्षक नीलोत्पल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुहास गाडे, सीआरपीएफ कमांडेंट सत्यप्रकाश, देसाईगंज तालुका वकील संघ के अध्यक्ष बी.डी. उके तथा तहसीलदार प्रीति डुडुलकर ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अंकुश खानोरकर ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाना है।

लाभार्थियों को वितरित सामग्री

इस महाशिविर में कई महिला और पुरुष लाभार्थियों को अतिथियों के हाथों विभिन्न योजनाओं के तहत लाभ वितरित किए गए, जिनमें अनुदान के चेक, ट्रैक्टर और ट्रैक्टर ट्रॉली, आटा चक्की, बेबी केयर किट, अंत्योदय कार्ड और राशन कार्ड, उत्कृष्ट घरकुल निर्माण प्रमाणपत्र आदि शामिल थे।

इसके अतिरिक्त पुलिस, न्याय, स्वास्थ्य, राजस्व, कृषि और पशु चिकित्सा विभागों की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देने वाले स्टॉल भी लगाए गए थे।

कार्यक्रम का संचालन

कार्यक्रम का संचालन एडवोकेट सोनाली मेश्राम और स्नेहा मेश्राम ने किया, जबकि न्यायाधीश सुबोध भैसाने ने आभार प्रदर्शन किया। इस मेले में आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

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