ब्यूरो रिपोर्ट: राजेन्द्र खटीक, शाहपुरा
भीलवाड़ा। राजस्थान नर्सिंग यूनियन के नेतृत्व में महात्मा गांधी चिकित्सालय में नर्सिंग कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर राजमेश (राजस्थान मेडिकल एजुकेशन सोसायटी) के डायरेक्टर का स्वागत कर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इस दौरान नर्सिंग कर्मचारियों ने राज्यभर में विलोपित किए गए पदों को पुनः बहाल करने और स्थानीय स्तर पर रिक्त पदों पर समायोजन की प्रमुख मांग उठाई।
कार्यक्रम का नेतृत्व यूनियन के जिला अध्यक्ष लक्की ब्यावट ने किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सातों मेडिकल कॉलेजों में नर्सिंग के कई पदों को समाप्त कर दिया गया है, जिससे कर्मचारियों में भारी रोष है। उन्होंने कहा कि इन पदों पर कार्यरत नर्सिंग स्टाफ ने पिछले 9 वर्षों से लगातार सेवाएं देते हुए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना और संचालन में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
नर्सिंग कर्मचारियों ने मानवीय आधार पर इन पदों को पुनः बहाल करने की मांग करते हुए कहा कि लंबे समय से सेवाएं दे रहे कर्मचारियों को इस तरह हटाना अन्यायपूर्ण है। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि आदेश को वापस लेकर सभी कर्मचारियों को उनके पदों पर पुनः पदस्थापित किया जाए।
इस अवसर पर राजमेश के डायरेक्टर नरेश गोयल ने कर्मचारियों को आश्वासन देते हुए कहा कि इन आदेशों पर आगामी दो महीनों तक पुनर्विचार किया जाएगा। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि इस अवधि में किसी भी कर्मचारी को रिलीव नहीं किया जाएगा।
बैठक में भीलवाड़ा जिले में रिक्त पड़े नर्सिंग पदों पर भी चर्चा की गई। कर्मचारियों ने बताया कि सीएमएचओ कार्यालय में 48 और पीएमओ कार्यालय में 27 पद रिक्त हैं, जिन पर स्थानीय नर्सिंग स्टाफ का समायोजन किया जा सकता है। इस पर डायरेक्टर ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए कहा कि अधिकतम प्रयास किए जाएंगे कि नर्सिंग कर्मचारियों को जिले में ही समायोजित किया जाए।
इसके अतिरिक्त नर्सिंग कर्मचारियों ने महात्मा गांधी चिकित्सालय में मासिक वेतन समय पर मिलने की समस्या भी उठाई। इस पर डायरेक्टर ने भरोसा दिलाया कि बजट संबंधी किसी भी प्रकार की समस्या न तो महात्मा गांधी चिकित्सालय भीलवाड़ा और न ही राजमेश मेडिकल कॉलेज में आने दी जाएगी, जिससे कर्मचारियों को समय पर वेतन मिल सके।
कार्यक्रम के दौरान कार्यालय अधीक्षक डॉ. अरुण गॉड ने भी नर्सिंग कर्मचारियों के कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि कोविड-19 जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी नर्सिंग स्टाफ ने उत्कृष्ट सेवाएं दी हैं और भीलवाड़ा के नर्सिंग कर्मचारी पूरे राजस्थान में अपनी कार्यशैली के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने डायरेक्टर से आग्रह किया कि कर्मचारियों की जायज मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाए।
ज्ञापन सौंपने के दौरान कार्यकारी जिला अध्यक्ष गिरिराज लड्ढा, जिला उपाध्यक्ष करण सिंह, मेडिकल कॉलेज अध्यक्ष निरंजन चम्पावत सहित अश्विनी पाराशर, सत्यनारायण, दिनेश परिहार, मनोज धाकड़, पंकज सोनी, पप्पू रेगर, अंकित काबरा, कुलदीप आर्य, दिनेश खटीक, ललित जीनगर, लखन राव, हेमराज माली और अन्य कई नर्सिंग कर्मचारी उपस्थित रहे।
इस बैठक को नर्सिंग कर्मचारियों के लिए सकारात्मक पहल माना जा रहा है, जिससे उनकी समस्याओं के समाधान की उम्मीद जगी है।




