Wednesday, February 11, 2026

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नायब तहसीलदार के आदेशों की अवहैलना – नदी पर अतिक्रमण

विजय द्विवेदी

राजोद, 22 नवंबर। राजोद धोबी वाली के पास कोटेशन नदी के अंदर अतिक्रमण कर रहे हैं जिसका सर्वे नंबर 1418 है जो कोटेश्वर नदी का हिस्सा है उसी पर ग्राम राजोद के प्रजापत समाज के नदी के अंदर धर्मशाला बनाना शुरू कर दिया ।

जो करीबन 10 12 साल पूर्व में भी एक बार इस स्थान पर प्रजापत समाज द्वारा धर्मशाला के लेंटर खड़े कर दिए थे जिसको पूर्व एसडीएम सरदारपुर द्वारा काम को रोक कर पटवारी द्वारा इसकी सीमांकन करवा कर पटवारी द्वारा पंचनामा बनाकर कर एसडीएम कार्यालय में दिए 7 व्यक्तियों पर एसडीएम महोदय ने-1500 रुपये का अर्थ दंड किया था, जो सरदारपुर एसडीएम कार्यालय में आज भी रिकार्ड मौजूद हैं कोटेश्वर नदी का पानी कई बार गांव में घुस चुका है कई मकानों में से आपदा प्रबंधन समिति द्वारा लोगों को घर में से निकला गया है किंतु कुछ प्रजापत समाज के लोग फर्जी पट्टे बनवाकर ग्राम पंचायत राजोद के सचिव भारत सिंह सोलंकी से मिलकर धर्मशाला बनाने के नाम से₹100 के स्टांप पर दान पत्र करें हैं जो की शासन द्वारा पटटे जो दिए जाते हैं वह पट्टे पर ही लिखा हुआ रहता है कि यह पट्टा किसी को दान दूसरे को बेचा नहीं जा सकता है किंतु ग्राम पंचायत के सचिव भारत सिंह सोलंकी द्वारा इन पट्टो की समय अवधि निकलने के बाद ग्राम पंचायत के रिकॉर्ड में कैसे चढ़ा दी हैं यह तो नियम विरुद्ध कार्य किया है जिन पट्टेधारी व्यक्तियों के सदर बाजार में लाखों रुपए की बिल्डिंग बनी हुई है इन पट्टे के संबंध में सरदारपुर तहसील टप्पा लाबरीया के तहसीलदार द्वारा बताया कि बेच भी नहीं सकते हैं स्वयं अपने 6 माह की अवधि में इसे अपना मकान बनाया जावे किंतु 10 साल बाद भी इन पट्टे का उपयोग नहीं किया गया है तो स्वहत निरस्त माना जाता है।

लाबरिया टप्पा तहसीलदार महोदय आज दिनांक को इसी विवादित कोटेश्वरी नदी पर बन रही धर्मशाला के विवाद पर मौका देखने राजोद उस स्थान को देखने आये स्थान का निरीक्षण कर देखा की वास्तविक नदी पर ही बना रहे हैं नदी के अंदर लेंडर खड़े करने के लिए गड्ढे खोदे गए जो स्पष्ट दिखाई दिए ,प्रजापत समाज द्वारा पट्टे के संबंध में चर्चा की तहसीलदार महोदय ने इन पट्टे को देखा और कहा कि यह पट्टे 2013 के हैं जो आपने अभी तक इसका उपयोग क्यों नहीं किया पट्टे किसी को भी दान या बैचे नहीं जाते है आपने यह पट्टे धर्मशाला के नाम से कैसे दान दिए ग्राम पंचायत के मंत्री भारत सिंह सोलंकी को भी वही पर बुलाया कि आपने आबादी के यह पट्टे पंचायत में कैसे चढ़ा दिए गए हैं मंत्री को निर्देशित किया कि इन पट्टों की जांच कर जानकारी दें क्या इन पट्टेदारों के मकान उनके नाम से है या नहीं अगर है तो उसका भी प्रतिवेदन बना कर भेजें।

ग्राम पंचायत सचिन को आबादी की भूमि चिन्हित कर बताओ साथ ही पटवारी को को भी नदी की सिमांकन करने के लिए निर्देशित किया अब देखना है कि यह पट्टे किसके द्वारा बनाए गए जांच करने पर पूर्ण रूप से पता चल जाऐगा ऐसा सूत्रों का कहना है। पट्टेधारी,,, जितेंद्र पिता रमेश ,राकेश पिता नारायण, विष्णु पिता बगदीराम ,अमृत लाल पिता कोदर लाल इन चार पट्टे व्यक्तियों के नाम पट्टे तहसील में आज भी रिकॉर्ड में नहीं है तो यह पट्टे किसने बनाएं। इन के मकान सदर बाजार मे बने हुए है |


तहसीलदार महोदय ने कार्य की जांच नहीं हो जब तक कार्य चालू नहीं करें। तहसीलदार जाने के बाद में आज से काम फिर शुरू कर दिया इन अतिक्रमण करताओ को शासन का कोई खौफ नहीं है यदि किसी प्रकार कि कोई हानि होती है तो शासन की जवाबदारी रहेगी।

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नायब तहसीलदार के आदेशों की अवहैलना – नदी पर अतिक्रमण

विजय द्विवेदी

राजोद, 22 नवंबर। राजोद धोबी वाली के पास कोटेशन नदी के अंदर अतिक्रमण कर रहे हैं जिसका सर्वे नंबर 1418 है जो कोटेश्वर नदी का हिस्सा है उसी पर ग्राम राजोद के प्रजापत समाज के नदी के अंदर धर्मशाला बनाना शुरू कर दिया ।

जो करीबन 10 12 साल पूर्व में भी एक बार इस स्थान पर प्रजापत समाज द्वारा धर्मशाला के लेंटर खड़े कर दिए थे जिसको पूर्व एसडीएम सरदारपुर द्वारा काम को रोक कर पटवारी द्वारा इसकी सीमांकन करवा कर पटवारी द्वारा पंचनामा बनाकर कर एसडीएम कार्यालय में दिए 7 व्यक्तियों पर एसडीएम महोदय ने-1500 रुपये का अर्थ दंड किया था, जो सरदारपुर एसडीएम कार्यालय में आज भी रिकार्ड मौजूद हैं कोटेश्वर नदी का पानी कई बार गांव में घुस चुका है कई मकानों में से आपदा प्रबंधन समिति द्वारा लोगों को घर में से निकला गया है किंतु कुछ प्रजापत समाज के लोग फर्जी पट्टे बनवाकर ग्राम पंचायत राजोद के सचिव भारत सिंह सोलंकी से मिलकर धर्मशाला बनाने के नाम से₹100 के स्टांप पर दान पत्र करें हैं जो की शासन द्वारा पटटे जो दिए जाते हैं वह पट्टे पर ही लिखा हुआ रहता है कि यह पट्टा किसी को दान दूसरे को बेचा नहीं जा सकता है किंतु ग्राम पंचायत के सचिव भारत सिंह सोलंकी द्वारा इन पट्टो की समय अवधि निकलने के बाद ग्राम पंचायत के रिकॉर्ड में कैसे चढ़ा दी हैं यह तो नियम विरुद्ध कार्य किया है जिन पट्टेधारी व्यक्तियों के सदर बाजार में लाखों रुपए की बिल्डिंग बनी हुई है इन पट्टे के संबंध में सरदारपुर तहसील टप्पा लाबरीया के तहसीलदार द्वारा बताया कि बेच भी नहीं सकते हैं स्वयं अपने 6 माह की अवधि में इसे अपना मकान बनाया जावे किंतु 10 साल बाद भी इन पट्टे का उपयोग नहीं किया गया है तो स्वहत निरस्त माना जाता है।

लाबरिया टप्पा तहसीलदार महोदय आज दिनांक को इसी विवादित कोटेश्वरी नदी पर बन रही धर्मशाला के विवाद पर मौका देखने राजोद उस स्थान को देखने आये स्थान का निरीक्षण कर देखा की वास्तविक नदी पर ही बना रहे हैं नदी के अंदर लेंडर खड़े करने के लिए गड्ढे खोदे गए जो स्पष्ट दिखाई दिए ,प्रजापत समाज द्वारा पट्टे के संबंध में चर्चा की तहसीलदार महोदय ने इन पट्टे को देखा और कहा कि यह पट्टे 2013 के हैं जो आपने अभी तक इसका उपयोग क्यों नहीं किया पट्टे किसी को भी दान या बैचे नहीं जाते है आपने यह पट्टे धर्मशाला के नाम से कैसे दान दिए ग्राम पंचायत के मंत्री भारत सिंह सोलंकी को भी वही पर बुलाया कि आपने आबादी के यह पट्टे पंचायत में कैसे चढ़ा दिए गए हैं मंत्री को निर्देशित किया कि इन पट्टों की जांच कर जानकारी दें क्या इन पट्टेदारों के मकान उनके नाम से है या नहीं अगर है तो उसका भी प्रतिवेदन बना कर भेजें।

ग्राम पंचायत सचिन को आबादी की भूमि चिन्हित कर बताओ साथ ही पटवारी को को भी नदी की सिमांकन करने के लिए निर्देशित किया अब देखना है कि यह पट्टे किसके द्वारा बनाए गए जांच करने पर पूर्ण रूप से पता चल जाऐगा ऐसा सूत्रों का कहना है। पट्टेधारी,,, जितेंद्र पिता रमेश ,राकेश पिता नारायण, विष्णु पिता बगदीराम ,अमृत लाल पिता कोदर लाल इन चार पट्टे व्यक्तियों के नाम पट्टे तहसील में आज भी रिकॉर्ड में नहीं है तो यह पट्टे किसने बनाएं। इन के मकान सदर बाजार मे बने हुए है |


तहसीलदार महोदय ने कार्य की जांच नहीं हो जब तक कार्य चालू नहीं करें। तहसीलदार जाने के बाद में आज से काम फिर शुरू कर दिया इन अतिक्रमण करताओ को शासन का कोई खौफ नहीं है यदि किसी प्रकार कि कोई हानि होती है तो शासन की जवाबदारी रहेगी।

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