छोटी सादड़ी (प्रतापगढ़)।
नगर के राजकीय अस्पताल परिसर में शनिवार देर रात एक पत्रकार के साथ कथित रूप से मारपीट, गाली-गलौज और मोबाइल छीनकर फेंकने की घटना सामने आई है। इस संबंध में पीड़ित पत्रकार महेश कुमार माली ने थाना छोटी सादड़ी में लिखित रिपोर्ट देकर आरोपी के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। घटना के बाद क्षेत्र के पत्रकारों और सामाजिक संगठनों में रोष व्याप्त है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार महेश कुमार माली 14 फरवरी 2026 की रात लगभग 10 से 11 बजे के बीच राजकीय अस्पताल में एक घटना की कवरेज के सिलसिले में पहुंचे थे। वे ‘दबंग केसरी’ से जुड़े हैं, प्रेस क्लब वेलफेयर वर्ल्डवाइड और ‘चाणक्य न्यूज’ के सदस्य हैं ‘सत्यम सत्य मीडिया’ में नेशनल कोऑर्डिनेटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार अस्पताल परिसर में मौजूद अनुराग उर्फ छोटू राव मराठा नामक व्यक्ति ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। आरोप है कि उसने पत्रकार के साथ गाली-गलौज करते हुए हाथापाई की और उनका मोबाइल फोन छीनकर जमीन पर फेंक दिया, जिससे मोबाइल को नुकसान पहुंचा। इस घटना से पत्रकार के कर्तव्य पालन में बाधा उत्पन्न हुई और उन्हें मानसिक आघात पहुंचा।
पत्रकार महेश कुमार माली ने इसे केवल व्यक्तिगत हमला नहीं, बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ—मीडिया—पर सीधा प्रहार बताया है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता समाज का दर्पण है और पत्रकार निष्पक्ष, निर्भीक तथा तथ्यात्मक जानकारी जनता तक पहुंचाने का दायित्व निभाते हैं। संविधान द्वारा प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अंतर्गत मीडिया को स्वतंत्र रूप से समाचार संकलन और प्रसारण का अधिकार प्राप्त है। ऐसे में पत्रकारों के साथ इस प्रकार की घटनाएं न केवल चिंताजनक हैं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए भी खतरे का संकेत हैं।
घटना के विरोध में स्थानीय पत्रकारों ने भी एकजुटता दिखाई है और प्रशासन से मांग की है कि आरोपी के खिलाफ तुरंत प्राथमिकी दर्ज कर कठोर धाराओं में कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी पत्रकार के साथ इस प्रकार का दुर्व्यवहार न हो। सामाजिक संगठनों ने भी इस घटना की निंदा करते हुए दोषी के विरुद्ध सख्त कदम उठाने की आवश्यकता जताई है।
थाना छोटी सादड़ी पुलिस ने शिकायत प्राप्त होने की पुष्टि करते हुए मामले की जांच प्रारंभ कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना एक बार फिर पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मान के प्रश्न को सामने लाती है। लोकतंत्र की मजबूती के लिए आवश्यक है कि पत्रकार सुरक्षित वातावरण में अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकें। अब सबकी नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई है।




