Monday, March 16, 2026

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पिलानी में युवक की संदिग्ध मौत ( ईशु राणा ), परिजनों ने हत्या की जांच की उठाई मांग

ब्यूरो चीफ: सुरेश सैनी, झुंझुनूं

पिलानी (झुंझुनूं): वार्ड नंबर 23 पिलानी में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। मृतक के परिजनों ने इसे हत्या बताते हुए पुलिस पर मामले को अप्राकृतिक मृत्यु बताकर दबाने का आरोप लगाया है।

परिजनों के अनुसार 7 मार्च 2026 को दोपहर करीब 2:30 बजे ईशु चण उर्फ विशाल राणा घर पर चना खा रहा था। उसी दौरान मोहल्ले का अनु पुत्र सुरेश उसे घर से बुलाकर ले गया। इसी दौरान धोनी पुत्र सुरेश का भी फोन आया था।

करीब 3 से 3:30 बजे मृतक की मौसी की बेटी खुशी राणा ने भूपेश राणा को फोन कर बताया कि ईशु राणा प्ले स्कूल के सामने वाली गली में अचेत अवस्था में पड़ा है। इसके बाद भूपेश राणा मौके पर पहुंचे और ऑटो की सहायता से उसकी माता किरण राणा को साथ लेकर बिरला सार्वजनिक अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने ईशु राणा को मृत घोषित कर दिया।

परिजनों का आरोप है कि अनु पुत्र सुरेश राणा और उसका भाई धोनी पुत्र सुरेश राणा ईशु को घर से बुलाकर ले गए थे और उन्हीं लोगों ने उसकी हत्या कर शव सड़क किनारे फेंक दिया। परिजनों का कहना है कि मृतक के मुंह, कनपटी और गले पर चोट के निशान थे तथा घुटनों और हाथों पर भी खरोंच के निशान पाए गए।

इसके बावजूद परिजनों का आरोप है कि पुलिस थाना पिलानी के थानाधिकारी ने मामले को बीएनएसएस की धारा 194 के तहत यूडी नंबर 0006/2026 दर्ज कर अप्राकृतिक मृत्यु मानकर मामला खत्म करने की कोशिश की।

परिजनों ने यह भी बताया कि 21 फरवरी 2026 को भी मोहल्ले के मोनू पुत्र अशोक लोहस ने हॉकी लेकर घर में घुसकर ईशु राणा के साथ मारपीट की थी और जान से मारने की धमकी दी थी। उस समय मोहल्ले के लोगों ने समझाइश देकर मामला शांत करवा दिया था, इसलिए पुलिस में रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई थी।

परिजनों का कहना है कि इस घटना के करीब 15 दिन बाद ईशु राणा का शव वार्ड नंबर 23 में प्ले स्कूल के सामने वाली गली में मिला।

परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।

International

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पिलानी में युवक की संदिग्ध मौत ( ईशु राणा ), परिजनों ने हत्या की जांच की उठाई मांग

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पिलानी (झुंझुनूं): वार्ड नंबर 23 पिलानी में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। मृतक के परिजनों ने इसे हत्या बताते हुए पुलिस पर मामले को अप्राकृतिक मृत्यु बताकर दबाने का आरोप लगाया है।

परिजनों के अनुसार 7 मार्च 2026 को दोपहर करीब 2:30 बजे ईशु चण उर्फ विशाल राणा घर पर चना खा रहा था। उसी दौरान मोहल्ले का अनु पुत्र सुरेश उसे घर से बुलाकर ले गया। इसी दौरान धोनी पुत्र सुरेश का भी फोन आया था।

करीब 3 से 3:30 बजे मृतक की मौसी की बेटी खुशी राणा ने भूपेश राणा को फोन कर बताया कि ईशु राणा प्ले स्कूल के सामने वाली गली में अचेत अवस्था में पड़ा है। इसके बाद भूपेश राणा मौके पर पहुंचे और ऑटो की सहायता से उसकी माता किरण राणा को साथ लेकर बिरला सार्वजनिक अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने ईशु राणा को मृत घोषित कर दिया।

परिजनों का आरोप है कि अनु पुत्र सुरेश राणा और उसका भाई धोनी पुत्र सुरेश राणा ईशु को घर से बुलाकर ले गए थे और उन्हीं लोगों ने उसकी हत्या कर शव सड़क किनारे फेंक दिया। परिजनों का कहना है कि मृतक के मुंह, कनपटी और गले पर चोट के निशान थे तथा घुटनों और हाथों पर भी खरोंच के निशान पाए गए।

इसके बावजूद परिजनों का आरोप है कि पुलिस थाना पिलानी के थानाधिकारी ने मामले को बीएनएसएस की धारा 194 के तहत यूडी नंबर 0006/2026 दर्ज कर अप्राकृतिक मृत्यु मानकर मामला खत्म करने की कोशिश की।

परिजनों ने यह भी बताया कि 21 फरवरी 2026 को भी मोहल्ले के मोनू पुत्र अशोक लोहस ने हॉकी लेकर घर में घुसकर ईशु राणा के साथ मारपीट की थी और जान से मारने की धमकी दी थी। उस समय मोहल्ले के लोगों ने समझाइश देकर मामला शांत करवा दिया था, इसलिए पुलिस में रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई थी।

परिजनों का कहना है कि इस घटना के करीब 15 दिन बाद ईशु राणा का शव वार्ड नंबर 23 में प्ले स्कूल के सामने वाली गली में मिला।

परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।

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