ब्यूरो रिपोर्ट: विजय द्विवेदी, धार (मध्य प्रदेश)
राजगढ़। अपराधों की रोकथाम और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत राजगढ़ थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने अमानत में खयानत के तीन अलग-अलग मामलों में फरार चल रहे चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। साथ ही आरोपियों के कब्जे से करीब 25 लाख रुपये कीमत की तीन कारें जब्त की गई हैं।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक धार मयंक अवस्थी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पारूल बेलापुरकर के निर्देशन तथा एसडीओपी सरदारपुर विश्वदीप सिंह परिहार के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी समीर पाटीदार के नेतृत्व में की गई।
गिरफ्तार आरोपी
पुलिस ने जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें
- शैलेन्द्र ठाकुर (52 वर्ष, इंदौर)
- मनोज ठाकुर (सरदारपुर)
- धीरज प्रजापत (21 वर्ष, धार)
- जीतू तिवारी (पीथमपुर) शामिल हैं।
क्या है मामला
तीनों मामलों में आरोपियों ने अलग-अलग लोगों से कारें किराये पर लीं, कुछ समय तक किस्त या किराया देने के बाद भुगतान बंद कर दिया और वाहन वापस करने के बजाय बेचने या खुर्द-बुर्द करने की कोशिश की।
- मामला 1 (अपराध क्रमांक 77/2026): धीरज प्रजापत ने अर्टिगा कार किराये पर लेकर न तो किस्त चुकाई और न ही वाहन लौटाया।
- मामला 2 (अपराध क्रमांक 113/2026): शैलेन्द्र ठाकुर ने होंडा अमेज कार लेकर भुगतान बंद कर दिया और वाहन बेचने की बात कहकर गायब हो गया।
- मामला 3 (अपराध क्रमांक 125/2026): शैलेन्द्र ठाकुर और मनोज ठाकुर ने अर्टिगा कार किराये पर लेकर किराया देना बंद कर दिया और वाहन लौटाने से इंकार कर दिया।
तीनों मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(2) के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच की गई।
पुलिस कार्रवाई
तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिर सूचना और लगातार तलाश के आधार पर पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया। कार्रवाई में पुलिस टीम के कई अधिकारियों और जवानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिनकी सराहना करते हुए पुलिस अधीक्षक ने उन्हें पुरस्कृत करने की घोषणा की है।
जब्त वाहन
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से
- 2 अर्टिगा कार
- 1 होंडा अमेज कार
जब्त की है, जिनकी कुल कीमत लगभग 25 लाख रुपये बताई जा रही है।
पुलिस की अपील
राजगढ़ पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वाहन किराये पर देने से पहले वैधानिक अनुबंध अवश्य करें और संबंधित व्यक्ति की पहचान का पूर्ण सत्यापन करें, ताकि इस प्रकार की धोखाधड़ी से बचा जा सके।




