Wednesday, February 11, 2026

National

spot_img

लोकतंत्र की नींव कहे जाने वाले पत्रकारों की जान पर खतरा

रामजनम तिवारी

24 नवंबर 2025। सुशील अवस्थी जो पेशे से एक पत्रकार है आज सच की लड़ाई लड़ते-लड़ते उनकी जान पर बने कहते हैं कलयुग में सच बोलना बहुत गलत होता है और इसी की सजा सुशील अवस्थी को मिली।

सुदर्शन न्यूज़ चैनल के पत्रकार सुशील अवस्थी शुरू से ही निडर साहसी रहे है और इसी के कारण उन्होंने सत्ता में बैठे कुछ और असामाजिक और भ्रष्टाचारी लोगों के खिलाफ आवाज उठाई, और उन अराजक और सत्ताधारियों ने अपने पद और पैसे का इस्तेमाल करते हुए योजना बनाकर सुशील अवस्थी पर हमला किया और उनके साथ में रहने से मारपीट की।

लोकतंत्र की नई कहे जाने वाले पत्रकारों को आए दिन इस तरह की प्रताड़ना से प्रताड़ित होना पड़ता है इसके कई उदाहरण समाज के सामने आ चुके हैं फिर भी सरकार ने कोई ठोस कदम कभी नहीं उठाया।


सुशील अवस्थी की हालत गंभीर है अपराधियों के प्रति कार्यवाही हेतु पुलिस को वीडियो गाड़ी नंबर तस्वीर सब कुछ दे दिया जा चुका है लेकिन फिर भी सत्ता में बैठे अराजक लोगों के खिलाफ किसी तरह की कार्यवाही अभी तक क्यों नहीं हो पाई।


यद्यपि अगर आज किसी तरह का ठोस कदम नहीं उठाया गया तो लोकतंत्र के नींव कहे जाने वाले पत्रकारों को आए दिन इस तरह की प्रताड़ना झेलनी पड़ेगी। बुराई चाहे कितने भी अपने पैर फैला ले लेकिन सच की कलम कभी रुकने वाली नहीं है।

International

spot_img

लोकतंत्र की नींव कहे जाने वाले पत्रकारों की जान पर खतरा

रामजनम तिवारी

24 नवंबर 2025। सुशील अवस्थी जो पेशे से एक पत्रकार है आज सच की लड़ाई लड़ते-लड़ते उनकी जान पर बने कहते हैं कलयुग में सच बोलना बहुत गलत होता है और इसी की सजा सुशील अवस्थी को मिली।

सुदर्शन न्यूज़ चैनल के पत्रकार सुशील अवस्थी शुरू से ही निडर साहसी रहे है और इसी के कारण उन्होंने सत्ता में बैठे कुछ और असामाजिक और भ्रष्टाचारी लोगों के खिलाफ आवाज उठाई, और उन अराजक और सत्ताधारियों ने अपने पद और पैसे का इस्तेमाल करते हुए योजना बनाकर सुशील अवस्थी पर हमला किया और उनके साथ में रहने से मारपीट की।

लोकतंत्र की नई कहे जाने वाले पत्रकारों को आए दिन इस तरह की प्रताड़ना से प्रताड़ित होना पड़ता है इसके कई उदाहरण समाज के सामने आ चुके हैं फिर भी सरकार ने कोई ठोस कदम कभी नहीं उठाया।


सुशील अवस्थी की हालत गंभीर है अपराधियों के प्रति कार्यवाही हेतु पुलिस को वीडियो गाड़ी नंबर तस्वीर सब कुछ दे दिया जा चुका है लेकिन फिर भी सत्ता में बैठे अराजक लोगों के खिलाफ किसी तरह की कार्यवाही अभी तक क्यों नहीं हो पाई।


यद्यपि अगर आज किसी तरह का ठोस कदम नहीं उठाया गया तो लोकतंत्र के नींव कहे जाने वाले पत्रकारों को आए दिन इस तरह की प्रताड़ना झेलनी पड़ेगी। बुराई चाहे कितने भी अपने पैर फैला ले लेकिन सच की कलम कभी रुकने वाली नहीं है।

National

spot_img

International

spot_img
RELATED ARTICLES