सुरेश सैनी
21 नवंबर झुंझुनू। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव डॉ महेंद्र सिंह सोलंकी ने जिला परिवहन अधिकारी मोनू सिंह मीणा के साथ जिला मुख्यालय पर प्राइवेट विद्यालय द्वारा चलाई जाने वाली वैन, बस, टेंपो आदि का वाचन निरीक्षण कर लिया।
सचिन डॉक्टर महेंद्र सिंह ने बताया है कि कई बार वहां की क्षमता के बाहर उसमें बच्चों को ले जाया जाता है जो की कानूनी गलत है और बच्चों की जान के साथ भी खिलवाड़ है लेकिन फिर भी नियमों को ताक पर टांगकर वाहन चलाए जाते हैं।
ऐसा कई बार देखा गया है कि स्कूल बसों में वाहनों में फर्स्ट एड बॉक्स भी नहीं मिलता है नहीं अग्निशमन यंत्र और ना ही जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम कई बार तो आपातकालीन निकास भी नहीं होता है।
अक्सर यह भी देखा जाता है की नए ड्राइवर जिनके पास हैवी लाइसेंस नही होता है फिर भी उनको प्राइवेट स्कूलों द्वारा रख लिया जाता है। स्कूल द्वारा पूरी तरीके से जांच न होने पर भी ड्राइवर रखे जाते हैं जिन्हें गाड़ी के फिटनेस के बारे में भी जानकारी नहीं होती है अनुभवी चालक अच्छी तनख्वाह पर ही आता है जो की प्राइवेट स्कूलों को गवारा नहीं होता है इसी कारण वह बच्चों की जान के साथ खिलवाड़ करते हैं।
संबंधित विभाग द्वारा औचक निरीक्षण के अंतर्गत कई अयोग्य वाहन पाए गए जिन्हें 10 दिन के अंदर दुरुस्त करवाने का निर्देश दिया गया है और फिटनेस बनवाकर संबंधित कार्यालय में रिपोर्ट करने के आदेश दिए गए परिवहन विभाग द्वारा दो बाल वाहिनियों का चालान भी काटा गया है।
इस प्रकार के औचक निरीक्षण बच्चों की सुरक्षा और संरक्षण में सहयोग करते हैं।




