ब्यूरो चीफ: सुरेश सैनी
झुंझुनूं। शहर की सफाई व्यवस्था इन दिनों पूरी तरह चरमराई हुई नजर आ रही है, जिससे आमजन में भारी रोष व्याप्त है। नगर परिषद क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में गंदगी का अंबार लगा हुआ है, नालियां जाम पड़ी हैं और सड़कों पर गंदा पानी बह रहा है। यह स्थिति न केवल प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करती है, बल्कि जनप्रतिनिधियों की निष्क्रियता पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।
नगर परिषद के एक पार्षद, जो पिछले 15 वर्षों से जनता का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, ने वर्तमान हालात पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि उन्होंने अपने कार्यकाल में कभी भी शहर की सफाई व्यवस्था को इतना बदहाल नहीं देखा। उनका आरोप है कि आज नगर परिषद में जिम्मेदारी लेने वाला कोई नहीं है और प्रशासन पूरी तरह उदासीन बना हुआ है।
शहर के प्रमुख मार्ग, गणेश मंदिर से अग्रसेन सर्किल तक की स्थिति बेहद चिंताजनक है। यहां नालों की सफाई हुए करीब दो साल हो चुके हैं, लेकिन अब तक उनकी सुध नहीं ली गई। पिछले एक सप्ताह से गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है, जिससे राहगीरों और दुकानदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बावजूद इसके, संबंधित अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचकर समस्या का समाधान करने में असफल रहे हैं।
राजनीतिक स्तर पर भी इस मुद्दे को लेकर नाराजगी सामने आई है। आरोप है कि चुनाव के समय सक्रिय रहने वाले कुछ नेता आज इस गंभीर समस्या पर चुप्पी साधे हुए हैं। पार्षद का कहना है कि ये नेता चाहकर भी कुछ नहीं कर पा रहे, क्योंकि उनकी बात सुनने वाला कोई नहीं है। यह स्थिति लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए भी चिंताजनक मानी जा रही है।
शहर के बाजार, मुख्य मार्ग, मोहल्ले और चौराहे कचरे से पटे पड़े हैं। नालों की सफाई महीनों से नहीं हुई है और कई स्थानों पर बदबू और गंदगी के कारण लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। वहीं स्ट्रीट लाइट व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है, जिससे रात के समय सुरक्षा की समस्या बढ़ रही है।
इस पूरे मामले में पार्षद ने शहरवासियों से अपील की है कि वे जागरूक बनें और सफाई व्यवस्था को सुधारने के लिए आवाज उठाएं। उन्होंने कहा कि केवल प्रशासन ही नहीं, बल्कि शहर के हर नागरिक की भी जिम्मेदारी है कि वह अपने आसपास सफाई बनाए रखने में सहयोग करे और गलतियों के खिलाफ आवाज बुलंद करे।
साथ ही, उन्होंने सभी राजनीतिक दलों के नेताओं से भी आग्रह किया कि वे दलगत राजनीति से ऊपर उठकर शहर के हित में काम करें और नगर परिषद प्रशासन पर दबाव बनाएं ताकि सफाई व्यवस्था को जल्द से जल्द पटरी पर लाया जा सके।
यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में यह स्थिति और भी भयावह हो सकती है। ऐसे में प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों को मिलकर इस गंभीर मुद्दे का समाधान निकालना होगा, ताकि झुंझुनूं शहर को स्वच्छ और स्वस्थ बनाया जा सके।




