ब्यूरो रिपोर्ट: राजेन्द्र खटीक
शाहपुरा। भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर विचार मंच संस्था की एक आवश्यक बैठक अंबेडकर स्मारक परिसर में आयोजित की गई, जिसमें आगामी 14 अप्रैल को संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती को भव्य और गरिमामय ढंग से मनाने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया। बैठक में यह तय किया गया कि शाहपुरा शहर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी जयंती समारोह व्यापक स्तर पर आयोजित किए जाएंगे।
बैठक के दौरान जयंती कार्यक्रम की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया गया। साथ ही, मंच के पदाधिकारियों ने नगर पालिका शाहपुरा के रवैये पर गहरा असंतोष व्यक्त किया। बताया गया कि विगत 25 वर्षों से नगर पालिका द्वारा अंबेडकर जयंती सहित विभिन्न महापुरुषों के आयोजनों के लिए टेंट, माइक, लाइट और कुर्सियों की व्यवस्थाएं की जाती रही हैं, लेकिन इस वर्ष नगर पालिका आयुक्त रिंकल गुप्ता द्वारा साफ इनकार कर दिया गया।
इस निर्णय को लेकर मंच के सदस्यों ने इसे भेदभावपूर्ण नीति बताते हुए कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर केवल संविधान निर्माता ही नहीं, बल्कि देश के करोड़ों लोगों की आस्था के प्रतीक हैं, जिनकी जयंती भारत ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मनाई जाती है। ऐसे में स्थानीय निकाय द्वारा सहयोग न देना दुर्भाग्यपूर्ण है।
नगर पालिका के इस रुख के विरोध में अंबेडकर विचार मंच के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम उपखंड अधिकारी शाहपुरा के प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपा और संबंधित अधिकारी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि केंद्र और राज्य सरकारें अंबेडकर जयंती पर सार्वजनिक अवकाश घोषित करती हैं तथा स्थानीय स्तर पर आयोजन की जिम्मेदारी स्थानीय निकायों द्वारा निभाई जाती रही है।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि यदि नगर पालिका द्वारा आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध नहीं कराई जाती हैं, तो अंबेडकर में आस्था रखने वाले लोग स्वयं सहयोग कर जयंती समारोह को भव्य रूप देंगे।
इसके अलावा, 2 अप्रैल 2018 के भारत बंद के दौरान शहीद हुए 13 लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। मंच के सदस्यों ने आगामी दिनों में जनसंपर्क अभियान चलाने का निर्णय लिया, जिसके तहत कार्यकर्ताओं की टोलियां बनाकर घर-घर और गांव-गांव जाकर लोगों को जयंती समारोह में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया जाएगा।
बैठक में जिला अध्यक्ष सुरेश चंद्र घूसर, लादूराम चावला, पार्षद रामेश्वर सोलंकी, देवीलाल रेगर, देवीलाल बेरवा, रमेश चंद्र घूसर, प्रेमचंद मीणा, खटीक समाज अध्यक्ष सत्यनारायण चावला, अनिल कुमार घूसर, महासचिव शिवराम खटीक, शंकर लाल खटीक, रमन बेरवा, पुष्पेंद्र कुमार सोलंकी, रामचंद्र बैरवा, घनश्याम बैरवा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
साथ ही बैठक में भारतीय संविधान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विशेष अभियान चलाने का भी निर्णय लिया गया।




