ब्यूरो चीफ: चित्रांश शर्मा
शाहपुरा (भीलवाड़ा), 9 अप्रैल।
राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार तालुका विधिक सेवा समिति, शाहपुरा द्वारा गुरुवार को “साइबर क्राइम” विषय पर विभिन्न विद्यालयों में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया।
पहला शिविर आलोक सेंट्रल सेकेंडरी स्कूल में आयोजित हुआ, जिसमें माननीय अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश सानिया हाशमी ने विद्यार्थियों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने डिजिटल युग में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों पर चिंता व्यक्त करते हुए सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग और व्यक्तिगत जानकारी की गोपनीयता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।
इस अवसर पर अपर लोक अभियोजक हितेश शर्मा, तालुका सचिव आजाद मोहम्मद, अधिवक्ता दीपक पारीक, न्यायालय स्टाफ राजेश नील एवं विद्यालय के प्रधानाचार्य वीरेंद्र व्यास सहित अन्य स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे। शिविर में लगभग 180 विद्यार्थियों ने भाग लिया।
इसी क्रम में दूसरा शिविर राजकीय बालक उच्च माध्यमिक विद्यालय में आयोजित किया गया। इसमें माननीय एसीजेएम सुश्री सीमा चौहान ने विद्यार्थियों को साइबर अपराधों के विभिन्न प्रकार—ऑनलाइन फ्रॉड, फिशिंग, हैकिंग एवं साइबर बुलिंग—के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने डिजिटल सुरक्षा के उपाय बताते हुए मजबूत पासवर्ड के उपयोग, ओटीपी साझा न करने तथा साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रेरित किया।
इस दौरान पैनल अधिवक्ता अंकित शर्मा, न्यायालय स्टाफ राहुल धाकड़, पीएलवी रीना देवी एवं विद्यालय के प्रधानाचार्य इकराम उल हक अंसारी उपस्थित रहे। इस शिविर में लगभग 160 विद्यार्थियों ने सहभागिता की।
दोनों शिविरों में कुल 340 विद्यार्थियों ने भाग लेकर साइबर सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी प्राप्त की और अपने प्रश्नों के समाधान पाए। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों को कानून के प्रति जागरूक रहते हुए जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया गया।




