ब्यूरो रिपोर्ट: राजेन्द्र खटीक, शाहपुरा
उज्जैन। मुख्यमंत्री मोहन यादव के विजन को धरातल पर उतारने के लिए प्रशासन ने सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को लेकर तेजी से काम शुरू कर दिया है। इसी क्रम में संभाग आयुक्त आशीष सिंह और कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने साधु-संतों की टोली के साथ विभिन्न निर्माण कार्यों का स्थल निरीक्षण किया।
निरीक्षण की शुरुआत शनि मंदिर से हुई, जो नवीन घाटों के निर्माण कार्यों का अवलोकन करते हुए उस महत्वपूर्ण टनल तक पहुँची, जिसे कान्ह नदी के प्रदूषित जल को शिप्रा नदी में मिलने से रोकने के उद्देश्य से बनाया जा रहा है।
प्रशासनिक अधिकारियों ने मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप साधु-संतों को प्रत्येक निर्माण कार्य की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सिंहस्थ 2028 में आने वाले श्रद्धालुओं को स्वच्छ जल और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।
भ्रमण के दौरान कान्ह नदी डायवर्सन योजना चर्चा का केंद्र रही। निर्माणाधीन विशाल टनल का अवलोकन कर संतों ने संतोष व्यक्त किया। संभाग आयुक्त आशीष सिंह ने संतों को आश्वस्त किया कि सभी कार्यों में उनकी गरिमा और सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने नवीन घाटों की कार्ययोजना साझा करते हुए बताया कि शिप्रा शुद्धिकरण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। संतों ने भी प्रशासन द्वारा किए जा रहे खुले संवाद की सराहना की और टनल के तकनीकी पहलुओं को समझा।
इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य सिंहस्थ से जुड़े स्थायी निर्माण कार्यों में पारदर्शिता लाना और संतों के सुझावों को शामिल करना रहा, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु उज्जैन की दिव्य और स्वच्छ छवि लेकर लौटें।




