Sunday, April 5, 2026

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सिरोही का गौरव कुणाल चौधरी को ISB हैदराबाद में मिला टॉर्चबेयरर अवॉर्ड!

ब्यूरो चीफ: इमरान खान, आबू रोड

राजस्थान के सिरोही जिले के प्रतिभाशाली युवा कुणाल चौधरी ने एक बार फिर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। Indian School of Business (आईएसबी), हैदराबाद से मास्टर डिग्री प्राप्त करने पर उन्हें 3 अप्रैल को आयोजित एक भव्य समारोह में प्रतिष्ठित ‘टॉर्चबेयरर अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया।

यह सम्मान आईएसबी के हैदराबाद कैंपस के चयनित 20 मेधावी छात्रों को उनके उत्कृष्ट समर्पण और नवाचार के लिए प्रदान किया जाता है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2025 में आईएसबी को वैश्विक स्तर पर 12वीं रैंक प्राप्त हुई है, जिससे इस उपलब्धि का महत्व और बढ़ जाता है।

समारोह में Wharton School की डीन Erika H. James मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। इस अवसर पर आईएसबी के डीन Madan Pillutla, प्रोफेसर Ramabhadran Thirumalai और प्रोफेसर Deepa Mani भी मौजूद रहे।

32 वर्षीय कुणाल चौधरी सिरोही के वरिष्ठ पत्रकार एवं Pavapuri Trust के मैनेजिंग ट्रस्टी महावीर जैन एवं विजय लक्ष्मी के सुपुत्र हैं। उनके परिवार में शिक्षा का उच्च स्तर देखने को मिलता है, जिसमें 5 आईटी इंजीनियर, 1 चार्टर्ड अकाउंटेंट और 2 अधिवक्ता शामिल हैं।

सिटीग्रुप से करियर की शुरुआत, बने सबसे युवा वाइस प्रेसिडेंट
कुणाल ने वर्ष 2016 में Citigroup में प्रबंधक के रूप में अपने करियर की शुरुआत की। अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर मात्र 30 वर्ष की आयु में वे अमेरिका आधारित सिटीग्रुप में सबसे युवा वाइस प्रेसिडेंट बने और चार वर्षों तक पुणे में इस पद पर कार्य किया।

इसके बाद उन्होंने उच्च शिक्षा का लक्ष्य तय करते हुए अप्रैल 2025 में आईएसबी में वित्तीय प्रबंधन में मास्टर डिग्री के लिए प्रवेश लिया और मार्च 2026 में इसे सफलतापूर्वक पूरा किया।

पत्नी आकांक्षा का मिला पूरा सहयोग
कुणाल की सफलता में उनकी पत्नी आकांक्षा सुराणा का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। उदयपुर निवासी आकांक्षा (एमबीए फाइनेंस) स्वयं सिटीग्रुप पुणे में प्रबंधक के पद पर कार्यरत हैं और उन्होंने कुणाल को उच्च शिक्षा के लिए निरंतर प्रोत्साहित किया।

बचपन से ही मेधावी और पढ़ाई के प्रति समर्पित रहे कुणाल की प्रारंभिक शिक्षा सिरोही में ही हुई। मात्र 32 वर्ष की आयु में इस बड़ी उपलब्धि को हासिल कर उन्होंने न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे जिले का गौरव बढ़ाया है।

कुणाल चौधरी की इस सफलता पर क्षेत्र के उद्योगपतियों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और नागरिकों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं।

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सिरोही का गौरव कुणाल चौधरी को ISB हैदराबाद में मिला टॉर्चबेयरर अवॉर्ड!

ब्यूरो चीफ: इमरान खान, आबू रोड

राजस्थान के सिरोही जिले के प्रतिभाशाली युवा कुणाल चौधरी ने एक बार फिर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। Indian School of Business (आईएसबी), हैदराबाद से मास्टर डिग्री प्राप्त करने पर उन्हें 3 अप्रैल को आयोजित एक भव्य समारोह में प्रतिष्ठित ‘टॉर्चबेयरर अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया।

यह सम्मान आईएसबी के हैदराबाद कैंपस के चयनित 20 मेधावी छात्रों को उनके उत्कृष्ट समर्पण और नवाचार के लिए प्रदान किया जाता है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2025 में आईएसबी को वैश्विक स्तर पर 12वीं रैंक प्राप्त हुई है, जिससे इस उपलब्धि का महत्व और बढ़ जाता है।

समारोह में Wharton School की डीन Erika H. James मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। इस अवसर पर आईएसबी के डीन Madan Pillutla, प्रोफेसर Ramabhadran Thirumalai और प्रोफेसर Deepa Mani भी मौजूद रहे।

32 वर्षीय कुणाल चौधरी सिरोही के वरिष्ठ पत्रकार एवं Pavapuri Trust के मैनेजिंग ट्रस्टी महावीर जैन एवं विजय लक्ष्मी के सुपुत्र हैं। उनके परिवार में शिक्षा का उच्च स्तर देखने को मिलता है, जिसमें 5 आईटी इंजीनियर, 1 चार्टर्ड अकाउंटेंट और 2 अधिवक्ता शामिल हैं।

सिटीग्रुप से करियर की शुरुआत, बने सबसे युवा वाइस प्रेसिडेंट
कुणाल ने वर्ष 2016 में Citigroup में प्रबंधक के रूप में अपने करियर की शुरुआत की। अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर मात्र 30 वर्ष की आयु में वे अमेरिका आधारित सिटीग्रुप में सबसे युवा वाइस प्रेसिडेंट बने और चार वर्षों तक पुणे में इस पद पर कार्य किया।

इसके बाद उन्होंने उच्च शिक्षा का लक्ष्य तय करते हुए अप्रैल 2025 में आईएसबी में वित्तीय प्रबंधन में मास्टर डिग्री के लिए प्रवेश लिया और मार्च 2026 में इसे सफलतापूर्वक पूरा किया।

पत्नी आकांक्षा का मिला पूरा सहयोग
कुणाल की सफलता में उनकी पत्नी आकांक्षा सुराणा का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। उदयपुर निवासी आकांक्षा (एमबीए फाइनेंस) स्वयं सिटीग्रुप पुणे में प्रबंधक के पद पर कार्यरत हैं और उन्होंने कुणाल को उच्च शिक्षा के लिए निरंतर प्रोत्साहित किया।

बचपन से ही मेधावी और पढ़ाई के प्रति समर्पित रहे कुणाल की प्रारंभिक शिक्षा सिरोही में ही हुई। मात्र 32 वर्ष की आयु में इस बड़ी उपलब्धि को हासिल कर उन्होंने न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे जिले का गौरव बढ़ाया है।

कुणाल चौधरी की इस सफलता पर क्षेत्र के उद्योगपतियों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और नागरिकों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं।

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