Tuesday, April 14, 2026

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“आपातकाल के 50 वर्ष : भारतीय लोकतंत्र के लिए सबक” विषय पर युवाओं ने रखे विचार

सुरेश सैनी, झुंझुनू

23 फरवरी 2026, सोमवार | श्री राधेश्याम आर. मोरारका राजकीय महाविद्यालय, झुंझुनूं व युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार के संयुक्त तत्वाधान में जिला स्तरीय विकसित भारत युवा संसद 2026 कार्यक्रम का आयोजन सोमवार को किया गया। जिसकी मुख्य थीम “आपातकाल के 50 वर्ष: भारतीय लोकतंत्र के लिए सबक” रही।

कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में संवाद एवं नेतृत्व क्षमता का विकास करना, नागरिक सहभागिता को प्रोत्साहित करना तथा लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति समझ को सुदृढ़ बनाना था, ताकि जागरूक एवं सक्रिय नागरिकों की नई पीढ़ी का निर्माण हो सके।

कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की कार्यवाहक प्राचार्य प्रो. मंजू चौधरी के मार्गदर्शन में हुआ। उन्होंने अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि देश के विकास में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। युवा वर्ग को सामाजिक एवं राष्ट्रीय मुद्दों के प्रति सजग रहकर सकारात्मक योगदान देना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक परंपराओं को समझते हुए राष्ट्र निर्माण में भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

प्रतियोगिता में कुल 12 प्रतिभागियों ने प्रभावशाली ढंग से अपने विचार प्रस्तुत किए। प्रतिभागियों ने आपातकाल की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, उसके प्रभाव एवं लोकतांत्रिक व्यवस्था पर पड़े दूरगामी परिणामों पर चर्चा की। निर्णायक मंडल द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर पांच प्रतिभागियों पूजा तंवर, सोनिया, भारतेंदु, मंताशा कपूर एवं आनिया राठौड़ का राज्य स्तर के लिए चयन किया गया।

कार्यक्रम में जिला युवा अधिकारी एवं सदस्य सचिव मधु यादव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने युवाओं के विचारों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे मंच युवाओं को अपने विचार व्यक्त करने और नेतृत्व कौशल विकसित करने का अवसर प्रदान करते हैं।

निर्णायक मंडल में राजकीय महाविद्यालय मलसीसर के प्राचार्य प्रो. मनोज कुल्हार, राजकीय कन्या महाविद्यालय के प्रो. संजीव कुमार, बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक अरविंद कुमार, मनु धनखड़ तथा एपीआरओ विकास चाहर ने भूमिका निभाई। कार्यक्रम का संचालन डॉ. आकांक्षा डूडी एवं डॉ. बरखा सिंह ने प्रभावी ढंग से किया।

कार्यक्रम संयोजक डॉ. विकास मील ने विकसित भारत की संकल्पना पर प्रकाश डालते हुए युवाओं से राष्ट्र के समग्र विकास में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया तथा कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सभी का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त संकाय सदस्य एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने युवाओं में लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूकता और राष्ट्र निर्माण की भावना को सुदृढ़ करने का संदेश दिया।

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“आपातकाल के 50 वर्ष : भारतीय लोकतंत्र के लिए सबक” विषय पर युवाओं ने रखे विचार

सुरेश सैनी, झुंझुनू

23 फरवरी 2026, सोमवार | श्री राधेश्याम आर. मोरारका राजकीय महाविद्यालय, झुंझुनूं व युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार के संयुक्त तत्वाधान में जिला स्तरीय विकसित भारत युवा संसद 2026 कार्यक्रम का आयोजन सोमवार को किया गया। जिसकी मुख्य थीम “आपातकाल के 50 वर्ष: भारतीय लोकतंत्र के लिए सबक” रही।

कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में संवाद एवं नेतृत्व क्षमता का विकास करना, नागरिक सहभागिता को प्रोत्साहित करना तथा लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति समझ को सुदृढ़ बनाना था, ताकि जागरूक एवं सक्रिय नागरिकों की नई पीढ़ी का निर्माण हो सके।

कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की कार्यवाहक प्राचार्य प्रो. मंजू चौधरी के मार्गदर्शन में हुआ। उन्होंने अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि देश के विकास में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। युवा वर्ग को सामाजिक एवं राष्ट्रीय मुद्दों के प्रति सजग रहकर सकारात्मक योगदान देना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक परंपराओं को समझते हुए राष्ट्र निर्माण में भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

प्रतियोगिता में कुल 12 प्रतिभागियों ने प्रभावशाली ढंग से अपने विचार प्रस्तुत किए। प्रतिभागियों ने आपातकाल की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, उसके प्रभाव एवं लोकतांत्रिक व्यवस्था पर पड़े दूरगामी परिणामों पर चर्चा की। निर्णायक मंडल द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर पांच प्रतिभागियों पूजा तंवर, सोनिया, भारतेंदु, मंताशा कपूर एवं आनिया राठौड़ का राज्य स्तर के लिए चयन किया गया।

कार्यक्रम में जिला युवा अधिकारी एवं सदस्य सचिव मधु यादव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने युवाओं के विचारों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे मंच युवाओं को अपने विचार व्यक्त करने और नेतृत्व कौशल विकसित करने का अवसर प्रदान करते हैं।

निर्णायक मंडल में राजकीय महाविद्यालय मलसीसर के प्राचार्य प्रो. मनोज कुल्हार, राजकीय कन्या महाविद्यालय के प्रो. संजीव कुमार, बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक अरविंद कुमार, मनु धनखड़ तथा एपीआरओ विकास चाहर ने भूमिका निभाई। कार्यक्रम का संचालन डॉ. आकांक्षा डूडी एवं डॉ. बरखा सिंह ने प्रभावी ढंग से किया।

कार्यक्रम संयोजक डॉ. विकास मील ने विकसित भारत की संकल्पना पर प्रकाश डालते हुए युवाओं से राष्ट्र के समग्र विकास में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया तथा कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सभी का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त संकाय सदस्य एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने युवाओं में लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूकता और राष्ट्र निर्माण की भावना को सुदृढ़ करने का संदेश दिया।

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