Sunday, April 12, 2026

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महाराष्ट्र राज्य जिला गडचिरोली कर्तव्यदक्ष पोलीस अधीक्षक श्री निलोत्पल द्वारा तांत्रिक और पाखंडीओ पर कार्यवाई ऍक्शन मोड पर तंत्र-मंत्र,अंधविश्वास मे जनता को सतर्कता संदेश

महेश पांडुरंग शेंडे की रिपोर्ट

अंधविश्वास के कारण जिला के अंतर्गत क्षेत्र मे आए दिन अंधविश्वास की घटनाएं बढ़ती ही जा रही हैं। हर व्यक्ति के जीवन में किसी ना किसी समस्या से वह जूझता रहता है। ऐसे में जब भी परेशान लोगों को कोई उपाय का लालच देता है तो लोग ऐसे लोगों के चक्कर में आ जाते हैं।

आधुनिक पिढी नशे मे लिप्त है l शराब, खर्रा, गुटखा, तंबाखू जैसे नशिले पदार्थ के सेवन से महिला और पुरुष की जनन क्षमता कम होती l जिससे परेशानी बढती है l
किसी को नौकरी नहीं मिल रही है, तो किसी के संतान नहीं हो रही है, किसी की शादी नहीं हो रही है, किसी का बिजनेस नहीं चल रहा है। रोजमर्रा की ऐसी तमाम सी घटनाएं हमारे सामने आती ही रहती हैं। जिन को हल करने के लिए लोग साधु, तांत्रिक, बाबा, ज्योतिषी ओर पाखंडीओं के जाल में फंस जाते हैं। अंधविश्वास का शिकार अनपढ़ और पढ़े-लिखे दोनों वर्ग के लोग होते हैं।जिसके चलते हर कोई तांत्रिक और ज्योतिषी पीडित लोगो को गुमाराह कर पैसे लुटते है l अगर उन्हे सब पता है तो वो लोगो से बेहतर जिंदगी क्यो नही जिते l अगर ऐसा होता तो देश के सीमा पर जवान नही तांत्रिक और ज्योतिषी होते और राज्य की सरकार भी यही लोग चलते l

देखा जाए तो अंधविश्वास से होने वाले नुकसान से लोगों के जीवन पर बहुत ही अधिक प्रभाव पड़ता है। हम ऐसे लोगों के जाल में पड़कर अपना धन और समय दोनों ही नष्ट करते हैं। कई बार तो तांत्रिकों के जादू टोने व्यक्तियों की जान तक ले लेते हैं। इसमें बच्चों की बलि दे दी जाती है। इतना ही नहीं औरतों की इज्जत से खिलवाड़ भी किया जाता है। अंधविश्वास से किसी भी तरह का कोई फायदा नहीं होता सिर्फ नुकसान ही नुकसान होता है।

इन्हें रोकने के लिए कई तरह के कानून बनाए गए हैं, लेकिन फिर भी अंधविश्वास की घटनाएं दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही हैं। तंत्र-मंत्र जिसे इंसान की जान को खतरा हो, तो अपराध माना गया है।

इसी तरह नरबलि पर पूर्ण प्रतिबंध है। तंत्र मंत्र द्वारा प्रेत या आत्मा को बुलाने पर रोक लगाई गई है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51 A के अनुसार यह प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह वैज्ञानिकता और मानवतावाद की भावना को बढ़ावा दें। पशु-पक्षी और वन्यजीव किसी व्यक्ती के पास जाते है l यह शुभ संकेत होता है l जो पाखंडी तांत्रिक और जोतिषी पीडित लोगो को गुमाराह कर परिजनो के घर गृहस्ती मे कलह निर्माण करते है l जिससे अंधविश्वास को बढावा मिलता है l

इस पहल के चलते SP महोदय के नेतृत्व मे और कर्तव्यनिष्ठ SDPO श्री अजय कोकाटे के निगरांनी मे स्थानीय पुलिस ने लोगो को आव्हान किया की अंधविश्वास को रोकने का सबसे सरल उपाय यही है कि अगर आपको ऐसी कोई भी खबर या सूचना मिलती है, तो तुरंत आप पुलिस को सूचित कीजिए। गाव स्तर पर पोलीस पाटील जिम्मेदार रहेगा l साथ ही समाज में स्कूल, कॉलेज में जागरूकता फैलानी चाहिए कि किसी भी तरह के अंधविश्वास में ना पड़े।

आजकल के लोग बेटे के चक्कर में बेटियां पैदा नहीं करते हैं। मान लीजिए अगर बेटी ही पैदा नहीं होगी तो वह बेटों की शादी किससे करेंगे। आज समाज में सब कोई बेटा ही चाहता है। मगर सब यह भूल जाते हैं कि बेटों को जन्म देने वाली भी एक स्त्री ही होती है।

अगर हमारे समाज को अंधविश्वास से मुक्ति पानी है, तो सबसे पहले हमें खुद में सुधार लाना होगा। तभी हम समाज को जागरूक कर सकेंगे। हर किसी के जीवन में कोई ना कोई समस्या है, पर इसका मतलब यह नहीं होता कि हम उसे हल करने के लिए किसी पाखंडी बाबा, साधु, तांत्रिक, के झांसे में आ जाएं। हर नागरिक का कर्तव्य होना चाहिए कि, जहां कहीं भी ऐसे पाखंडी लोग धन के लालच में जो गैर कानूनी काम कर रहे हैं उनकी जानकारी तुरंत पुलिस को दें।

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महाराष्ट्र राज्य जिला गडचिरोली कर्तव्यदक्ष पोलीस अधीक्षक श्री निलोत्पल द्वारा तांत्रिक और पाखंडीओ पर कार्यवाई ऍक्शन मोड पर तंत्र-मंत्र,अंधविश्वास मे जनता को सतर्कता संदेश

महेश पांडुरंग शेंडे की रिपोर्ट

अंधविश्वास के कारण जिला के अंतर्गत क्षेत्र मे आए दिन अंधविश्वास की घटनाएं बढ़ती ही जा रही हैं। हर व्यक्ति के जीवन में किसी ना किसी समस्या से वह जूझता रहता है। ऐसे में जब भी परेशान लोगों को कोई उपाय का लालच देता है तो लोग ऐसे लोगों के चक्कर में आ जाते हैं।

आधुनिक पिढी नशे मे लिप्त है l शराब, खर्रा, गुटखा, तंबाखू जैसे नशिले पदार्थ के सेवन से महिला और पुरुष की जनन क्षमता कम होती l जिससे परेशानी बढती है l
किसी को नौकरी नहीं मिल रही है, तो किसी के संतान नहीं हो रही है, किसी की शादी नहीं हो रही है, किसी का बिजनेस नहीं चल रहा है। रोजमर्रा की ऐसी तमाम सी घटनाएं हमारे सामने आती ही रहती हैं। जिन को हल करने के लिए लोग साधु, तांत्रिक, बाबा, ज्योतिषी ओर पाखंडीओं के जाल में फंस जाते हैं। अंधविश्वास का शिकार अनपढ़ और पढ़े-लिखे दोनों वर्ग के लोग होते हैं।जिसके चलते हर कोई तांत्रिक और ज्योतिषी पीडित लोगो को गुमाराह कर पैसे लुटते है l अगर उन्हे सब पता है तो वो लोगो से बेहतर जिंदगी क्यो नही जिते l अगर ऐसा होता तो देश के सीमा पर जवान नही तांत्रिक और ज्योतिषी होते और राज्य की सरकार भी यही लोग चलते l

देखा जाए तो अंधविश्वास से होने वाले नुकसान से लोगों के जीवन पर बहुत ही अधिक प्रभाव पड़ता है। हम ऐसे लोगों के जाल में पड़कर अपना धन और समय दोनों ही नष्ट करते हैं। कई बार तो तांत्रिकों के जादू टोने व्यक्तियों की जान तक ले लेते हैं। इसमें बच्चों की बलि दे दी जाती है। इतना ही नहीं औरतों की इज्जत से खिलवाड़ भी किया जाता है। अंधविश्वास से किसी भी तरह का कोई फायदा नहीं होता सिर्फ नुकसान ही नुकसान होता है।

इन्हें रोकने के लिए कई तरह के कानून बनाए गए हैं, लेकिन फिर भी अंधविश्वास की घटनाएं दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही हैं। तंत्र-मंत्र जिसे इंसान की जान को खतरा हो, तो अपराध माना गया है।

इसी तरह नरबलि पर पूर्ण प्रतिबंध है। तंत्र मंत्र द्वारा प्रेत या आत्मा को बुलाने पर रोक लगाई गई है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51 A के अनुसार यह प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह वैज्ञानिकता और मानवतावाद की भावना को बढ़ावा दें। पशु-पक्षी और वन्यजीव किसी व्यक्ती के पास जाते है l यह शुभ संकेत होता है l जो पाखंडी तांत्रिक और जोतिषी पीडित लोगो को गुमाराह कर परिजनो के घर गृहस्ती मे कलह निर्माण करते है l जिससे अंधविश्वास को बढावा मिलता है l

इस पहल के चलते SP महोदय के नेतृत्व मे और कर्तव्यनिष्ठ SDPO श्री अजय कोकाटे के निगरांनी मे स्थानीय पुलिस ने लोगो को आव्हान किया की अंधविश्वास को रोकने का सबसे सरल उपाय यही है कि अगर आपको ऐसी कोई भी खबर या सूचना मिलती है, तो तुरंत आप पुलिस को सूचित कीजिए। गाव स्तर पर पोलीस पाटील जिम्मेदार रहेगा l साथ ही समाज में स्कूल, कॉलेज में जागरूकता फैलानी चाहिए कि किसी भी तरह के अंधविश्वास में ना पड़े।

आजकल के लोग बेटे के चक्कर में बेटियां पैदा नहीं करते हैं। मान लीजिए अगर बेटी ही पैदा नहीं होगी तो वह बेटों की शादी किससे करेंगे। आज समाज में सब कोई बेटा ही चाहता है। मगर सब यह भूल जाते हैं कि बेटों को जन्म देने वाली भी एक स्त्री ही होती है।

अगर हमारे समाज को अंधविश्वास से मुक्ति पानी है, तो सबसे पहले हमें खुद में सुधार लाना होगा। तभी हम समाज को जागरूक कर सकेंगे। हर किसी के जीवन में कोई ना कोई समस्या है, पर इसका मतलब यह नहीं होता कि हम उसे हल करने के लिए किसी पाखंडी बाबा, साधु, तांत्रिक, के झांसे में आ जाएं। हर नागरिक का कर्तव्य होना चाहिए कि, जहां कहीं भी ऐसे पाखंडी लोग धन के लालच में जो गैर कानूनी काम कर रहे हैं उनकी जानकारी तुरंत पुलिस को दें।

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