Monday, March 9, 2026

National

spot_img

छिंदवाड़ा की डॉ रश्मि नेमा को “आयुर्वेद गुरु पुरस्कार” से राष्ट्रीय सम्मान

ब्यूरो रिपोर्ट:: असलेखा चौरिया, जिला छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश)

छिंदवाड़ा। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयुर्वेद फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम में छिंदवाड़ा की आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि नेमा को “आयुर्वेद गुरु पुरस्कार” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान के स्त्री एवं प्रसूति विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) भारती कुमार मंगलम के कर-कमलों से प्रदान किया गया।

डॉ. नेमा ने छिंदवाड़ा एवं जयपुर में अब तक 104 निःसंतान दंपत्तियों का सफल उपचार कर सरकार के “सुप्रजा अभियान” को नई दिशा और गति प्रदान की है। आयुर्वेद के माध्यम से निःसंतानता के उपचार में उनके योगदान को चिकित्सा क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि माना जा रहा है।

इसके साथ ही डॉ. नेमा ने राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान के स्त्री एवं प्रसूति विभाग में एक महत्वपूर्ण शोध पत्र भी प्रस्तुत किया, जिसे विशेषज्ञों द्वारा सराहा गया।

इस उपलब्धि पर जिले के वरिष्ठ अधिकारियों, आयुष विभाग के प्रतिनिधियों तथा चिकित्सा समुदाय ने डॉ. नेमा को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

इस अवसर पर डॉ. रश्मि नेमा ने कहा कि आयुर्वेद केवल उपचार पद्धति नहीं, बल्कि जनकल्याण की जीवनशैली है, जिसे राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियानों से जोड़कर देश को रोगमुक्त बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है।

International

spot_img

छिंदवाड़ा की डॉ रश्मि नेमा को “आयुर्वेद गुरु पुरस्कार” से राष्ट्रीय सम्मान

ब्यूरो रिपोर्ट:: असलेखा चौरिया, जिला छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश)

छिंदवाड़ा। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयुर्वेद फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम में छिंदवाड़ा की आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि नेमा को “आयुर्वेद गुरु पुरस्कार” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान के स्त्री एवं प्रसूति विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) भारती कुमार मंगलम के कर-कमलों से प्रदान किया गया।

डॉ. नेमा ने छिंदवाड़ा एवं जयपुर में अब तक 104 निःसंतान दंपत्तियों का सफल उपचार कर सरकार के “सुप्रजा अभियान” को नई दिशा और गति प्रदान की है। आयुर्वेद के माध्यम से निःसंतानता के उपचार में उनके योगदान को चिकित्सा क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि माना जा रहा है।

इसके साथ ही डॉ. नेमा ने राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान के स्त्री एवं प्रसूति विभाग में एक महत्वपूर्ण शोध पत्र भी प्रस्तुत किया, जिसे विशेषज्ञों द्वारा सराहा गया।

इस उपलब्धि पर जिले के वरिष्ठ अधिकारियों, आयुष विभाग के प्रतिनिधियों तथा चिकित्सा समुदाय ने डॉ. नेमा को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

इस अवसर पर डॉ. रश्मि नेमा ने कहा कि आयुर्वेद केवल उपचार पद्धति नहीं, बल्कि जनकल्याण की जीवनशैली है, जिसे राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियानों से जोड़कर देश को रोगमुक्त बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है।

National

spot_img

International

spot_img
RELATED ARTICLES