ब्यूरो चीफ: सुरेश सैनी
झुंझुनूं। देश की समृद्धि, खुशहाली और नारी शक्ति के उत्थान की कामना के साथ भारत सरकार की केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने अपने झुंझुनूं प्रवास के दौरान प्रसिद्ध श्री रानी सती जी मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर मंदिर परिसर पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में डूबा नजर आया और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने आयोजन को और विशेष बना दिया।
केंद्रीय मंत्री के आगमन पर मंदिर परिसर में भव्य स्वागत-सत्कार का आयोजन किया गया। वरिष्ठ भाजपा नेता महेश बसावतिया ने शॉल एवं दुपट्टा ओढ़ाकर उनका अभिनंदन किया तथा रानी सती दादी का प्रतीक चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान देश के विभिन्न हिस्सों से आए श्रद्धालु भी मौजूद रहे, जिन्होंने इस आध्यात्मिक अवसर को साक्षी बनकर उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से गोपाल नारसरिया, नवल दारूका सहित अग्रवाल समाज के कई पदाधिकारी उपस्थित रहे। इसके अलावा मंदिर प्रशासनिक अधिकारी एच.सी. रोहिल्ला, सहायक अधिकारी विपुल छक्कड़, व्यवस्थापक लक्ष्मीकांत शर्मा, डी.एन. तुल्सयान सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, महिलाएं और कार्यकर्ता भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
मीडिया से बातचीत के दौरान केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने नारी शक्ति के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में महिलाओं को सदैव सर्वोच्च और पूजनीय स्थान प्राप्त है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को समाज की मुख्यधारा में लाने और उन्हें सशक्त बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी बताया कि सरकार द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों के सुदृढ़ीकरण और विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उनके अनुसार, आंगनबाड़ी केंद्र न केवल बच्चों के पोषण और प्रारंभिक शिक्षा का आधार हैं, बल्कि महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो रहे हैं। इन केंद्रों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक और आर्थिक विकास को नई गति मिल रही है।
झुंझुनूं में केंद्रीय मंत्री का यह दौरा आस्था और विकास के समन्वय का एक सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया। एक ओर जहां रानी सती धाम में पूजा-अर्चना के माध्यम से आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ, वहीं दूसरी ओर उनके विचारों और संदेशों ने समाज में नारी सम्मान और सशक्तिकरण को लेकर नई जागरूकता और प्रेरणा प्रदान की।
यह दौरा केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं रहा, बल्कि महिला सशक्तिकरण और समग्र विकास के संकल्प को भी मजबूती देने वाला साबित हुआ। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने केंद्रीय मंत्री के विचारों का स्वागत करते हुए समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की आवश्यकता पर बल दिया।




