आदिवासी स्वाभिमान, जल, ज़मीन, जंगल के अधिकारों के प्रतीक और संघर्ष के प्रतीक भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती आज यहाँ बड़ी श्रद्धा, सम्मान और गरिमा के साथ मनाई गई।
मनोभाव से पूजा की गई और श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वे उन सिद्धांतों और मूल्यों के लिए आदिवासी समुदाय के अधिकारों की रक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध हैं जिनके लिए बिरसा मुंडा ने संघर्ष किया।
भगवान बिरसा मुंडा के जीवन कार्यों को याद करते हुए, हमने उनके आदर्शों और विचारों पर चलते हुए, समाज कल्याण, विकास और आदिवासी भाइयों के अधिकारों के लिए कार्य करते रहने का संकल्प लिया…साथ ही इस पावन अवसर पर लोगो जन – जागृती का संदेश दिया




