Wednesday, February 11, 2026

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शाहपुरा में संचिना कला संस्थान द्वारा वंदे मातरम उत्सव का रंगारंग आयोजन

चित्रांश शर्मा

शाहपुरा-आलोक सेंट्रल स्कूल, शाहपुरा में शनिवार को संचिना कला संस्थान की ओर से संस्थान के 28वें स्थापना वर्ष के उपलक्ष्य में “वंदे मातरम उत्सव” का भव्य आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में एडवोकेट दीपक पारीक ने “हिंदुस्तानी मदारी” शीर्षक से प्रभावशाली एकल अभिनय प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया।कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के अध्यक्ष राम प्रसाद पारीक एवं आलोक सेंट्रल स्कूल के निदेशक वीरेंद्र व्यास ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया।

अध्यक्ष राम प्रसाद पारीक ने संस्था की गतिविधियों की जानकारी देते हुए “वंदे मातरम” के ऐतिहासिक और राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह मंत्र आज भी देशवासियों में एकता और जोश का संचार करता है। इस अवसर पर एडवोकेट दीपक पारीक के “हिंदुस्तानी मदारी” एकल अभिनय ने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया।

प्रस्तुति में उन्होंने दिखाया कि “वंदे मातरम” 150 वर्ष बाद भी आज भारतीयों में एक अद्भुत ऊर्जा का संचार करता है और विपरीत परिस्थितियों में भी देशभक्ति का संबल बनता है।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए आलोक सेंट्रल स्कूल के निदेशक वीरेंद्र व्यास ने कहा कि “वंदे मातरम” का इतिहास हमें गौरवान्वित करता है।

डेढ़ सौ वर्षों से यह गीत हमारे राष्ट्रप्रेम और त्याग की प्रेरणा का स्रोत रहा है। उन्होंने विद्यालय की शैक्षणिक व सह-पाठ्य गतिविधियों की जानकारी भी उपस्थित जनों को दी।कार्यक्रम के अंत में श्रीमती उषा व्यास ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर श्रीमती उषा व्यास, दुर्गालाल धाकड़, विष्णु जांगिड, सुषमा सेन, गौतम तिवाड़ी, राजेश सेन, मुकेश साहू, महेश गुर्जर, देवकिशन कोली, गुड्डी बानू, दिव्या श्रीवास्तव सहित विद्यालय का संपूर्ण स्टाफ एवं अनेक कला प्रेमी उपस्थित रहे।

International

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शाहपुरा में संचिना कला संस्थान द्वारा वंदे मातरम उत्सव का रंगारंग आयोजन

चित्रांश शर्मा

शाहपुरा-आलोक सेंट्रल स्कूल, शाहपुरा में शनिवार को संचिना कला संस्थान की ओर से संस्थान के 28वें स्थापना वर्ष के उपलक्ष्य में “वंदे मातरम उत्सव” का भव्य आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में एडवोकेट दीपक पारीक ने “हिंदुस्तानी मदारी” शीर्षक से प्रभावशाली एकल अभिनय प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया।कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के अध्यक्ष राम प्रसाद पारीक एवं आलोक सेंट्रल स्कूल के निदेशक वीरेंद्र व्यास ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया।

अध्यक्ष राम प्रसाद पारीक ने संस्था की गतिविधियों की जानकारी देते हुए “वंदे मातरम” के ऐतिहासिक और राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह मंत्र आज भी देशवासियों में एकता और जोश का संचार करता है। इस अवसर पर एडवोकेट दीपक पारीक के “हिंदुस्तानी मदारी” एकल अभिनय ने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया।

प्रस्तुति में उन्होंने दिखाया कि “वंदे मातरम” 150 वर्ष बाद भी आज भारतीयों में एक अद्भुत ऊर्जा का संचार करता है और विपरीत परिस्थितियों में भी देशभक्ति का संबल बनता है।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए आलोक सेंट्रल स्कूल के निदेशक वीरेंद्र व्यास ने कहा कि “वंदे मातरम” का इतिहास हमें गौरवान्वित करता है।

डेढ़ सौ वर्षों से यह गीत हमारे राष्ट्रप्रेम और त्याग की प्रेरणा का स्रोत रहा है। उन्होंने विद्यालय की शैक्षणिक व सह-पाठ्य गतिविधियों की जानकारी भी उपस्थित जनों को दी।कार्यक्रम के अंत में श्रीमती उषा व्यास ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर श्रीमती उषा व्यास, दुर्गालाल धाकड़, विष्णु जांगिड, सुषमा सेन, गौतम तिवाड़ी, राजेश सेन, मुकेश साहू, महेश गुर्जर, देवकिशन कोली, गुड्डी बानू, दिव्या श्रीवास्तव सहित विद्यालय का संपूर्ण स्टाफ एवं अनेक कला प्रेमी उपस्थित रहे।

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