Sunday, April 12, 2026

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परिंडा अभियान बना जीवदया का प्रतीक, भीषण गर्मी में बेजुबानों को राहत की पहल

ब्यूरो रिपोर्ट: राजेन्द्र खटीक

हमीरगढ़। मई-जून की तपती दुपहरी में जहां इंसान गर्मी से बेहाल है, वहीं बेजुबान पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था करना किसी जीवनदान से कम नहीं है। इसी मानवीय संवेदना को साकार करते हुए राजस्थान पत्रकार परिषद (भीलवाड़ा इकाई) द्वारा चलाया जा रहा “परिंडा अभियान” समाज में जीवदया और करुणा का संदेश देने वाली प्रेरणादायक पहल बनता जा रहा है।

हमीरगढ़ स्थित राजीविका क्लस्टर फेडरेशन परिसर में आयोजित परिंडा वितरण कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि राजीविका प्रदेशाध्यक्ष अमित जोशी ने इस अभियान की सराहना करते हुए कहा कि पत्रकारों द्वारा कलम के साथ-साथ करुणा का यह संगम समाज के लिए अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि जब इंसान भीषण गर्मी से परेशान है, तो पक्षियों की पीड़ा का अंदाजा लगाना कठिन है। ऐसे में यह अभियान मानवता का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करता है।

कार्यक्रम में बताया गया कि इस अभियान के तहत राजीविका से जुड़ी लगभग सवा दो लाख महिलाओं को प्रेरित कर इस पहल से जोड़ा जाएगा, जिससे यह अभियान व्यापक स्तर पर सफल हो सके। राजस्थान पत्रकार परिषद के जिलाध्यक्ष राजेश जीनगर ने जानकारी देते हुए बताया कि हमीरगढ़ क्लस्टर परिसर स्थित विद्यालय में ‘जीवदया अभियान’ के अंतर्गत 51 परिंडों का वितरण किया गया है।

समाजसेवी राकेश शर्मा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि यह अभियान केवल पक्षियों की प्यास बुझाने तक सीमित नहीं है, बल्कि “जियो और जीने दो” के संदेश को भी समाज में जीवंत कर रहा है। उन्होंने इसे एक सामाजिक जागरूकता का माध्यम बताते हुए कहा कि इस तरह की पहलें समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

परिषद के पदाधिकारियों ने बताया कि जनसहयोग से चल रहे इस पांच दिवसीय महाअभियान के तहत कुल 500 परिंडों का वितरण किया जाएगा। अन्य वक्ताओं ने इस कार्य को “ईश्वर की सेवा” के समान बताते हुए कहा कि एक छोटा सा परिंडा किसी नन्हीं जान के लिए जीवनदान साबित हो सकता है। यह अभियान नई पीढ़ी में जीवदया और करुणा के संस्कार विकसित करने का भी एक प्रभावी माध्यम बन रहा है।

राजीविका क्लस्टर की अकाउंटेंट कौशल्या कंवर ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल भाषणों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे व्यवहार में उतारना जरूरी है। उन्होंने बताया कि हमीरगढ़ क्लस्टर से जुड़ी 5000 से अधिक महिलाएं इस अभियान से प्रेरित होकर अपने घरों, दुकानों और छतों पर परिंडे लगाने के लिए आगे आ रही हैं।

कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं को परिंडों के सही रख-रखाव और उनमें नियमित स्वच्छ पानी भरने की जिम्मेदारी भी समझाई गई, ताकि यह अभियान निरंतर प्रभावी बना रहे।

इस अवसर पर क्लस्टर फेडरेशन की अध्यक्ष खुशबू गर्ग, उपाध्यक्ष गीता शर्मा, सचिव गायत्री, कोषाध्यक्ष गंगा धोबी सहित समस्त कार्यकारिणी सदस्याएं और स्टाफ—विनोद खटीक, किरण कंवर, सीमा गाडरी, आशा कंवर राणावत, पूजा खारोल, निर्मला परमार, चंदा साल्वी सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।

यह परिंडा अभियान न केवल बेजुबान पक्षियों को राहत पहुंचा रहा है, बल्कि समाज में संवेदनशीलता और सेवा भाव की मिसाल भी पेश कर रहा है।

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परिंडा अभियान बना जीवदया का प्रतीक, भीषण गर्मी में बेजुबानों को राहत की पहल

ब्यूरो रिपोर्ट: राजेन्द्र खटीक

हमीरगढ़। मई-जून की तपती दुपहरी में जहां इंसान गर्मी से बेहाल है, वहीं बेजुबान पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था करना किसी जीवनदान से कम नहीं है। इसी मानवीय संवेदना को साकार करते हुए राजस्थान पत्रकार परिषद (भीलवाड़ा इकाई) द्वारा चलाया जा रहा “परिंडा अभियान” समाज में जीवदया और करुणा का संदेश देने वाली प्रेरणादायक पहल बनता जा रहा है।

हमीरगढ़ स्थित राजीविका क्लस्टर फेडरेशन परिसर में आयोजित परिंडा वितरण कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि राजीविका प्रदेशाध्यक्ष अमित जोशी ने इस अभियान की सराहना करते हुए कहा कि पत्रकारों द्वारा कलम के साथ-साथ करुणा का यह संगम समाज के लिए अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि जब इंसान भीषण गर्मी से परेशान है, तो पक्षियों की पीड़ा का अंदाजा लगाना कठिन है। ऐसे में यह अभियान मानवता का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करता है।

कार्यक्रम में बताया गया कि इस अभियान के तहत राजीविका से जुड़ी लगभग सवा दो लाख महिलाओं को प्रेरित कर इस पहल से जोड़ा जाएगा, जिससे यह अभियान व्यापक स्तर पर सफल हो सके। राजस्थान पत्रकार परिषद के जिलाध्यक्ष राजेश जीनगर ने जानकारी देते हुए बताया कि हमीरगढ़ क्लस्टर परिसर स्थित विद्यालय में ‘जीवदया अभियान’ के अंतर्गत 51 परिंडों का वितरण किया गया है।

समाजसेवी राकेश शर्मा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि यह अभियान केवल पक्षियों की प्यास बुझाने तक सीमित नहीं है, बल्कि “जियो और जीने दो” के संदेश को भी समाज में जीवंत कर रहा है। उन्होंने इसे एक सामाजिक जागरूकता का माध्यम बताते हुए कहा कि इस तरह की पहलें समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

परिषद के पदाधिकारियों ने बताया कि जनसहयोग से चल रहे इस पांच दिवसीय महाअभियान के तहत कुल 500 परिंडों का वितरण किया जाएगा। अन्य वक्ताओं ने इस कार्य को “ईश्वर की सेवा” के समान बताते हुए कहा कि एक छोटा सा परिंडा किसी नन्हीं जान के लिए जीवनदान साबित हो सकता है। यह अभियान नई पीढ़ी में जीवदया और करुणा के संस्कार विकसित करने का भी एक प्रभावी माध्यम बन रहा है।

राजीविका क्लस्टर की अकाउंटेंट कौशल्या कंवर ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल भाषणों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे व्यवहार में उतारना जरूरी है। उन्होंने बताया कि हमीरगढ़ क्लस्टर से जुड़ी 5000 से अधिक महिलाएं इस अभियान से प्रेरित होकर अपने घरों, दुकानों और छतों पर परिंडे लगाने के लिए आगे आ रही हैं।

कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं को परिंडों के सही रख-रखाव और उनमें नियमित स्वच्छ पानी भरने की जिम्मेदारी भी समझाई गई, ताकि यह अभियान निरंतर प्रभावी बना रहे।

इस अवसर पर क्लस्टर फेडरेशन की अध्यक्ष खुशबू गर्ग, उपाध्यक्ष गीता शर्मा, सचिव गायत्री, कोषाध्यक्ष गंगा धोबी सहित समस्त कार्यकारिणी सदस्याएं और स्टाफ—विनोद खटीक, किरण कंवर, सीमा गाडरी, आशा कंवर राणावत, पूजा खारोल, निर्मला परमार, चंदा साल्वी सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।

यह परिंडा अभियान न केवल बेजुबान पक्षियों को राहत पहुंचा रहा है, बल्कि समाज में संवेदनशीलता और सेवा भाव की मिसाल भी पेश कर रहा है।

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