Tuesday, April 7, 2026

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“साफ पानी को तरसे ग्रामीण—बीमारियों का बढ़ा खतरा” छिंदवाड़ा के तामिया क्षेत्र में जल संकट गहराया।

ब्यूरो रिपोर्ट: ज्ञानेंद्र इंदौरकर

तामिया (छिंदवाड़ा)। तामिया तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत धगडिया में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। ग्रामीणों को दूषित कुएं का पानी पीने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, जिससे स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।

ग्रामीणों का आरोप है कि दो वर्ष पूर्व गांव में पाइपलाइन का विस्तार किया गया था, लेकिन आज तक नल-जल योजना शुरू नहीं हो सकी है। कई बार ग्राम सभा के माध्यम से समस्या उठाने के बावजूद जिम्मेदारों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।

ग्रामीणों ने बताया कि वर्तमान में जिस कुएं का पानी वे पीने को मजबूर हैं, वह दूषित हो चुका है। पानी में कीटाणु होने के साथ-साथ वह हरा भी दिखाई दे रहा है, जिससे मौसमी बीमारियों के फैलने की आशंका बनी हुई है। इसके विपरीत सरपंच और सचिव द्वारा आरओ का साफ पानी उपयोग किए जाने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ रही है।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही शुद्ध पेयजल की व्यवस्था नहीं की गई, तो वे ग्राम पंचायत भवन के सामने धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की स्थिति के लिए शासन-प्रशासन जिम्मेदार रहेगा।

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“साफ पानी को तरसे ग्रामीण—बीमारियों का बढ़ा खतरा” छिंदवाड़ा के तामिया क्षेत्र में जल संकट गहराया।

ब्यूरो रिपोर्ट: ज्ञानेंद्र इंदौरकर

तामिया (छिंदवाड़ा)। तामिया तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत धगडिया में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। ग्रामीणों को दूषित कुएं का पानी पीने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, जिससे स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।

ग्रामीणों का आरोप है कि दो वर्ष पूर्व गांव में पाइपलाइन का विस्तार किया गया था, लेकिन आज तक नल-जल योजना शुरू नहीं हो सकी है। कई बार ग्राम सभा के माध्यम से समस्या उठाने के बावजूद जिम्मेदारों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।

ग्रामीणों ने बताया कि वर्तमान में जिस कुएं का पानी वे पीने को मजबूर हैं, वह दूषित हो चुका है। पानी में कीटाणु होने के साथ-साथ वह हरा भी दिखाई दे रहा है, जिससे मौसमी बीमारियों के फैलने की आशंका बनी हुई है। इसके विपरीत सरपंच और सचिव द्वारा आरओ का साफ पानी उपयोग किए जाने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ रही है।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही शुद्ध पेयजल की व्यवस्था नहीं की गई, तो वे ग्राम पंचायत भवन के सामने धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की स्थिति के लिए शासन-प्रशासन जिम्मेदार रहेगा।

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