ब्यूरो रिपोर्ट: सज्जन खान, जाफरगंज (उत्तर प्रदेश)
तिलोई (अमेठी)। सरकार भले ही ग्रामीण सड़कों को बेहतर बनाने के बड़े-बड़े दावे कर रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। अमेठी जिले के तिलोई ब्लॉक अंतर्गत कूरा ग्राम सभा के नरायनपुर गांव में स्थित मुख्य खड़ंजा मार्ग पिछले कई दशकों से बदहाली का शिकार है और अब यह मार्ग हादसों को खुला न्योता देता नजर आ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि इस जर्जर मार्ग को लेकर ग्राम विकास अधिकारी से लेकर तहसील स्तर तक कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। हर बार केवल आश्वासन ही मिला है, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है।
तहसील मुख्यालय को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग
यह मार्ग कोई साधारण गली नहीं, बल्कि तहसील मुख्यालय से जुड़ने वाला मुख्य रास्ता है। नरायनपुर सहित आसपास के करीब 20 से अधिक गांवों के लोग इसी मार्ग से होकर आवागमन करते हैं। ऐसे में इसकी खराब स्थिति लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बनी हुई है।
बरसात में बन जाता है दलदल, रोज होते हैं हादसे
मार्ग की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि आए दिन राहगीर और दोपहिया वाहन सवार फिसलकर गिर जाते हैं और चोटिल हो जाते हैं। बरसात के मौसम में यह रास्ता पूरी तरह दलदल में तब्दील हो जाता है, जिससे पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है।
स्थानीय निवासी बताते हैं, “यह रास्ता हमारे लिए जीवनरेखा है, लेकिन इसकी हालत ऐसी है कि बीमार व्यक्ति को अस्पताल ले जाना भी किसी जंग से कम नहीं है। प्रशासन को हमारी समस्याओं से कोई सरोकार नहीं है।”
ग्रामीणों में रोष, दी चेतावनी
नरायनपुर के ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द मार्ग के जीर्णोद्धार की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया, तो वे उच्च अधिकारियों का घेराव करने को मजबूर होंगे।
अब देखना यह होगा कि अमेठी प्रशासन इस जर्जर मार्ग की सुध लेकर ग्रामीणों को राहत देता है या फिर यह समस्या यूं ही फाइलों में दबी रह जाएगी।




