Tuesday, April 14, 2026

National

spot_img

पं. पंडित प्रदीप मिश्रा का आह्वान—बेटियों को मजबूत बनाओ, खुद की रक्षा के योग्य बनाओ

ब्यूरो रिपोर्ट: राजेन्द्र खटीक, शाहपुरा

भीलवाड़ा। मेवाड़ की पावन धरा भीलवाड़ा इन दिनों भक्ति और आध्यात्म के रंग में रंगी हुई है। शहर के मेडिसिटी ग्राउंड में पहली बार आयोजित श्री शिव महापुराण कथा ने आस्था का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया। कथा के पहले ही दिन लाखों श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया। लगभग 11 लाख वर्ग फीट क्षेत्र में बने विशाल डोम और पांडाल श्रद्धालुओं से खचाखच भर गए, जबकि बाहर तक जनसैलाब उमड़ पड़ा।

कथा के सूत्रधार पंडित प्रदीप मिश्रा जैसे ही संकटमोचन हनुमान मंदिर के महंत बाबूगिरी महाराज के साथ मंच पर पहुंचे, पूरा परिसर ‘हर-हर महादेव’ और ‘श्री शिवाय नमस्तुभ्यं’ के जयघोष से गूंज उठा। व्यास पीठ पर विराजित होने से पूर्व उन्होंने भीलवाड़ा की पावन भूमि को नमन करते हुए श्रद्धालुओं की आस्था की सराहना की।

कथा के प्रथम दिन गुरु वंदना के साथ शुरुआत करते हुए पंडित मिश्रा ने शिव भक्ति का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि भगवान शिव की भक्ति अत्यंत सरल है और सच्चे मन से अर्पित एक लोटा जल भी जीवन की कठिनाइयों को दूर कर सकता है।

महिला सशक्तिकरण पर जोर
कथा के दौरान पंडित मिश्रा ने समाज को संदेश देते हुए कहा कि बेटियों को केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि आत्मरक्षा के लिए भी सक्षम बनाना आवश्यक है। उन्होंने “बहू पढ़ाओ—देश बचाओ” का नारा देते हुए महिलाओं की शिक्षा और सशक्तिकरण को समाज की प्रगति का आधार बताया।

भक्ति रस में डूबा माहौल
‘दमादम भोले शंकर’ और ‘भोले आपकी कृपा से सब काम हो रहा है’ जैसे भजनों पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूम उठे। विशेषकर महिला श्रद्धालुओं में उत्साह देखने को मिला और पूरा पांडाल भक्ति में सराबोर नजर आया।

आस्था और सावधानी का संदेश
पंडित मिश्रा ने श्रद्धालुओं से कीमती आभूषण पहनकर कथा में न आने का आग्रह करते हुए रुद्राक्ष धारण करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सोने-चांदी पर चोर की नजर होती है, जबकि रुद्राक्ष पर भगवान शिव की कृपा रहती है।

श्रद्धालुओं ने साझा किए अनुभव
कथा के दौरान कुछ श्रद्धालुओं के अनुभव भी साझा किए गए, जिनमें शिव भक्ति से जीवन में आए सकारात्मक बदलावों का उल्लेख किया गया। चयनित श्रद्धालुओं को मंच पर बुलाकर बिल्व पत्र भेंट किए गए।

व्यवस्थाएं और सुरक्षा चाक-चौबंद
आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, छाया, बैठने और पार्किंग की व्यापक व्यवस्था की गई है। पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा के कड़े इंतजाम करते हुए ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए बैरिकेडिंग और वन-वे सिस्टम लागू किया गया है।

यह कथा प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित की जा रही है। पहले दिन की भारी भीड़ को देखते हुए आने वाले दिनों में और अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। भीलवाड़ा में यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता का भी सशक्त मंच बनकर उभर रहा है।

International

spot_img

पं. पंडित प्रदीप मिश्रा का आह्वान—बेटियों को मजबूत बनाओ, खुद की रक्षा के योग्य बनाओ

ब्यूरो रिपोर्ट: राजेन्द्र खटीक, शाहपुरा

भीलवाड़ा। मेवाड़ की पावन धरा भीलवाड़ा इन दिनों भक्ति और आध्यात्म के रंग में रंगी हुई है। शहर के मेडिसिटी ग्राउंड में पहली बार आयोजित श्री शिव महापुराण कथा ने आस्था का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया। कथा के पहले ही दिन लाखों श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया। लगभग 11 लाख वर्ग फीट क्षेत्र में बने विशाल डोम और पांडाल श्रद्धालुओं से खचाखच भर गए, जबकि बाहर तक जनसैलाब उमड़ पड़ा।

कथा के सूत्रधार पंडित प्रदीप मिश्रा जैसे ही संकटमोचन हनुमान मंदिर के महंत बाबूगिरी महाराज के साथ मंच पर पहुंचे, पूरा परिसर ‘हर-हर महादेव’ और ‘श्री शिवाय नमस्तुभ्यं’ के जयघोष से गूंज उठा। व्यास पीठ पर विराजित होने से पूर्व उन्होंने भीलवाड़ा की पावन भूमि को नमन करते हुए श्रद्धालुओं की आस्था की सराहना की।

कथा के प्रथम दिन गुरु वंदना के साथ शुरुआत करते हुए पंडित मिश्रा ने शिव भक्ति का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि भगवान शिव की भक्ति अत्यंत सरल है और सच्चे मन से अर्पित एक लोटा जल भी जीवन की कठिनाइयों को दूर कर सकता है।

महिला सशक्तिकरण पर जोर
कथा के दौरान पंडित मिश्रा ने समाज को संदेश देते हुए कहा कि बेटियों को केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि आत्मरक्षा के लिए भी सक्षम बनाना आवश्यक है। उन्होंने “बहू पढ़ाओ—देश बचाओ” का नारा देते हुए महिलाओं की शिक्षा और सशक्तिकरण को समाज की प्रगति का आधार बताया।

भक्ति रस में डूबा माहौल
‘दमादम भोले शंकर’ और ‘भोले आपकी कृपा से सब काम हो रहा है’ जैसे भजनों पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूम उठे। विशेषकर महिला श्रद्धालुओं में उत्साह देखने को मिला और पूरा पांडाल भक्ति में सराबोर नजर आया।

आस्था और सावधानी का संदेश
पंडित मिश्रा ने श्रद्धालुओं से कीमती आभूषण पहनकर कथा में न आने का आग्रह करते हुए रुद्राक्ष धारण करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सोने-चांदी पर चोर की नजर होती है, जबकि रुद्राक्ष पर भगवान शिव की कृपा रहती है।

श्रद्धालुओं ने साझा किए अनुभव
कथा के दौरान कुछ श्रद्धालुओं के अनुभव भी साझा किए गए, जिनमें शिव भक्ति से जीवन में आए सकारात्मक बदलावों का उल्लेख किया गया। चयनित श्रद्धालुओं को मंच पर बुलाकर बिल्व पत्र भेंट किए गए।

व्यवस्थाएं और सुरक्षा चाक-चौबंद
आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, छाया, बैठने और पार्किंग की व्यापक व्यवस्था की गई है। पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा के कड़े इंतजाम करते हुए ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए बैरिकेडिंग और वन-वे सिस्टम लागू किया गया है।

यह कथा प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित की जा रही है। पहले दिन की भारी भीड़ को देखते हुए आने वाले दिनों में और अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। भीलवाड़ा में यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता का भी सशक्त मंच बनकर उभर रहा है।

National

spot_img

International

spot_img
RELATED ARTICLES