ब्यूरो रिपोर्ट: राजेन्द्र खटीक, शाहपुरा
भीलवाड़ा। शहर के मेडिसिटी ग्राउंड में आयोजित विश्व नवकार महामंत्र दिवस समारोह आध्यात्मिक ऊर्जा, श्रद्धा और भक्ति का विराट संगम बन गया। Jain International Trade Organization के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालुओं ने एक स्वर में नवकार महामंत्र का जाप कर वातावरण को धर्ममय बना दिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हरिभाऊ बागड़े ने अपने संबोधन में कहा कि नवकार महामंत्र किसी व्यक्ति विशेष की स्तुति नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, साधना और आस्था का सर्वोच्च प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह मंत्र अहिंसा, अपरिग्रह और अनेकांतवाद जैसे सिद्धांतों पर आधारित होकर व्यक्ति को भीतर से सशक्त बनाता है और समाज में शांति, समृद्धि व सद्भाव का संदेश देता है।
राज्यपाल ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में जब विश्व अशांति और संघर्षों से जूझ रहा है, ऐसे समय में नवकार महामंत्र की प्रासंगिकता और अधिक बढ़ जाती है। उन्होंने जैन धर्म की गौरवशाली परंपरा का उल्लेख करते हुए तीर्थंकरों के आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर सहकारिता राज्य मंत्री गौतम दक ने कहा कि आज विश्व में बढ़ते संघर्षों के बीच भगवान महावीर का “जियो और जीने दो” का संदेश ही शांति का मार्ग दिखाता है। उन्होंने अपरिग्रह के सिद्धांत को अपनाने और समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुंचाने की बात कही।
सांसद दामोदर अग्रवाल ने भारतीय संस्कृति की महान परंपरा का उल्लेख करते हुए धर्म और मानवता के मूल्यों को अपनाने पर जोर दिया। वहीं विधायक अशोक कोठारी ने कहा कि नवकार मंत्र का नियमित जाप मन और हृदय को शुद्ध कर व्यक्ति को मोक्ष के मार्ग पर अग्रसर करता है।
समारोह के दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने एक साथ नवकार महामंत्र का उच्चारण कर विश्व शांति और मानव कल्याण की कामना की। सामूहिक मंत्रोच्चार से पूरा मेडिसिटी ग्राउंड आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो गया।
कार्यक्रम में जिटो अपेक्स के वाइस चेयरमैन महावीर सिंह चौधरी, जिटो भीलवाड़ा के चेयरमैन मीठालाल सिंघवी, संरक्षक त्रिलोक चंद छाबड़ा सहित जनप्रतिनिधि, सामाजिक व धार्मिक संगठनों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में जैन समाज के श्रद्धालु उपस्थित रहे। राज्यपाल के आगमन पर जिला प्रशासन द्वारा स्वागत किया गया।
आयोजन समिति ने कार्यक्रम के सफल संचालन पर सभी का आभार व्यक्त करते हुए समाज में शांति, सद्भाव और सेवा की भावना को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।




