ब्यूरो चीफ: बृजेश त्रिवेदी, सवाई माधोपुर
खंडार शहर में सोमवार को महिलाओं ने श्रद्धा और भक्ति के साथ शीतला माता का पूजन कर बासोड़ा का भोग लगाया। सुबह से ही महिलाएं सजे-धजे परिधानों में मंगल गीत गाते हुए शीतला माता मंदिर पहुंचीं और माता रानी की प्रतिमा को पुष्प, जल और अर्घ अर्पित कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इसके बाद महिलाओं ने एक साथ बैठकर शीतला माता की कथा सुनी।
महिलाओं से बातचीत के दौरान संगीता तिवाड़ी और अल्का जोशी ने बताया कि शीतला माता के पूजन के लिए एक दिन पहले ही रात को स्नान कर माता रानी के लिए भोग तैयार किया जाता है। इस भोग में चावल, मीठी पुरी, पुए और कढ़ी बनाई जाती है। अगले दिन सुबह इसी बासी भोजन का भोग माता को अर्पित किया जाता है, जिसे बासोड़ा कहा जाता है।
उन्होंने बताया कि मान्यता है कि इस दिन तक बना हुआ बासी भोजन खराब नहीं होता, लेकिन इसके बाद से भोजन खराब होना शुरू हो जाता है। इसी परंपरा के चलते श्रद्धालु महिलाएं हर वर्ष श्रद्धा के साथ शीतला माता का पूजन कर बासोड़ा का भोग लगाती हैं।




