संवाददाता कमलेश यादव
प्रतापगढ़:- दो दिन पूर्व जिले की प्रमुख तहसील छोटी सादड़ी के स्वास्थ विभाग की लापरवाही उस समय सामने आई जब यहां एक सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल चार युवक हॉस्पिटल पहुंचे हैरानी की बात तब हुई कि जब स्थानीय चिकित्सालय में मौके पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने वाले चिकित्सकों ने मामूली से घटनाक्रम को भी गंभीर बताते हुए उन्हें उदयपुर रेफ़र की सलाह दे दी सूत्रों की माने तो यह पहली बार नहीं है इससे पहले भी हर छोटे बड़े कैसे को यहां से उदयपुर के लिए रेफर कर दिया जाता है

ग्रामीणों का मानना है कि यहां के स्वास्थ्य विभाग कर्मचारी किसी भी आने वाले रोगी को गंभीरता से नहीं लेते और अपनी जिम्मेदारी से नजर चुराकर उन्हें दूसरे हॉस्पिटलों के लिए रेफर कर देते हैं इस मामले में परेशान परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उक्त कर्मचारियों ने उपचार के स्थान पर तुरंत परिजनों को डराते हुए यहां से उदयपुर जाने के लिए कह दिया जिसके चलते उन युवकों की जान को खतरा भी हो सकता था अस्पताल प्रशासन के नकारात्मक रवैये के कारण एक युवक को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है जो उदयपुर में उपचाराधीन है प्रत्यक्ष दर्शकों का मानना यह है कि अगर उस युवक को समय रहते हैं यहां पर उपचार दिया होता तो यह समस्या ना खड़ी होती हैरानी की बात यह है कि इस घटना का भुगतभोगी स्वयं दबंग केसरी पत्रकार भी बने उनके बच्चे को भी जो कि इसी दुर्घटना में शिकार हुआ था उसे भी सामान्य उपचार देकर रेफर कर दिया गया जबकि उसका इलाज यहां पर संभव था इसे साफ पता लगता है कि यहां का सामुदायिक स्वास्थ्य चिकित्सालय पूरी तरह से अपंग हो चुका है इस मामले की जानकारी आम जनता द्वारा कई बार प्रशासन के संज्ञान में लाई गई है परंतु राजनीतिक हस्तक्षेप के चलते कोई भी परिणाम सामने नहीं आयाl स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों की मनमानी चलती है आम जनता को परेशानी उठानी पड़ती है




