संवाददाता: इमरान खान, सिरोही
सिरोही के पावापुरी तीर्थ में जैन धर्म के मूल सिद्धांतों पर चर्चा विभिन्न तीर्थ स्थलों पर किए दर्शन। सिरोही से बड़ी खबर सामने आई है। राष्ट्रीय आतंकवादी निरोधी मोर्चे के अध्यक्ष एमएस बेटा ने कहा है कि जैन धर्म के मूल तत्व जियो और जीने दो तथा अहिंसा परमो धर्म को यदि अपनाया जाए तो विश्व में स्थाई शांति स्थापित की जा सकती है। बेटा श्री पावापुरी तीर्थ जीव मैत्रीधाम में आचार्य रवि रत्न सूरी जी से आशीर्वाद लेने पहुंचे थे।
इस दौरान उन्होंने जैन धर्म के सिद्धांतों पर में नैतिकता और आत्मशुद्धि की ओर प्रेरित करते हैं। साध्वी श्री हेमलरेखा श्री जी और समर्पणा श्री जी ने भी प्रवचन देते हुए कहा कि व्यक्ति जैसा कर्म करेगा वैसा ही फल प्राप्त करेगा। उन्होंने परमार्थ और निस्वार्थ सेवा के महत्व को रेखांकित किया। अपने संबोधन में बिट्टा ने कहा कि धार्मिक स्थलों पर पहुंचकर उन्हें आत्मिक शांति और सुकून मिलता है।
भागदौड़ भरी जिंदगी में प्रत्येक व्यक्ति को साधना और आत्मचिंतन के लिए समय निकालना चाहिए जिससे सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। अपने प्रवास के दौरान बिट ने पावापुरी में भगवान शंखेश्वर पार्श्वनाथ के दर्शन किए और गौशाला में गौ पूजन किया। इसके अलावा उन्होंने अजारी में सरस्वती माता मांडोली में गुरुदेव शांतिसूरी जी मीरपुर के जहाज मंदिर में भगवान मुनि सुव्रत स्वामी तथा जीरावला मंदिर में जीरावला दादा के दर्शन कर सर्व मंगल की कामना की। रात्रि में वे आबू रोड से राजधानी एक्सप्रेस द्वारा नई दिल्ली के लिए रवाना हुए।




