Sunday, April 26, 2026

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बेड़ियां में पारंपरिक भगोरिया हाट की धूम, हजारों आदिवासी समाजजन हुए शामिल

ब्यूरो चीफ: आशाराम कुंडले, बेड़ियां भगोरिया खरगोन

बेड़ियां में पारंपरिक भगोरिया हाट का आयोजन उत्साह और उमंग के साथ संपन्न हुआ। मेले में हजारों की संख्या में आदिवासी समाजजन शामिल हुए और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पर्व का आनंद लिया।

भगोरिया हाट में युवाओं और युवतियों ने पारंपरिक वेशभूषा में भाग लिया। ढोल- मांदल की थाप पर पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किए गए, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल बन गया। हाट में स्थानीय हस्तशिल्प, आभूषण, कृषि उपकरण और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की दुकानों पर दिनभर चहल-पहल रही।

ग्रामीणों ने बताया कि भगोरिया हाट आदिवासी संस्कृति और परंपरा का महत्वपूर्ण उत्सव है, जो सामाजिक मेल-जोल और आपसी संबंधों को मजबूत करता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भगोरिया को लेकर कुछ भ्रांतियां फैलाई जाती हैं, जैसे “पान खिलाकर लड़की को भगा ले जाना” — जबकि यह पूर्णतः गलत धारणा है। भगोरिया हाट हमारे समाज का पारंपरिक बाजार एवं सामाजिक मिलन का उत्सव है। मेले में सुरक्षा और व्यवस्था के लिए प्रशासन द्वारा आवश्यक इंतजाम किए गए थे।

आयोजन के दौरान जयस छात्र संगठन जिला अध्यक्ष खरगोन एकाक डावर, जयस कार्यकारी अध्यक्ष बड़वाह अरविंद रावत, रोशन बघेल, मुकेश जमरे, रवि कुशवाह, शुभम चौहान, बिशनदेव सहित अन्य समाजजन उपस्थित रहे। पूरे आयोजन में उल्लास, पारंपरिक संगीत और सामुदायिक एकता की झलक देखने को मिली।

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बेड़ियां में पारंपरिक भगोरिया हाट की धूम, हजारों आदिवासी समाजजन हुए शामिल

ब्यूरो चीफ: आशाराम कुंडले, बेड़ियां भगोरिया खरगोन

बेड़ियां में पारंपरिक भगोरिया हाट का आयोजन उत्साह और उमंग के साथ संपन्न हुआ। मेले में हजारों की संख्या में आदिवासी समाजजन शामिल हुए और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पर्व का आनंद लिया।

भगोरिया हाट में युवाओं और युवतियों ने पारंपरिक वेशभूषा में भाग लिया। ढोल- मांदल की थाप पर पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किए गए, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल बन गया। हाट में स्थानीय हस्तशिल्प, आभूषण, कृषि उपकरण और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की दुकानों पर दिनभर चहल-पहल रही।

ग्रामीणों ने बताया कि भगोरिया हाट आदिवासी संस्कृति और परंपरा का महत्वपूर्ण उत्सव है, जो सामाजिक मेल-जोल और आपसी संबंधों को मजबूत करता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भगोरिया को लेकर कुछ भ्रांतियां फैलाई जाती हैं, जैसे “पान खिलाकर लड़की को भगा ले जाना” — जबकि यह पूर्णतः गलत धारणा है। भगोरिया हाट हमारे समाज का पारंपरिक बाजार एवं सामाजिक मिलन का उत्सव है। मेले में सुरक्षा और व्यवस्था के लिए प्रशासन द्वारा आवश्यक इंतजाम किए गए थे।

आयोजन के दौरान जयस छात्र संगठन जिला अध्यक्ष खरगोन एकाक डावर, जयस कार्यकारी अध्यक्ष बड़वाह अरविंद रावत, रोशन बघेल, मुकेश जमरे, रवि कुशवाह, शुभम चौहान, बिशनदेव सहित अन्य समाजजन उपस्थित रहे। पूरे आयोजन में उल्लास, पारंपरिक संगीत और सामुदायिक एकता की झलक देखने को मिली।

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