ब्यूरो चीफ: उमेश पाठक, रीवा
रीवा जिले में शासकीय कार्यों में कसावट लाने और कार्य संस्कृति में सुधार के उद्देश्य से कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी इन दिनों सख्त तेवर में नजर आ रहे हैं। इसी क्रम में बुधवार सुबह उन्होंने कलेक्ट्रेट कार्यालय एवं जिला पंचायत कार्यालय का औचक निरीक्षण किया, जिससे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर निर्धारित समय के बाद कार्यालय पहुंचे अधिकारी-कर्मचारियों पर नाराज दिखाई दिए। कई कर्मचारी अपने कक्षों से अनुपस्थित मिले, जिस पर उन्होंने कड़ी आपत्ति जताई। मौके पर ही देरी से आने वालों को बुलाकर कलेक्टर ने जमकर फटकार लगाई और समय की पाबंदी का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर सूर्यवंशी ने स्पष्ट कहा कि शासन द्वारा निर्धारित समय सुबह 10 बजे तक सभी अधिकारी और कर्मचारी अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले आम नागरिकों को कर्मचारियों की अनुपस्थिति के कारण परेशानी झेलनी पड़ती है, जो किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
इस दौरान अपर कलेक्टर सपना त्रिपाठी और जिला पंचायत सीईओ मेहताब सिंह गुर्जर भी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि देर से आने वाले कर्मचारियों की सूची तैयार कर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। साथ ही उपस्थिति रजिस्टर और बायोमेट्रिक अटेंडेंस की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
कलेक्टर ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में इस तरह के औचक निरीक्षण लगातार जारी रहेंगे। उनके इस सख्त रुख से प्रशासनिक तंत्र को साफ संदेश मिल गया है कि शासकीय सेवा में लापरवाही और अनुशासनहीनता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।




