Thursday, May 7, 2026

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महाराणा प्रताप के इतिहास से जुड़ने का अवसर, छात्रों में दिखा जोश और जिज्ञासा

ब्यूरो रिपोर्ट: राजेन्द्र खटीक

शाहपुरा, भीलवाड़ा।
स्थानीय राजेंद्र मार्ग विद्यालय में बुधवार को आयोजित कार्यक्रम में प्रकृति प्रेमी एवं पर्यावरणविद महेश नुवाल का आगमन हुआ। उनके विद्यालय पहुंचने पर विद्यालय परिवार द्वारा गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया।

मीडिया प्रवक्ता सत्येन्द्र माली ने जानकारी देते हुए बताया कि महेश नुवाल ने विद्यार्थियों को हल्दीघाटी युद्ध के 450 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर आयोजित होने वाली ‘मेवाड़ गौरव गाथा’ प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता के बारे में विस्तार से अवगत कराया। उन्होंने मेवाड़ के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डालते हुए वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप के शौर्य, पराक्रम और देशभक्ति की प्रेरणादायक गाथाएं साझा कीं।

इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को प्रतियोगिता में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएं न केवल ज्ञानवर्धन करती हैं, बल्कि युवाओं को अपने इतिहास और संस्कृति से जोड़ने का कार्य भी करती हैं।

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के प्रधानाचार्य राजेंद्र सिंह गहलोत ने महेश नुवाल का ‘उपर्णा’ ओढ़ाकर एवं ‘साफा’ पहनाकर पारंपरिक रूप से सम्मान किया।

इस अवसर पर प्राध्यापक राजेश कुमार शर्मा, भागचंद जैन सहित विद्यालय का समस्त स्टाफ एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

International

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महाराणा प्रताप के इतिहास से जुड़ने का अवसर, छात्रों में दिखा जोश और जिज्ञासा

ब्यूरो रिपोर्ट: राजेन्द्र खटीक

शाहपुरा, भीलवाड़ा।
स्थानीय राजेंद्र मार्ग विद्यालय में बुधवार को आयोजित कार्यक्रम में प्रकृति प्रेमी एवं पर्यावरणविद महेश नुवाल का आगमन हुआ। उनके विद्यालय पहुंचने पर विद्यालय परिवार द्वारा गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया।

मीडिया प्रवक्ता सत्येन्द्र माली ने जानकारी देते हुए बताया कि महेश नुवाल ने विद्यार्थियों को हल्दीघाटी युद्ध के 450 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर आयोजित होने वाली ‘मेवाड़ गौरव गाथा’ प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता के बारे में विस्तार से अवगत कराया। उन्होंने मेवाड़ के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डालते हुए वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप के शौर्य, पराक्रम और देशभक्ति की प्रेरणादायक गाथाएं साझा कीं।

इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को प्रतियोगिता में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएं न केवल ज्ञानवर्धन करती हैं, बल्कि युवाओं को अपने इतिहास और संस्कृति से जोड़ने का कार्य भी करती हैं।

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के प्रधानाचार्य राजेंद्र सिंह गहलोत ने महेश नुवाल का ‘उपर्णा’ ओढ़ाकर एवं ‘साफा’ पहनाकर पारंपरिक रूप से सम्मान किया।

इस अवसर पर प्राध्यापक राजेश कुमार शर्मा, भागचंद जैन सहित विद्यालय का समस्त स्टाफ एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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